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Kathua News: विद्यार्थियों को तनाव मुक्त रखते शिक्षा देने अध्यापकों को बताए गुर
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। खेल-खेल में शिक्षा विषय पर डाइट बसोहली की ओर से शिक्षकों के क्षमता वर्धन कार्यक्रम का आयोजन जारी है। तीन दिवसीय कार्यशाला के दौरान प्रतिभागी शिक्षकों को एलिमेंट्री स्तर तक के विद्यार्थियों को तनाव मुक्त रखते हुए शिक्षा देने के बारे में जानकारी दी गई।
हाई स्कूल चड़वाल में जारी कार्यशाला में नवाचारी शिक्षक विनय शर्मा ने खिलौना शिक्षण शास्त्र की विस्तार से जानकारी देते नौनिहालों को गणित शिक्षण में इसका प्रयोग करने के बारे में जानकारी दी। वहीं, पंकज शर्मा ने अक्षर पहचान के लिए किस तरह से आसपास की सहायक सामग्रियों का उपयोग किया जाता सकता है, इस पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नन्हे विद्यार्थियों को अगर हम इस पद्धति का इस्तेमाल कर पढ़ाते हैं तो उन पर किसी तरह का दबाव नहीं होगा और वह आसानी से सीखने की प्रक्रिया में आगे बढ़ेंगे।
खिलौना आधारित शिक्षा शास्त्र पर आयोजित कार्यशाला के समन्वयक एचओडी डाइट पवन कुमार ने बताया कि नई शिक्षा नीति के तहत किंडर गार्डन से लेकर दूसरी कक्षा तक के विद्यार्थियों के शिक्षण में बढ़ा बदलाव आया है।
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सरकार ने इन कक्षाओं में परंपरागत पाठ्य सामग्री के बजाए खेल-खेल में शिक्षा देने की पहल की है। नई शिक्षा व्यवस्था में विद्यार्थियों की रुचि के अनुसार विषयों में शिक्षा देने के लिए क्षमता वर्धन कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।
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कठुआ। खेल-खेल में शिक्षा विषय पर डाइट बसोहली की ओर से शिक्षकों के क्षमता वर्धन कार्यक्रम का आयोजन जारी है। तीन दिवसीय कार्यशाला के दौरान प्रतिभागी शिक्षकों को एलिमेंट्री स्तर तक के विद्यार्थियों को तनाव मुक्त रखते हुए शिक्षा देने के बारे में जानकारी दी गई।
हाई स्कूल चड़वाल में जारी कार्यशाला में नवाचारी शिक्षक विनय शर्मा ने खिलौना शिक्षण शास्त्र की विस्तार से जानकारी देते नौनिहालों को गणित शिक्षण में इसका प्रयोग करने के बारे में जानकारी दी। वहीं, पंकज शर्मा ने अक्षर पहचान के लिए किस तरह से आसपास की सहायक सामग्रियों का उपयोग किया जाता सकता है, इस पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नन्हे विद्यार्थियों को अगर हम इस पद्धति का इस्तेमाल कर पढ़ाते हैं तो उन पर किसी तरह का दबाव नहीं होगा और वह आसानी से सीखने की प्रक्रिया में आगे बढ़ेंगे।
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खिलौना आधारित शिक्षा शास्त्र पर आयोजित कार्यशाला के समन्वयक एचओडी डाइट पवन कुमार ने बताया कि नई शिक्षा नीति के तहत किंडर गार्डन से लेकर दूसरी कक्षा तक के विद्यार्थियों के शिक्षण में बढ़ा बदलाव आया है।
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सरकार ने इन कक्षाओं में परंपरागत पाठ्य सामग्री के बजाए खेल-खेल में शिक्षा देने की पहल की है। नई शिक्षा व्यवस्था में विद्यार्थियों की रुचि के अनुसार विषयों में शिक्षा देने के लिए क्षमता वर्धन कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।