कठुआ: देश के लिए नासूर था अनुच्छेद 370, कुछ लोग खुद को कानून से ऊपर समझने लगे थे- उपराष्ट्रपति
उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ गुरुवार को पठानकोट एयरबेस पहुंचे। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, वायुसेना एवं पुलिस के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।
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उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा प्रदान करने वाला अनुच्छेद 370 व 35 ए पूरे देश के लिए नासूर बन गया था। इसके साथ ही कुछ लोग खुद को कानून से ऊपर समझने लगे थे। संसद ने एकमत से 370 को हटा दिया और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का सपना पूरा कर दिखाया। इसे हटाने के बाद जम्मू-कश्मीर में एक नए युग की शुरुआत हुई है। वह वीरवार को कठुआ के घाटी नामक स्थान पर उत्तर भारत में उभरते स्टार्टअप रुझान पर बायोटेक स्टार्टअप एक्सपो के उद्घाटन के अवसर पर बोल रहे थे। उनके साथ पीएमओ में केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह भी मौजूद थे।
उप राष्ट्रपति ने मेगा एक्सपो में युवाओं का हौसला बढ़ाते हुए उनके उत्पादों व नवाचार को क्रांति करार दिया। उन्होंने कहा कि कठुआ एक पावन स्थान है और राष्ट्रवाद की जननी है। उन्हें खुशी है कि 2024 में उनका पहला सार्वजनिक कार्यक्रम कठुआ में हुआ। एक संकल्प के साथ वह कठुआ का संदेश लेकर दिल्ली जाएंगे। जम्मू-कश्मीर की भूमि पर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की अमिट छाप है।
किसी ने सोचा नहीं था कि अनुच्छेद 370 व 35ए को कभी खत्म किया जा सकता है। ये दोनों प्रावधान लोकतांत्रिक शासन में बाधा थे। अब यह प्रावधान देश के कानून में नहीं है। इसके लिए पूरी कार्यपालिका और न्यायपालिका,लोकसभा और राज्यसभा बधाई की पात्र है। इनकी मदद से इन्हें समाप्त किया जा सका।उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में विकास अब पूरी तरह पक्षपात से मुक्त हो गया है। प्रत्येक व्यक्ति को राजनीति में भाग लेने का अधिकार है।
उपराष्ट्रपति ने आगाह किया कि राजनीति को प्रगति में बाधा नहीं बनने देना चाहिए। पिछली पर्टियों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि यहां पहले लोग कानून को कुछ नहीं समझते थे। खुद को कानून से ऊपर मानते थे। अब जो बदलाव आया है, उसमें कानून से ऊपर कोई नहीं है। अब सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार का बोलबाला नहीं है। इसके अलावा सरकार ने जम्मू-कश्मीर की महिलाओं को राजनीति में एक तिहाई का अधिकार दिया। यह सबसे बड़ा बदलाव है।
सरकार युवाओं को मौके उपलब्ध करवा रही
उप राष्ट्रपति ने कहा कि यहां पर अब प्रतिभावान युवाओं को आगे बढ़ाने के सरकार मौके उपलब्ध करवा रही है। जम्मू-कश्मीर में बदले हालात का सबसे बड़ा उदाहरण यहां पर करोड़ों की संख्या में पर्यटकों का आगमन होना है। उन्होंने उपस्थित लोगों को संकल्प लेने का आह्वान किया कि वह जहां भी रहें, जहां भी काम करें, किसी क्षेत्र में भी हों, लेकिन अपनी भारतीयता की पहचान को कभी ना भूलें। इस समय भारत दुनिया का नेतृत्व करने के लिए तैयार हो रहा है।
प्रधानमंत्री ने तैयार किया नेतृत्वकारी माहौल
उप राष्ट्रपति ने कहा कि इस समय भारत में जो माहौल मौजूदा प्रधानमंत्री ने तैयार किया है उसके दम पर हम पूरी दुनिया का नेतृत्व करने की क्षमता रखते हैं। हमारे वैज्ञानिकों ने न केवल कोरोना से बचने वाला टीका बनाया बल्कि 100 के करीब देशों को मदद भी की। देश में आज ऐसा माहौल है कि हर व्यक्ति को अपनी प्रतिभा चमकाने का मौका मिल रहा है। सरकार ने रुकावटों को दूर कर युवाओं के लिए अपार संभावनाएं पैदा की हैं।
जम्मू -कश्मीर निवेश के लिए बन रहा पहली पसंद
धनखड़ ने कहा कि मैं 1990 में केंद्रीय मंत्री के रूप में कश्मीर आया था। तब जम्मू-कश्मीर के हालात बदतर थे। आज कितना बदलाव है। इसके आप सब साक्षी हैं। जी-20 बैठक में शामिल विभिन्न देशों के प्रतिनिधि एक अच्छा संदेश लेकर गए हैं। टूरिज्म और निवेश में जम्मू-कश्मीर देशवासियों की पहली पसंद बन रहा है।
हमारा यूपीआई मॉडल सिंगापुर अपना रहा
उप राष्ट्रपति ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ में प्रधानमंत्री ने योग पर चर्चा की। अब हालात यह हैं कि दुनिया के हर कोने में योग दिवस मनाया जाता है। यूनिकॉर्न में हमारा देश चीन से आगे है। स्टार्ट अप में दुनिया में तीसरे स्थान पर है। हमारे मॉडल यूपीआई को सिंगापुर एडॉप्ट कर रहा है। यूके, अमेरिका, जर्मनी और फ्रांस की कुल ट्रांजेक्शन से ज्यादा हमारी ट्रांजेक्शन है। यह भारत की महानता का सुबूत है। आज भारत उस दौर से गुजर रहा है जहां वह दुनिया के कई देशों का नेतृत्व कर रहा है।
स्कॉस्ट के छात्रों को दी बधाई, उपस्थित न हो पाने के लिए जताया खेद
उप राष्ट्रपति ने शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के छात्रों को उनके दीक्षांत समारोह पर बधाई दी। साथ ही प्रतिकूल मौसम के कारण उपस्थित न हो पाने के लिए खेद भी व्यक्त किया।