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काम पुलिस का, वेतन महज 545 रुपये
अमर उजाला/कठुआ
Updated Fri, 18 Mar 2016 01:37 AM IST
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पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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पुलिस कर्मचारियों की तरह वेतन और अन्य सुविधाएं देने की मांग कर रहे होमगार्डों ने वीरवार को सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी होमगार्ड कर्मचारियों ने कहा कि हाईकोर्ट द्वारा सुनवाए गए फैसले को भी सरकार ने लागू नहीं किया और अब गर्वनर भी उस फैसले पर कोई गौर नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें महीने में 545 रुपये बतौर वेतन मिलते हैं, जो किसी भी रूप में सही नहीं है। ऐसे में यदि जल्द ही उनकी मांगें पूरी नहीं की गई तो वह उग्र रुख अपनाने को मजबूर होंगे।
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प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे संदीप कुमार, शोभा सिंह ने कहा कि होमगार्ड कर्मचारियों ने पुलिस कर्मचारियों जैसा काम लिया जाता है और उन्हें आपदा के दौरान भी कार्य करने के लिए भेजा जाता है। लेकिन वेतन के नाम पर उन्हें केवल 545 रुपये ही दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि इतने कम पैसों में उनके घर का खर्चा नहीं चलता है। इसके लिए वह कई बार विभिन्न नेताओं के साथ राज्य सरकार के साथ केंद्र सरकार के गृह मंत्री को भी ज्ञापन सौंप चुके हैं। लेकिन किसी ने भी उनकी मांग पर गौर नहीं किया।
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उन्होंने बताया कि जम्मू हाई कोर्ट ने पंद्रह दिसंबर 2015 को उनकी मांग पूरी करने के लिए सरकार को दो महीने का समय दिया था। लेकिन सरकार ही नहीं रही और न ही गवर्नर ने कोर्ट के फैसले पर गौर किया। ऐसे में उन्हें फिर से एक बार संघर्ष का रास्ता अपनाने को मजबूर होना पड़ा। लेकिन सरकार या फिर विभाग को उनकी कोई परवाह नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा ही रहा तो उन्हें मजबूर उग्र रुख अपनाना होगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जल्द से जल्द कोर्ट का फैसला लागू किया जाए ताकि वह भी सुरक्षित महसूस कर सके।
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