{"_id":"67b78d6f7aef2f2d1a006b71","slug":"work-stop-under-jal-jeevan-mission-due-to-non-pay-of-contractors-kathua-news-c-201-1-knt1008-117604-2025-02-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kathua News: जिले में 80 करोड़ की देनदारी तले दबा जल जीवन मिशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kathua News: जिले में 80 करोड़ की देनदारी तले दबा जल जीवन मिशन
विज्ञापन
ठेकेदार बकायादारी के संबंध में जानकारी देते हुए
- 64 फीसदी परियोजनाएं अटकीं, काम की रफ्तार हुई धीमी
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। केंद्र सरकार की जल जीवन मिशन परियोजना जिले में 80 करोड़ रुपये की भारी भरकम देनदारी के तले दब गई है। जिले में 64 फीसदी परियोजनाएं अब 60 से 80 प्रतिशत काम पूरा होने के बाद अटक गई हैं। ज्यादातर में मशीनों की खरीद के लिए राशि ही उपलब्ध नहीं है। गर्मी के मौसम में लोगों को राहत मिलने के आसार दिखाई नहीं दे रहे हैं।
जिले में करीब 14 सौ करोड़ की लागत से जल जीवन मिशन के तहत निर्माण के कार्य शुरू किए गए थे। इसके लिए 303 योजनाओं में अब तक 112 योजनाओं के तहत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। लेकिन शेष 191 योजनाओं का काम धीमा हो गया है। अंतिम चरण में चलने वाले इस काम में सबसे ज्यादा काम मेकैनिकल स्तर के बकाया हैं।
बता दें कि बकाया चल रहे 80 करोड़ में 30 से 35 करोड़ मेकैनिकल के, 25 से 30 करोड़ सिविल के और शेष राशि ग्राउंड वाटर डिपार्टमेंड के बकाया हैं। जहां पिछले दो माह से कोई भी राशि जारी नहीं हुई है। ऐसे हालात में इतनी बड़ी योजना होने के बावजूद गर्मी में लोगों को परेशान होना पड़ेगा। वहीं, इस काम को अंजाम देने वाले ठेकेदार भी भुगतान के लिए दर बदर हो रहे हैं। जल शक्ति विभाग के कार्यकारी अभियंता गिरधारी लाल गुप्ता ने बताया कि 80 करोड़ की देनदारी जिले में है। जिससे काम की गति थोड़ी धीमी हुई है। उम्मीद है कि जल्द राशि जारी होगी और अगले चरण के काम पूरे हो सकेंगे।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
भुगतान न होने के कारण ठेकेदार हो रहे हैं दरबदर
योजना के तहत पिछले दो माह से भुगतान बंद होने के कारण योजना को जमीनी स्तर पर अमलीजामा पहले वाले ठेकेदारों की परेशानी बढ़ गई है। ठेकेदारों ने सरकार से योजना के फंड जारी करने की मांग की है। योजना के तहत रुके हुए फंड से आ रही परेशानी को लेकर आयोजित पत्रकारवार्ता में ठेकेदार पुरुषोत्तम सिंह ने योजना के पूरे होने से आने वाले कई दशकों तक लोगों को पेयजल की समस्या नहीं आएगी। ठेकेदारों ने भी इस काम को मिशनरी ट्रीटमेंट देकर आगे बढ़ाया।
कहा कि अब जब 60 से 80 प्रतिशत तक काम हो चुका है तो भुगतान न होने से ठेकेदार परेशान हैं, वहीं योजना का काम रुक जाने से जिन लोगों की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान होना था। उन्हें भी इसके लाभ ने वंचित कर दिया है। उन्होंने सरकार से योजना को जल्द पूरा करने के लिए इसके लिए फंड जारी किए जाने की मांग की।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। केंद्र सरकार की जल जीवन मिशन परियोजना जिले में 80 करोड़ रुपये की भारी भरकम देनदारी के तले दब गई है। जिले में 64 फीसदी परियोजनाएं अब 60 से 80 प्रतिशत काम पूरा होने के बाद अटक गई हैं। ज्यादातर में मशीनों की खरीद के लिए राशि ही उपलब्ध नहीं है। गर्मी के मौसम में लोगों को राहत मिलने के आसार दिखाई नहीं दे रहे हैं।
जिले में करीब 14 सौ करोड़ की लागत से जल जीवन मिशन के तहत निर्माण के कार्य शुरू किए गए थे। इसके लिए 303 योजनाओं में अब तक 112 योजनाओं के तहत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। लेकिन शेष 191 योजनाओं का काम धीमा हो गया है। अंतिम चरण में चलने वाले इस काम में सबसे ज्यादा काम मेकैनिकल स्तर के बकाया हैं।
विज्ञापन
बता दें कि बकाया चल रहे 80 करोड़ में 30 से 35 करोड़ मेकैनिकल के, 25 से 30 करोड़ सिविल के और शेष राशि ग्राउंड वाटर डिपार्टमेंड के बकाया हैं। जहां पिछले दो माह से कोई भी राशि जारी नहीं हुई है। ऐसे हालात में इतनी बड़ी योजना होने के बावजूद गर्मी में लोगों को परेशान होना पड़ेगा। वहीं, इस काम को अंजाम देने वाले ठेकेदार भी भुगतान के लिए दर बदर हो रहे हैं। जल शक्ति विभाग के कार्यकारी अभियंता गिरधारी लाल गुप्ता ने बताया कि 80 करोड़ की देनदारी जिले में है। जिससे काम की गति थोड़ी धीमी हुई है। उम्मीद है कि जल्द राशि जारी होगी और अगले चरण के काम पूरे हो सकेंगे।
विज्ञापन
भुगतान न होने के कारण ठेकेदार हो रहे हैं दरबदर
योजना के तहत पिछले दो माह से भुगतान बंद होने के कारण योजना को जमीनी स्तर पर अमलीजामा पहले वाले ठेकेदारों की परेशानी बढ़ गई है। ठेकेदारों ने सरकार से योजना के फंड जारी करने की मांग की है। योजना के तहत रुके हुए फंड से आ रही परेशानी को लेकर आयोजित पत्रकारवार्ता में ठेकेदार पुरुषोत्तम सिंह ने योजना के पूरे होने से आने वाले कई दशकों तक लोगों को पेयजल की समस्या नहीं आएगी। ठेकेदारों ने भी इस काम को मिशनरी ट्रीटमेंट देकर आगे बढ़ाया।
कहा कि अब जब 60 से 80 प्रतिशत तक काम हो चुका है तो भुगतान न होने से ठेकेदार परेशान हैं, वहीं योजना का काम रुक जाने से जिन लोगों की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान होना था। उन्हें भी इसके लाभ ने वंचित कर दिया है। उन्होंने सरकार से योजना को जल्द पूरा करने के लिए इसके लिए फंड जारी किए जाने की मांग की।