J&K Weather: चिल्ले कलां के 25 दिन में बारिश न बर्फबारी, झेलम का जलस्तर गिरा; आज के लिए येलो अलर्ट जारी
विशेषज्ञों के अनुसार शुष्क मौसम में नदियों का जलस्तर गिरने से पेयजल किल्लत बढ़ेगी। इस मौसम में अमूमन गुलमर्ग स्की रिसॉर्ट बर्फ से जमा रहता था। कश्मीर के अधिकांश मैदानी इलाकों में बर्फबारी नहीं हुई है तो वहीं घाटी के ऊपरी इलाकों में सामान्य से कम बर्फबारी हुई है।
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कश्मीर में चिल्ले कलां के 25 दिन बीत चुके हैं। बारिश न होने से झेलम सूखने लगी है। कश्मीर की लाइफ लाइन इस नदी का जलस्तर सोमवार को इतिहास में सबसे नीचे के स्तर पर पहुंच गया। अनंतनाग के संगम में नदी वर्तमान में -0.75 फीट और आशम में -0.86 फीट पर बह रही है। इससे पूर्व नवंबर 2017 में भी संगम में इस तरह से स्तर गिरा था, पर सोमवार को यह आलटाइम नीचे रहा।
वहीं, कोहरे के कारण 11 फ्लाइटों में देरी व तीन रद्द रहीं। 14 ट्रेनें भी लेटलतीफ रहीं। एक ट्रेन रद्द करनी पड़ी। सोमवार को जम्मू में दिन का तापमान सामान्य से 7.1 डिग्री नीचे 10.8 डिग्री सेल्सियस के साथ पहलगाम (अधिकतम 14.1) और श्रीनगर (अधिकतम 13.6) से ठंडा रहा, जबकि न्यूनतम पारा तीन डिग्री रहा। कश्मीर के अधिकतर जिलों में रात का तापमान शून्य डिग्री से नीचे चल रहा है। लेकिन दिन का पारा सामान्य से 8 से 10 डिग्री ऊपर है। विशेषज्ञों के अनुसार शुष्क मौसम में नदियों का जलस्तर गिरने से पेयजल किल्लत बढ़ेगी। इस मौसम में अमूमन गुलमर्ग स्की रिसॉर्ट बर्फ से जमा रहता था। कश्मीर के अधिकांश मैदानी इलाकों में बर्फबारी नहीं हुई है तो वहीं घाटी के ऊपरी इलाकों में सामान्य से कम बर्फबारी हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार 16 व 17 जनवरी को कुछ पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है।
जम्मू में कड़ाके की ठंड से राहत नहीं मिल पाई है। हालांकि दिन में धूप खिली, लेकिन शरीर को कंपकंपा देने वाली ठंड भी जारी रही। बीती रात का तापमान सामान्य से 4.0 डिग्री गिरकर 3.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उत्तर भारत में कोहरे से ट्रेनों और हवाई उड़ानों में लेटलतीफी जारी है।
ठंड ने तोड़ा रिकॉर्ड, 9 साल बाद ऊना का पारा माइनस 1.8 डिग्री
हिमाचल के दो जिले मंडी और ऊना शीतलहर की चपेट में आ गए हैं। दोनों जिलों में रविवार रात को न्यूनतम पारा माइनस में रिकॉर्ड हुआ। ऊना में करीब 9 साल बाद ऊना में तापमान शून्य से भी नीचे पहुंचा है। इससे ऊना ठिठुरन बढ़ गई हैं। इस सीजन में ठंड के बीच रिकॉर्ड तोड़ते हुए न्यूनतम पारा -1.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। इससे पूर्व साल 2015 में -1.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। रविवार को ऊना में अधिकतम 18.2 और न्यूनतम 3.5 डिग्री तापमान रहा।
जबकि प्रदेश के अन्य मैदानी जिलों कांगड़ा, बिलासपुर, हमीरपुर सहित सोलन और सिरमौर के कई क्षेत्रों में सोमवार सुबह और शाम को भी घना कोहरा छाया रहा। मंगलवार को कोहरा छाए रहने का येलो अलर्ट जारी हुआ है। प्रदेश के मध्य और उच्च पर्वतीय आठ जिलों किन्नौर, लाहौल-स्पीति, कुल्लू, चंबा, शिमला, सोलन, सिरमौर और मंडी में मंगलवार और बुधवार को बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में बदलाव आने का पूर्वानुमान है। रविवार रात को कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान माइनस 9.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। छह अन्य क्षेत्रों का न्यूनतम पारा भी माइनस में दर्ज हुआ।
सोमवार को राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अधिकांश पहाड़ी क्षेत्रों में धूप खिली रही। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि मैदानी क्षेत्रों में घना कोहरा छाए रहने से न्यूनतम तापमान में कमी दर्ज हुई है। ऊना और मंडी के कई क्षेत्रों में इस कारण शीतलहर भी बढ़ी है। मंगलवार को भी यह सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
कोहरा छाए रहने से कई जगह विजिबिलिटी 150 से 200 मीटर तक ही है। मंगलवार को प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के आसार बन रहे हैं। इसके चलते ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और अन्य क्षेत्रों में बारिश होने का पूर्वानुमान है। जबकि 18 से 21 जनवरी तक पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहेगा।