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राशन की चीनी बंद किए जाने पर भड़का गुस्सा
Punch
Updated Mon, 09 Sep 2013 05:37 AM IST
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पुंछ। रविवार दोपहर को कनकोट की महिलाओं ने चीनी बहाल करने की मांग को लेकर प्रदर्शन करते हुए राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस मौके पर प्रदर्शनकारियों ने कहा कि राज्य सरकार गरीबों के जीवन से खिलवाड़ कर रही है। एक तरफ महंगाई आसमान छू रही है, तो दूसरी तरफ राशन पर मिलने वाली चीनी बंद कर दी गई है।
रविवार दोपहर बाद करीब दो बजे गांव कनकोट में दर्जनों की संख्या में महिलाएं एकत्र हुई, जहां उन्हाेंने राज्य सरकार, खाद्य एवं जन वितरण मंत्री और विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। इस दौरान महिलाओं ने राशन की चीनी बहाल करो बहाल करो, गरीबों का खून सूचना बंद करो, राज्य सरकार हाय-हाय, फूड एंड सप्लाई मंत्री हाय-हाय के नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान सलीमा बी, नुसरत बेगम, शकीला बानों, सायमा चौधरी आदि ने कहा कि हम राज्य सरकार की नीतियों की कड़ी निंदा करते हैं। एक तरफ सरकार अपने मंत्रियों के खर्चे बढ़ा रही है, तो दूसरी तरफ गरीब जनता को मिलने वाली राशन की चीनी तक बंद की जा रही है।
इसे सहन नहीं किया जाएगा। हम मांग करते हैं कि जल्द राशन की दुकानों पर पिछले साठ वर्षों से मिलने वाली चीनी बहाल की जाए।
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रविवार दोपहर बाद करीब दो बजे गांव कनकोट में दर्जनों की संख्या में महिलाएं एकत्र हुई, जहां उन्हाेंने राज्य सरकार, खाद्य एवं जन वितरण मंत्री और विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। इस दौरान महिलाओं ने राशन की चीनी बहाल करो बहाल करो, गरीबों का खून सूचना बंद करो, राज्य सरकार हाय-हाय, फूड एंड सप्लाई मंत्री हाय-हाय के नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान सलीमा बी, नुसरत बेगम, शकीला बानों, सायमा चौधरी आदि ने कहा कि हम राज्य सरकार की नीतियों की कड़ी निंदा करते हैं। एक तरफ सरकार अपने मंत्रियों के खर्चे बढ़ा रही है, तो दूसरी तरफ गरीब जनता को मिलने वाली राशन की चीनी तक बंद की जा रही है।
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इसे सहन नहीं किया जाएगा। हम मांग करते हैं कि जल्द राशन की दुकानों पर पिछले साठ वर्षों से मिलने वाली चीनी बहाल की जाए।