{"_id":"6169dbb579952924a8020aef","slug":"the-festival-of-vijay-dashami-was-celebrated-with-great-pomp-kathua-news-jmu24585951","type":"story","status":"publish","title_hn":"धूमधाम से मनाया गया विजय दशमी का पर्व","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धूमधाम से मनाया गया विजय दशमी का पर्व
विज्ञापन
बसोहली में रामलीला मंचन के दौरान धूं-धूं कर जलते रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले। संवाद
- फोटो : KATHUA
कठुआ। विजय दशमी का त्योहार शुक्रवार को धूमधाम से मनाया गया। समारोह में पूर्व वनमंत्री राजीव जसरोटिया मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित हुए। वहीं जिला उपायुक्त राहुल यादव और एसएसपी रोमेश चंद्र कोतवाल भी उपस्थित रहे। दोपहर के समय रामलीला मैदान युद्ध क्षेत्र में तो दशहरे के बाद अयोध्या में तब्दील हो गया। रामलीला मैदान में भगवान राम के जयकारों से माहौल भक्तिमय हो गया।
रावण के वध के बाद रावण कुंभकरण और मेघनाद के पुतले जलाए गए। भगवान राम ने अग्निबाण छोड़कर तीनों पुतलों को आग लगाई। जिला उपायुक्त ने कहा कि देश में कई तरह के रावण है। लोगों को इन रावणों से लड़ना है। शहर के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी दशहरे का पर्व पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया और बुराई पर अच्छाई की जीत को मनाया।
----------------------------------------
राम रावण युद्ध बना आकर्षण का केंद्र
कठुआ। रामलीला मंचन के अंतिम दिन राम रावण युद्ध दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना। युद्ध के दृश्य को दोपहर बाद मंचित किया गया। इस दौरान राम की वानर सेना और रावण की सेना के बीच युद्ध हुआ। दोनों ओर से बाणों के खूब प्रहार हुए। विभीषण के राज बताए जाने के बाद राम ने रावण का वध किया, साथ ही लंका पर विजय पताका फहराई।
विज्ञापन
रामलीला मंचन के अंतिम दृश्य में राम और रावण युद्ध देखने के लिए आए दर्शकों ने युद्ध क्षेत्र को पास से अनुभव किया। कलाकारों ने युद्ध कौशल और संवादों के साथ भावनाओं को इस तरह से पेश किया कि रामलीला मैदान युद्ध क्षेत्र में तबदील नजर आया। दोनों ओर से बाणों की वर्षा के बीच भगवान राम ने रावण के सिर को धड़ से अलग कर दिया। लेकिन अगले ही क्षण रावण का सिर धड़ पर आ गया और युद्ध फिर शुरू हो गया। राम ने रावण के सर को दस बार अलग किया लेकिन हर बार सिर जुड़ने के साथ युद्ध आरंभ हो जाता। अंत में विभीषण ने रावण को मारने का राज बताया। इसके बाद एक ही बाण से राम ने रावण को मार दिया।
---------------------------------------
अयोध्या पहुंचे श्रीराम का हुआ राजतिलक
कठुआ। लंका विजय के बाद अयोध्या लौटे भगवान राम के राज्याभिषेक का दृश्य श्री राम नाटक सभा के मंच पर आयोजित किया गया। जहां भव्य समारोह में गुरुओं के मंत्रोच्चारण के बीच पवनपुत्र श्री हनुमान के साथ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित राजीव जसरोटिया ने भगवान का राजतिलक किया और आरती उतारी। देर शाम हुए इस कार्यक्रम का देखने के लिए मैदान में काफी संख्या में रामभक्त मौजूद रहे।
---------------------------------------------
रामलीला मैदान में बरती गई सावधानी
कठुआ। कोरोना महामारी के चलते गत वर्ष स्थगित रहे विजयादशमी मेले इस बार प्रशासन की अनुमति से आयोजन तो हुआ लेकिन इस दौरान पूर्व की भांति मैदान में व्यवस्थाओं को चाकचौबंद बनाए रखने के लिए कड़े इंतजाम किए गए थे। इस दौरान मैदान में लगने वाली दुकानों की संख्या काफी सीमित रखी गई थी। वही भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। जो लोगों को मास्क का प्रयोग अवश्य करने के लिए कह रही थे। रामलीला मैदान से सटे शहर के मुखर्जी चौक में भीड़ रही। देर शाम तक जाम की स्थिति बन गई।
विज्ञापन
रावण के वध के बाद रावण कुंभकरण और मेघनाद के पुतले जलाए गए। भगवान राम ने अग्निबाण छोड़कर तीनों पुतलों को आग लगाई। जिला उपायुक्त ने कहा कि देश में कई तरह के रावण है। लोगों को इन रावणों से लड़ना है। शहर के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी दशहरे का पर्व पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया और बुराई पर अच्छाई की जीत को मनाया।
विज्ञापन
----------------------------------------
राम रावण युद्ध बना आकर्षण का केंद्र
कठुआ। रामलीला मंचन के अंतिम दिन राम रावण युद्ध दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना। युद्ध के दृश्य को दोपहर बाद मंचित किया गया। इस दौरान राम की वानर सेना और रावण की सेना के बीच युद्ध हुआ। दोनों ओर से बाणों के खूब प्रहार हुए। विभीषण के राज बताए जाने के बाद राम ने रावण का वध किया, साथ ही लंका पर विजय पताका फहराई।
विज्ञापन
रामलीला मंचन के अंतिम दृश्य में राम और रावण युद्ध देखने के लिए आए दर्शकों ने युद्ध क्षेत्र को पास से अनुभव किया। कलाकारों ने युद्ध कौशल और संवादों के साथ भावनाओं को इस तरह से पेश किया कि रामलीला मैदान युद्ध क्षेत्र में तबदील नजर आया। दोनों ओर से बाणों की वर्षा के बीच भगवान राम ने रावण के सिर को धड़ से अलग कर दिया। लेकिन अगले ही क्षण रावण का सिर धड़ पर आ गया और युद्ध फिर शुरू हो गया। राम ने रावण के सर को दस बार अलग किया लेकिन हर बार सिर जुड़ने के साथ युद्ध आरंभ हो जाता। अंत में विभीषण ने रावण को मारने का राज बताया। इसके बाद एक ही बाण से राम ने रावण को मार दिया।
---------------------------------------
अयोध्या पहुंचे श्रीराम का हुआ राजतिलक
कठुआ। लंका विजय के बाद अयोध्या लौटे भगवान राम के राज्याभिषेक का दृश्य श्री राम नाटक सभा के मंच पर आयोजित किया गया। जहां भव्य समारोह में गुरुओं के मंत्रोच्चारण के बीच पवनपुत्र श्री हनुमान के साथ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित राजीव जसरोटिया ने भगवान का राजतिलक किया और आरती उतारी। देर शाम हुए इस कार्यक्रम का देखने के लिए मैदान में काफी संख्या में रामभक्त मौजूद रहे।
---------------------------------------------
रामलीला मैदान में बरती गई सावधानी
कठुआ। कोरोना महामारी के चलते गत वर्ष स्थगित रहे विजयादशमी मेले इस बार प्रशासन की अनुमति से आयोजन तो हुआ लेकिन इस दौरान पूर्व की भांति मैदान में व्यवस्थाओं को चाकचौबंद बनाए रखने के लिए कड़े इंतजाम किए गए थे। इस दौरान मैदान में लगने वाली दुकानों की संख्या काफी सीमित रखी गई थी। वही भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। जो लोगों को मास्क का प्रयोग अवश्य करने के लिए कह रही थे। रामलीला मैदान से सटे शहर के मुखर्जी चौक में भीड़ रही। देर शाम तक जाम की स्थिति बन गई।

कठुआ के रामलीला मैदान में उमड़ी भीड़।- फोटो : KATHUA