बिलावर। उपमंडल के मौसम में रोजाना उतार-चढ़ाव की वजह से गेहूं उत्पादकों की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। शनिवार दोपहर बाद तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी हुई तो किसानों की धड़कनें तेज हो गई। बूंदाबांदी से फसल में नमी की वजह से शनिवार को दोपहर बाद गेहूं की कटाई रुक गई। वहीं थ्रेशिंग का काम भी प्रभावित हो गया। कई किसानों ने फसल को तिरपाल से ढक कर बचाया।
किसान प्रेम सिंह, शुभम कुमार, दीपचंद, रामलाल ने बताया कि पिछले 3 दिनों में इलाके में तीन बार बूंदाबांदी हो चुकी है। किसानों का कहना है कि फसल सूख कर काटने लायक हो, उससे पहले ही बूंदाबांदी हो जाती है। इससे नमी बढ़ जाती है और कटाई का काम प्रभावित हो जाता है। किसानों ने बताया के पिछले 3 दिनों में तीन बार आंधी आने और बूंदाबांदी की वजह से गेहूं की फसल को करीब 20% तक का नुकसान हो चुका है। किसानों ने कहा के फसल पक कर तैयार है, ऐसे में ओलावृष्टि सबसे ज्यादा नुकसानदायक साबित हो सकती है। बता दें कि उपमंडल के ज्यादातर इलाकों में आज तक सरकार की ओर से सिंचाई की व्यवस्था नहीं की गई है और इलाके के 90% से अधिक किसान फसलें उगाने के लिए केवल बारिश के पानी पर ही निर्भर रहते हैं। मौसम अनुकूल रहने पर कई बार फसल की अच्छी पैदावार हो जाती है लेकिन विपरीत परिस्थितियों में कई बार किसानों को नुकसान भी उठाना पड़ता है।