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सप्ताहांत बंदी का नहीं हुआ पालन, खुला रहा बाजार
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शुक्रवार को दोपहर 2 बजे के बाद भी मुखर्जी चौक में खुली रही दुकानें। संवाद
- फोटो : KATHUA
कठुआ। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए शासन की ओर से जारी आदेश के बाद लगने वाला सप्ताहांत बंदी शहर में पूरी तरह से निष्प्रभावी रहा। इस दौरान शहर के मुख्य बाजार सहित कई अन्य स्थानों पर सभी दुकानें खुली रही। हालांकि दोपहर के बाद ग्राहकों की आमद काफी कम रही। जिसके कारण दुकानदारों ने शाम होने के बाद खुद ही दुकानों को बंद करना शुरू कर दिया। वहीं कई दुकानें शाम 7 बजे तक खुली रही।
दुकानदार पवन कुमार ने बताया कि शुक्रवार की सुबह पुलिस द्वारा लाउडस्पीकर के माध्यम से शहर में दोपहर 2 बजे से सप्ताहांत बंदी लगाए जाने की घोषणा की थी। लेकिन दोपहर 2 बजे के बाद न तो कोई पुलिसकर्मी बाजार बंद करवाने आया और न ही प्रशासन। जिसके बाद बाजार में अफवाह फैली की प्रशासन ने शाम 6 बजे तक दुकानों को खोलने की अनुमति दी है। ऐसे में सभी दुकानें खुली रही। हालांकि पूर्व में घोषित दोपहर 2 बजे लगने वाले बंदी की घोषणा के बाद बाजार से ग्राहक गायब हो गए। इक्का-दुक्का आ रहे ग्राहकों के कारण दुकानदारों ने दुकानें खोले रखी है। शनिवार के लिए भी दुकानदारों में संशय बना हुआ है।
वहीं भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य व जिला में पार्टी की ओर से कोरोना के लिए बनाई गई इकाई के समन्वयक डॉ नरेंद्र सिंह जसरोटिया ने सप्ताहांत बंदी के प्रभावी न होने के लिए प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि डीसी कठुआ ने अपने वीडियो संदेश के माध्यम से दोपहर 2 बजे के बाद बंदी की घोषणा करते हुए कहा था कि अगर कोई दुकानदार बंदी का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ प्रशासन कड़ी कार्रवाई करेगा। लेकिन पूरा दिन खुले बाजार में कोई भी प्रशासनिक अधिकारी नहीं दिखाई दिया है। उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन का रवैया कोरोना के प्रति इसी तरह बना रहा तो हम कोरोना की जंग को कैसे जीतेंगे? यह विचारणीय प्रश्न है।
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दुकानदार पवन कुमार ने बताया कि शुक्रवार की सुबह पुलिस द्वारा लाउडस्पीकर के माध्यम से शहर में दोपहर 2 बजे से सप्ताहांत बंदी लगाए जाने की घोषणा की थी। लेकिन दोपहर 2 बजे के बाद न तो कोई पुलिसकर्मी बाजार बंद करवाने आया और न ही प्रशासन। जिसके बाद बाजार में अफवाह फैली की प्रशासन ने शाम 6 बजे तक दुकानों को खोलने की अनुमति दी है। ऐसे में सभी दुकानें खुली रही। हालांकि पूर्व में घोषित दोपहर 2 बजे लगने वाले बंदी की घोषणा के बाद बाजार से ग्राहक गायब हो गए। इक्का-दुक्का आ रहे ग्राहकों के कारण दुकानदारों ने दुकानें खोले रखी है। शनिवार के लिए भी दुकानदारों में संशय बना हुआ है।
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वहीं भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य व जिला में पार्टी की ओर से कोरोना के लिए बनाई गई इकाई के समन्वयक डॉ नरेंद्र सिंह जसरोटिया ने सप्ताहांत बंदी के प्रभावी न होने के लिए प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि डीसी कठुआ ने अपने वीडियो संदेश के माध्यम से दोपहर 2 बजे के बाद बंदी की घोषणा करते हुए कहा था कि अगर कोई दुकानदार बंदी का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ प्रशासन कड़ी कार्रवाई करेगा। लेकिन पूरा दिन खुले बाजार में कोई भी प्रशासनिक अधिकारी नहीं दिखाई दिया है। उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन का रवैया कोरोना के प्रति इसी तरह बना रहा तो हम कोरोना की जंग को कैसे जीतेंगे? यह विचारणीय प्रश्न है।
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