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जम्मू-कश्मीरः पंच और सरपंचों के फिर इस्तीफे शुरू
जम्मू/श्रीनगर/ब्यूरो
Updated Tue, 26 Feb 2013 09:24 AM IST
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कलांतरा में सरपंच जावेद अहमद वानी की हत्या के बाद कश्मीर में दोबारा पंच और सरपंचों के इस्तीफों का दौर शुरू हो गया है। हत्या के दूसरे दिन सोमवार को करीब एक दर्जन पंचायती नुमाइंदों ने इस्तीफों की घोषणा बारामुला जिले में कर दी। इस्तीफे देने वाले पंचायती नुमाइंदों ने स्थानीय अखबारों में बाकायदा इश्तिहार भी छपवाए हैं।
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हालांकि आधिकारिक तौर पर किसी भी पंच और सरपंच के इस्तीफे की पुष्टि नहीं हुई है। एक बार फिर से जम्मू-कश्मीर पंचायत कांफ्रेंस सरपंच वानी की हत्या के बाद राज्य की साझा सरकार के खिलाफ लामबंद हो गई है।
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मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपने ट्विट में कहा कि सरपंच जावेद अहमद वानी एक सुरक्षित पंचायती नुमाइंदा था। उसे राज्य पुलिस की तरफ से दो सुरक्षा कर्मी मुहैया कराए गए थे। इसके बावजूद उसकी हत्या कर दी गई। वारदात के समय सुरक्षा कर्मियों की गैर मौजूदगी जांच का विषय है। इस मामले में जांच जारी है।
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कांग्रेस नेता और सड़क एवं भवन निर्माण मंत्री अब्दुल मजीद वानी ने कहा कि कलांतरा में सरपंच की हत्या देश विरोधी तत्वों के हताशा का परिणाम है। निहत्थे और निर्दोष लोगों का कायरता से कत्ल करना उनकी हताश को दिखाता है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में आज भी ऐसे तत्व मौजूद हैं, जो राज्य में विकास नहीं चाहते।
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में पंचायत के सदस्यों पर आतंकवादी हमले होने के कारण बारामूला जिले में करीब 20 पंचों और सरपंचों ने अपनी ‘जान को खतरा’ होने का जिक्र करते हुए 13 जनवरी को इस्तीफा दे दिया था। बता दें कि पिछले 6 महीने में कश्मीर में पांच सरपंचों की हत्या हो चुकी है।