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Kathua News: दुर्घटना का आरोपी चालक आठ साल बाद साक्ष्यों के अभाव में बरी
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विशेष मोबाइल मजिस्ट्रेट ने सड़क दुर्घटना के एक मामले में आरोपी बस चालक को आठ साल बाद साक्ष्यों के अभाव में बरी करने का आदेश दिया है। कोर्ट का कहना रहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी चालक की पहचान और लापरवाही साबित करने में पूरी तरह विफल रहा है।
मामला नौ अगस्त 2017 को शाम सात बजे सक्ता चक कठुआ का है। इसमें बस चालक संजीव कुमार पुत्र सरूप सिंह निवासी मुकेरियां होशियारपुर पंजाब पर आरोप है कि उसने तेज गति से वाहन चलाते हुए सड़क किनारे खड़े ट्रैक्टर को टक्कर मार दी थी, जिसमें ट्रैक्टर सवार दो लोग अवतार सिंह और बलवीर कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पुलिस ने आरोपी चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर चालान कोर्ट में में पेश किया। 30 मार्च 2018 को आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया। इसमें आरोपी ने स्वयं को निर्दोष बताया। कोर्ट ने अभियोजन पक्ष को मामले में साक्ष्य प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 14 गवाहों में से पांच गवाहों को ही कोर्ट में पेश किया गया। गवाहों की सुनवाई में कोई भी प्रत्यक्षदर्शी यह साबित नहीं कर सका कि बस आरोपी चालक संजीव कुमार ही चला रहा था। इसके बाद अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में आरोपी को बरी करने का फैसला सुनाया।
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मामला नौ अगस्त 2017 को शाम सात बजे सक्ता चक कठुआ का है। इसमें बस चालक संजीव कुमार पुत्र सरूप सिंह निवासी मुकेरियां होशियारपुर पंजाब पर आरोप है कि उसने तेज गति से वाहन चलाते हुए सड़क किनारे खड़े ट्रैक्टर को टक्कर मार दी थी, जिसमें ट्रैक्टर सवार दो लोग अवतार सिंह और बलवीर कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पुलिस ने आरोपी चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर चालान कोर्ट में में पेश किया। 30 मार्च 2018 को आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया। इसमें आरोपी ने स्वयं को निर्दोष बताया। कोर्ट ने अभियोजन पक्ष को मामले में साक्ष्य प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 14 गवाहों में से पांच गवाहों को ही कोर्ट में पेश किया गया। गवाहों की सुनवाई में कोई भी प्रत्यक्षदर्शी यह साबित नहीं कर सका कि बस आरोपी चालक संजीव कुमार ही चला रहा था। इसके बाद अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में आरोपी को बरी करने का फैसला सुनाया।
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