आतंक की आहट: कठुआ-उधमपुर सीमावर्ती क्षेत्रों में हाई अलर्ट, सर्च ऑपरेशन जारी; सुरक्षाबलों ने निगरानी बढ़ाई
कठुआ और उधमपुर जिलों में बढ़ती आतंकी गतिविधियों को देखते हुए सुरक्षाबलों ने हाई अलर्ट जारी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कठुआ जिले में लगातार बढ़ रही आतंकी गतिविधियों के चलते सटे उधमपुर जिले के संवेदनशील इलाकों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सुरक्षा बलों द्वारा एहतियातन तलाशी अभियान चलाए जा रहे हैं, हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की गई है।उधमपुर जिले के दूरदराज व पहाड़ी इलाके कठुआ और सांबा जिलों से सटे हैं।
कठुआ में आतंकी घटनाओं में वृद्धि को देखते हुए सांबा, कठुआ और बिलावर को उधमपुर से जोड़ने वाले पहाड़ी व दुर्गम क्षेत्रों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। सेना, पुलिस व अन्य सुरक्षा एजेंसियों के संयुक्त दल जगह-जगह तलाशी अभियान चला रहे हैं।
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, सांबा जिले के अंतिम छोर मानसर से मजालता, रामनगर और बिलावर से लगते पहाड़ी व जंगली इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की गई है। विशेष रूप से पिछले वर्ष रामनगर के डुडू बसंतगढ़ क्षेत्र में हुई आतंकी घटनाओं के बाद से पूरे इलाके में सतर्कता बरती जा रही है।
पिछले साल की घटनाएं बनीं चेतावनी
गौरतलब है कि पिछले वर्ष अप्रैल में आतंकियों ने बसंतगढ़ में अपनी मौजूदगी दर्ज कराते हुए एक वीडीजी सदस्य को बलिदान कर दिया था। इसके बाद बसंतगढ़, डुडू सहित डोडा के जंगलों में कई आतंकी गतिविधियां देखी गईं और कई स्थानों पर मुठभेड़ें भी हुईं।
इस वर्ष भी गर्मियों की शुरुआत के साथ ही आतंकियों ने सीमा पार कर कठुआ जिले में घुसपैठ की कोशिश की, जिसमें सुरक्षाबलों ने कई आतंकियों को ढेर कर दिया। हालांकि, अब भी कुछ इलाकों से संदिग्ध गतिविधियों की सूचनाएं मिलने पर उधमपुर जिले को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
आतंकियों की रणनीति पर नजर
सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, गर्मियों के मौसम में आतंकी घने जंगलों में शरण लेते हैं और कठुआ, बिलावर से होते हुए बसंतगढ़ पहुंच जाते हैं। खतरा बढ़ने पर वे डुडू बसंतगढ़ के जंगलों से डोडा या भद्रवाह की ओर भागने की कोशिश करते हैं। उधमपुर जिले का बसंतगढ़ क्षेत्र अपने पहाड़ी और घने जंगलों के कारण आतंकियों के लिए आदर्श छिपने की जगह बन जाता है।
जहां से वे अपनी गतिविधियों को अंजाम देने की फिराक में रहते हैं।सुरक्षा बलों ने इन क्षेत्रों में न केवल गश्त बढ़ा दी है, बल्कि स्थानीय निवासियों से भी सहयोग की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि आम जनता की सजगता और सहयोग से आतंकवाद पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।
यह भी पढ़ें: तीन संदिग्ध पानी मांगने के बहाने घुसे रसोई में; 500 के नोट दिए, महिला ने साहस दिखाते हुए मना किया