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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   PAGD: After the abrogation of Article 370, the claims of peace and development are fabricated, the people of Jammu and Kashmir are being weakened

पीएजीडी: अनुच्छेद 370 हटने के बाद शांति व विकास के दावे मनगढ़ंत, जम्मू-कश्मीर के लोगों को किया जा रहा कमजोर

Sat, 02 Oct 2021 11:18 AM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: करिश्मा चिब Updated Sat, 02 Oct 2021 11:18 AM IST
सार

इस दौरान प्रवक्ता बोले, केंद्रीय मंत्रालय की हालिया रिपोर्ट में किए गए दावे वास्तविकता से दूर। मुख्यधारा के छह सियायी दलों के गठबंधन पीएजीडी के प्रवक्ता एमवाई तारिगामी ने जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे की बहाली की मांग की।

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PAGD: After the abrogation of Article 370, the claims of peace and development are fabricated, the people of Jammu and Kashmir are being weakened
अनुच्छेद 370 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पीपुल्स अलायंस फॉर गुपकार डिक्लेरेशन (पीएजीडी) ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने के बाद वहां पर शांति और विकास के भारतीय जनता पार्टी के दावे मनगढ़ंत कहानियों के अलावा कुछ नहीं है क्योंकि जमीनी हालात अलग हैं। मुख्यधारा के छह सियायी दलों के गठबंधन पीएजीडी के प्रवक्ता एमवाई तारिगामी ने जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे की बहाली की मांग करते हुए कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा हाल में जारी रिपोर्ट एक देश, एक विधान, एक निशान का सपना साकार: अनुच्छेद 370 के प्रावधानों के हटने के बाद बदली तस्वीर, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में नई शुरुआत में जो दावे किए गए हैं वे वास्तविकता से कहीं दूर हैं।

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रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने से नए उद्योगों के लिए रास्ता बना है, रोजगार के नए अवसरों का सृजन हुआ, आतंकवादी गतिविधियों में कमी आई, शांति एवं सुरक्षा का माहौल बना, लोकतंत्र मंजबूत हुआ, भ्रष्टाचार का सफया हुआ और क्षेत्र के लोगों की बेहतरी के लिए नए केंद्रीय कानून आए। तारिगामी ने कहा कि उक्त दावे मनगढंत कहानियों के अलावा और कुछ नहीं हैं  और जमीनी हालात इन दावों को झूठलाते हैं। दावे सचाई से दूर हैं। वास्तविकता तो यह है कि जम्मू-कश्मीर के लोगों को सुनियोजित तरीके से कमजोर किया जा रहा है और यह अफ सरशाही शासन के जरिये लगातार किया जा रहा है।
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पुस्तिका में वर्णित परियोजनाएं पूर्ववर्ती सरकार की
पुस्तिका में जिन परियोजनाओं का जिक्र किया गया है उनमें से अधिकांश पूर्ववर्ती सरकारों ने मंजूर की थीं लेकिन इन्हें अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने का परिणाम बताया गया है। तारिगामी ने कहा कि वास्तविकता यह है कि नाशरी टनल, जोजिला टनल, 50 डिग्री कॉलेजों की स्थापना और विभिन्न मेडिकल कॉलेज अनुच्छेद 370 के निरस्त होने से बहुत पहले स्वीकृत परियोजनाएं हैं।

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 नवंबर 2015 को श्रीनगर में पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार के दौरान लगभग 80000 करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की जिसे सामाजिक-आर्थिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए जाना जाता है। दावा किया जाता है कि तत्कालीन राज्य के पुनर्गठन के बाद जम्मू-कश्मीर में 58477 करोड़ रुपये की 53 परियोजनाओं और लद्दाख में 21441 करोड़ रुपये की नौ परियोजनाओं पर काम चल रहा है जो पीएम पैकेज का हिस्सा है। पूछा कि आप इस प्रगति का श्रेय अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के लिए कैसे दे सकते हैं?

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