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Kathua News: बाॅर्डर से लेकर पहाड़ों तक आतंक को चोट, लोगों ने लोकतंत्र की मजबूती के लिए किया वोट
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कठुआ। भारत पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से लेकर जिले के दूर दराज पहाड़ी इलाकों में आतंकवाद पर गहरी चोट करते हुए लोगों ने खुलकर मतदान किया।
लोकतंत्र की मजबूती के लिए सुबह छह बजे से ही लोग घरों से निकले। सात बजे शुरू होने वाली मतदान की प्रक्रिया के समय कई मतदान केंद्रों पर लंबी लंबी कतारें लगीं। खास तौर से आतंकवाद का दंश झेलने वाले हीरानगर विधानसभा क्षेत्र और इन दिनों आतंकवाद को काफी करीब से महसूस कर रहे बनी और बिलावर के इलाकों में रिकार्डतोड़ वोटिंग हुई। जिले में सुरक्षा को लेकर भी चाक चौबंद प्रबंध सुनिश्चित किए गए थे। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बीएसएफ के बाद सेना, अर्ध सैनिक बल और पुलिस की ओर से जहां कड़ी निगरानी रखी गईए वहीं मतदान के दौरान भी जिले के पहाड़ी इलाकों में आतंक विरोधी अभियान जारी रहे।
जिले के 704 मतदान केंद्रों में कहीं विकास तो कहीं बदलाव को लेकर लोग कतारों में लगे नजर आए। विधानसभा के इन चुनाव में साइलेंट वोटरों का एक बड़ा तबका भी देखने को मिला। जिले में दर्ज 506679 मतदाताओं में से कुल तीन लाख 71 हजार 572 मतदाताओं ने विधानसभा चुनाव में मतदान किया। इनमें 182623 पुरुष और 188946
मतदाता शामिल रहे। उधर, तीन ट्रांस्जेंडर वोटरों ने भी विधानसभा में अपने प्रत्याशी को चुनने के लिए मतदान किया। इस दौरान कुल 73.33 फीसदी मतदान दर्ज हुआ, जो 2014 के विधानसभा चुनाव से लगभग पांच फीसदी कम रहा। मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शाम के समय मतदान केंद्रों से ईवीएम को राजकीय डिग्री कॉलेज स्थित स्ट्रांग रूम में पहुंचाने का सिलसिला भी शुरू हो गया। कड़े सुरक्षा पहरे के बीच दूर दराज इलाकों से ईवीएम पहुंचने शुरू हुए। बनी और बिलावर विधानसभा क्षेत्रों से ईवीएम जहां बुधवार को कठुआ पहुंचेंगी, वहीं हीरानगर, जसरोटा, बसोहली और कठुआ आरक्षित सीट से चुनाव कर्मी मतदान के बाद देर रात तक डिग्री कॉलेज में बने स्ट्रांग रूम तक ईवीएम जमा करवाने में जुटे रहे। चुनाव में भाग लेने वाले प्रत्याशी और उनके प्रतिनिधियों ने भी डिग्री काॅलेज में डेरा डाल लिया है। स्ट्रांग रूम को सील किए जाने के बाद आठ अक्तूबर को जिले के 35 उम्मीदवारों के भविष्य का फैसला होगा।
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समय बढ़ने के साथ बढ़ता गया मतदाताओं का उत्साह
सुबह सात बजे से नौ बजे तक पहले दो घंटे में ही पहाड़ी इलाकों में वोटों की बौछार शुरू हो गई। बनी विधानसभा हलके में सुबह नौ बजे 14.38, बिलावर में 13.90, बसोहली में 11.67, जसरोटा में 13.90 , कठुआ एससी में 11.50 और हीरानगर में 13.49 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मतदान का दौर अगले दो घंटे में और भी बढ़ गया। इस दौरान मतदान प्रतिशत बनी में 34.92, बिलावर में 34.4, बसोहली में 30.44, जसरोटा में 32.70, कठुआ एससी में 28.63 और हीरानगर में 31.35 प्रतिशत तक पहुंच गया। दोपहर तीन बजे बनी में 64.64, बिलावर में 62.74, बसोहली में 60.50, जसरोटा में 63.61, कठुआ एससी में 61.21 और हीरानगर में 62.51 प्रतिशत मतदान हो चुका था। आखिर के तीन घंटों में मतदान जिले के मैदानी इलाकों में और तेज हो गया और पहाड़ी इलाकों को पछाड़ते हुए कठुआ एससी विधानसभा क्षेत्र में जिले का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत दर्ज किया गया।
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कठुआ में 54, नगरी में 73 और लखनपुर में 62 फीसदी ने किया मतदान
तीन बड़ी निकायों वाली कठुआ अनुसूचित आरक्षित सीट पर जिले की सबसे बड़ी निकाय में सबसे कम मतदान प्रतिशत दर्ज किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार कठुआ की 21 वार्ड वाली नगर परिषद में मात्र 54 प्रतिशत मतदाता ही विधानसभा चुनाव में अपना प्रत्याशी चुनने के लिए घरों से निकले। शहर में मतदाताओं का एक बड़ा वर्ग व्यवसाय भी जुड़ा है। उधर, अनुसूचित जाति बहुल नगरी परोल निकाय में बंपर 73 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई है, जबकि लखनपुर निकाय में 62 प्रतिशत वोट डाले गए हैं। शहर के बाजारों में जहां चुनाव को लेकर आम तौर पर होने वाली चर्चा और सजने वाली नुक्कड़ बैठकें मंगलवार को ज्यादा देखने को नहीं मिलीं, वहीं बाजार भी आम दिनों के मुकाबले फीके रहे। कठुआ नगर परिषद में इस बार हुई यह वोटिंग इसी साल हुए लोकसभा चुनाव में इन वार्डों में हुए लगभग 68 फीसदी मतदान से 14 प्रतिशत कम है।
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2014
विधानसभा क्षेत्र हुआ मतदान
कठुआ 80.66
हीरानगर एससी 72.34
बिलावर 77.15
बसोहली 73.70
बनी 78.99
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2024 मतदान प्रतिशत
बनी 72.73
बिलावर 72.01
बसोहली 69.37
जसरोटा 74.36
कठुआ एससी 75.53
हीरानगर 74.55
कुल 73.33
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लोकतंत्र की मजबूती के लिए सुबह छह बजे से ही लोग घरों से निकले। सात बजे शुरू होने वाली मतदान की प्रक्रिया के समय कई मतदान केंद्रों पर लंबी लंबी कतारें लगीं। खास तौर से आतंकवाद का दंश झेलने वाले हीरानगर विधानसभा क्षेत्र और इन दिनों आतंकवाद को काफी करीब से महसूस कर रहे बनी और बिलावर के इलाकों में रिकार्डतोड़ वोटिंग हुई। जिले में सुरक्षा को लेकर भी चाक चौबंद प्रबंध सुनिश्चित किए गए थे। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बीएसएफ के बाद सेना, अर्ध सैनिक बल और पुलिस की ओर से जहां कड़ी निगरानी रखी गईए वहीं मतदान के दौरान भी जिले के पहाड़ी इलाकों में आतंक विरोधी अभियान जारी रहे।
जिले के 704 मतदान केंद्रों में कहीं विकास तो कहीं बदलाव को लेकर लोग कतारों में लगे नजर आए। विधानसभा के इन चुनाव में साइलेंट वोटरों का एक बड़ा तबका भी देखने को मिला। जिले में दर्ज 506679 मतदाताओं में से कुल तीन लाख 71 हजार 572 मतदाताओं ने विधानसभा चुनाव में मतदान किया। इनमें 182623 पुरुष और 188946
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मतदाता शामिल रहे। उधर, तीन ट्रांस्जेंडर वोटरों ने भी विधानसभा में अपने प्रत्याशी को चुनने के लिए मतदान किया। इस दौरान कुल 73.33 फीसदी मतदान दर्ज हुआ, जो 2014 के विधानसभा चुनाव से लगभग पांच फीसदी कम रहा। मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शाम के समय मतदान केंद्रों से ईवीएम को राजकीय डिग्री कॉलेज स्थित स्ट्रांग रूम में पहुंचाने का सिलसिला भी शुरू हो गया। कड़े सुरक्षा पहरे के बीच दूर दराज इलाकों से ईवीएम पहुंचने शुरू हुए। बनी और बिलावर विधानसभा क्षेत्रों से ईवीएम जहां बुधवार को कठुआ पहुंचेंगी, वहीं हीरानगर, जसरोटा, बसोहली और कठुआ आरक्षित सीट से चुनाव कर्मी मतदान के बाद देर रात तक डिग्री कॉलेज में बने स्ट्रांग रूम तक ईवीएम जमा करवाने में जुटे रहे। चुनाव में भाग लेने वाले प्रत्याशी और उनके प्रतिनिधियों ने भी डिग्री काॅलेज में डेरा डाल लिया है। स्ट्रांग रूम को सील किए जाने के बाद आठ अक्तूबर को जिले के 35 उम्मीदवारों के भविष्य का फैसला होगा।
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समय बढ़ने के साथ बढ़ता गया मतदाताओं का उत्साह
सुबह सात बजे से नौ बजे तक पहले दो घंटे में ही पहाड़ी इलाकों में वोटों की बौछार शुरू हो गई। बनी विधानसभा हलके में सुबह नौ बजे 14.38, बिलावर में 13.90, बसोहली में 11.67, जसरोटा में 13.90 , कठुआ एससी में 11.50 और हीरानगर में 13.49 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मतदान का दौर अगले दो घंटे में और भी बढ़ गया। इस दौरान मतदान प्रतिशत बनी में 34.92, बिलावर में 34.4, बसोहली में 30.44, जसरोटा में 32.70, कठुआ एससी में 28.63 और हीरानगर में 31.35 प्रतिशत तक पहुंच गया। दोपहर तीन बजे बनी में 64.64, बिलावर में 62.74, बसोहली में 60.50, जसरोटा में 63.61, कठुआ एससी में 61.21 और हीरानगर में 62.51 प्रतिशत मतदान हो चुका था। आखिर के तीन घंटों में मतदान जिले के मैदानी इलाकों में और तेज हो गया और पहाड़ी इलाकों को पछाड़ते हुए कठुआ एससी विधानसभा क्षेत्र में जिले का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत दर्ज किया गया।
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कठुआ में 54, नगरी में 73 और लखनपुर में 62 फीसदी ने किया मतदान
तीन बड़ी निकायों वाली कठुआ अनुसूचित आरक्षित सीट पर जिले की सबसे बड़ी निकाय में सबसे कम मतदान प्रतिशत दर्ज किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार कठुआ की 21 वार्ड वाली नगर परिषद में मात्र 54 प्रतिशत मतदाता ही विधानसभा चुनाव में अपना प्रत्याशी चुनने के लिए घरों से निकले। शहर में मतदाताओं का एक बड़ा वर्ग व्यवसाय भी जुड़ा है। उधर, अनुसूचित जाति बहुल नगरी परोल निकाय में बंपर 73 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई है, जबकि लखनपुर निकाय में 62 प्रतिशत वोट डाले गए हैं। शहर के बाजारों में जहां चुनाव को लेकर आम तौर पर होने वाली चर्चा और सजने वाली नुक्कड़ बैठकें मंगलवार को ज्यादा देखने को नहीं मिलीं, वहीं बाजार भी आम दिनों के मुकाबले फीके रहे। कठुआ नगर परिषद में इस बार हुई यह वोटिंग इसी साल हुए लोकसभा चुनाव में इन वार्डों में हुए लगभग 68 फीसदी मतदान से 14 प्रतिशत कम है।
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2014
विधानसभा क्षेत्र हुआ मतदान
कठुआ 80.66
हीरानगर एससी 72.34
बिलावर 77.15
बसोहली 73.70
बनी 78.99
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2024 मतदान प्रतिशत
बनी 72.73
बिलावर 72.01
बसोहली 69.37
जसरोटा 74.36
कठुआ एससी 75.53
हीरानगर 74.55
कुल 73.33