{"_id":"619e82c35e26af37a36a6c09","slug":"workers-demonstrated-in-dc-office-premises-kathua-news-jmu248519462","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीसी कार्यालय परिसर में मजदूरों ने किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीसी कार्यालय परिसर में मजदूरों ने किया प्रदर्शन
विज्ञापन
कर्मचारी भविष्य निधि में जमा पैसों की अदायगी और राशन से जुड़ी समस्या को लेकर डीसी कार्यालय परिसर
- फोटो : KATHUA
कठुआ। भविष्य निधि में जमा पैसे की निकासी व राशन की समस्या को लेकर प्रवासी मजदूरों ने डीसी कार्यालय परिसर में जोरदार नारेबाजी करते हुए अपने गुस्से का इजहार किया। अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी कर रहे मजदूरों ने जिला प्रशासन से उनकी समस्या का समाधान किए जाने की मांग की है।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे मजदूर सुरेश यादव ने कहा कि पिछले करीब दो सालों से मजदूरों के भविष्य निधि में जमा पैसों की अदायगी नही हो रही। संबंधित विभाग से जब इस बारे में बात की जाती है तो वहां सभी मजदूरों के रिकार्ड आनलाइन होने की प्रक्रिया जारी रहने की बात कह कर पल्ला झाड़ लिया जाता है। उन्होंने कहा कि थोड़े से वेतन में गुजर बसर करने वाले मजदूर वर्ग के पास अपनी बड़ी जिम्मेदारी को निभाने के लिए यही पैसे होते हैं। जिसकी अदायगी न होने के मजदूर बड़ी परेशानी में फंसे हुए हैं। कई मजदूरों के घरों में शादी-विवाह के कार्यक्रम हैं। ईपीएफ के रुपये न मिलने से मजदूर परेशान हैं। वहीं कई मजदूरों का काम कोरोना के कारण प्रभावित हो गया है। ऐसे में वह अपनी रोजी-रोटी की गाड़ी को आगे चलाने के लिए कर्मचारी भविष्य निधि में जमा पैसे का आसरा लगा कर बैठे हैं। लेकिन वहां से भी मजदूरों को कोई सहारा नही मिल पा रहा है। उन्होंने जिला प्रसाशन से मजदूरों की इस बड़ी समस्या का समाधान किए जाने की मांग की। वहीं प्रदर्शनकारियों में शामिल सीता राम ने कहा कि केंद्र सरकार के आदेश के बाद जम्मू कश्मीर में रहने वाले प्रवासी मजदूरों को सरकारी राशन डिपो से राशन मिलने लगा हुआ था, लेकिन पिछले दो माह से राशन डिपो से उन्हें यह कहकर वापस भेजा जा रहा है कि उनके कोटे का राशन नही आ रहा है। जिससे कठुआ जिला में अलग-अलग स्थानों पर रह रहे करीब 30 प्रवासी मजदूर प्रभावित हो रहे है। उन्होंने प्रवासी मजदूरों के राशन उपलब्ध कराए जाने की मांग की।
वहीं इस मौके पर मौजूद भाजपा के पूर्व जिला प्रधान प्रेमनाथ डोगरा ने मजदूरों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर के विकास में अहम योगदान देने वाले इन मजदूरों की समस्या के प्रति अधिकारियों का रवैया अजीब लग रहा है। मजदूरों को पिछले दो साल से रिकार्ड आनलाइन न होने के कारण कर्मचारी भविष्य निधि में जमा पैसे नही मिल पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों के उच्चाधिकारियों को उनकी लाखों की तनख्वाह हर माह मिलने के कारण वह मजदूरों की परेशानी के प्रति गंभीर नही है। वहीं उन्होंने राशन की समस्या के बारे में कहा कि इसके लिए वह अभी एडी फूड से मिलेंगे ताकि मजदूरों की समस्या का समाधान किया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे मजदूर सुरेश यादव ने कहा कि पिछले करीब दो सालों से मजदूरों के भविष्य निधि में जमा पैसों की अदायगी नही हो रही। संबंधित विभाग से जब इस बारे में बात की जाती है तो वहां सभी मजदूरों के रिकार्ड आनलाइन होने की प्रक्रिया जारी रहने की बात कह कर पल्ला झाड़ लिया जाता है। उन्होंने कहा कि थोड़े से वेतन में गुजर बसर करने वाले मजदूर वर्ग के पास अपनी बड़ी जिम्मेदारी को निभाने के लिए यही पैसे होते हैं। जिसकी अदायगी न होने के मजदूर बड़ी परेशानी में फंसे हुए हैं। कई मजदूरों के घरों में शादी-विवाह के कार्यक्रम हैं। ईपीएफ के रुपये न मिलने से मजदूर परेशान हैं। वहीं कई मजदूरों का काम कोरोना के कारण प्रभावित हो गया है। ऐसे में वह अपनी रोजी-रोटी की गाड़ी को आगे चलाने के लिए कर्मचारी भविष्य निधि में जमा पैसे का आसरा लगा कर बैठे हैं। लेकिन वहां से भी मजदूरों को कोई सहारा नही मिल पा रहा है। उन्होंने जिला प्रसाशन से मजदूरों की इस बड़ी समस्या का समाधान किए जाने की मांग की। वहीं प्रदर्शनकारियों में शामिल सीता राम ने कहा कि केंद्र सरकार के आदेश के बाद जम्मू कश्मीर में रहने वाले प्रवासी मजदूरों को सरकारी राशन डिपो से राशन मिलने लगा हुआ था, लेकिन पिछले दो माह से राशन डिपो से उन्हें यह कहकर वापस भेजा जा रहा है कि उनके कोटे का राशन नही आ रहा है। जिससे कठुआ जिला में अलग-अलग स्थानों पर रह रहे करीब 30 प्रवासी मजदूर प्रभावित हो रहे है। उन्होंने प्रवासी मजदूरों के राशन उपलब्ध कराए जाने की मांग की।
विज्ञापन
वहीं इस मौके पर मौजूद भाजपा के पूर्व जिला प्रधान प्रेमनाथ डोगरा ने मजदूरों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर के विकास में अहम योगदान देने वाले इन मजदूरों की समस्या के प्रति अधिकारियों का रवैया अजीब लग रहा है। मजदूरों को पिछले दो साल से रिकार्ड आनलाइन न होने के कारण कर्मचारी भविष्य निधि में जमा पैसे नही मिल पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों के उच्चाधिकारियों को उनकी लाखों की तनख्वाह हर माह मिलने के कारण वह मजदूरों की परेशानी के प्रति गंभीर नही है। वहीं उन्होंने राशन की समस्या के बारे में कहा कि इसके लिए वह अभी एडी फूड से मिलेंगे ताकि मजदूरों की समस्या का समाधान किया जा सके।
विज्ञापन