फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Kathua News ›   sweeper,s strike

Kathua News: वेतन न मिलने पर हड़ताल पर गए सफाई कर्मी, शहर में लगे कूड़े के ढेर

विज्ञापन
sweeper,s strike
-रोजाना 40 टन कचरा निकलता है शहर से, हड़ताल बंद न हुई तो चरमराएगी सफाई व्यवस्था
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। दो माह से वेतन न मिलने गुस्साए नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों ने रविवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। त्योहारी सीजन के बीच हड़ताल के पहले ही दिन पूरे शहर में कचरे के ढेर लग गए। सफाई न होने से परेशान लोगों ने भी सरकार से कर्मियों का वेतन जल्द जारी करने की मांग की है। वहीं, सफाई कर्मचारियों ने कहा कि जब तक वेतन नहीं मिलेगा, तब तक काम नहीं करेेंगे।
हड़ताल के चलते रोजाना करीब 40 टन कचरा उगलने वाले शहर के गली-मोहल्ले सहित प्रमुख चौक-चौराहों पर कचरे के ढेर लगने शुरू हो गए हैं। शहर के मुखर्जी चौक, शहीदी चौक, जराई चौक, कॉलेज रोड जैसे व्यस्त रहने वाले स्थानों पर लगने वाले कचरे के ढेर जहां आम लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रहे हैं। वहीं, ढेरों पर मंडराने वाले मवेशी राहगीरों के लिए खतरा बनने लगे हैं। सबसे बुरी स्थिति शहर के वार्ड 5, 6 और 7 की है। संकरी गलियों में कचरे के चलते आवारा मवेशियों के जमा होने से महिलाएं, बच्चे और बुजुर्गों को परेशान होना पड़ा। शहर में अन्य स्थानों पर भी कूड़े के ढेर लगने शुरू हो गए हैं।
विज्ञापन


अर्बन लोकल बॉडी यूनियन के चेसरमैन दानिश चीदा ने बताया कि दो माह से जम्मू संभाग के सभी निकायों में तैनात सफाई कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है। इससे कर्मचारियों के लिए घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। मजबूरन हड़ताल पर जाना पड़ा है। फिलहाल कठुआ नगर परिषद के कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू की है। जल्द वेतन नहीं दिया तो अन्य निकायों के सफाई कर्मचारी भी हड़ताल के लिए मजबूर हो जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


शहरवासी भुगत रहे हड़ताल का खामियाजा
शहरवासी पवन कुमार ने कहा कि साल में दो बार सफाई कर्मचारियों की हड़ताल होना शहर की नियति बन चुका है। कभी नियमित करने की मांग तो कभी वेतन के लिए सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ता है। सफाई कर्मचारी भर्ती किए गए हैं तो उनके नियमित वेतन दिए जाने की भी व्यवस्था की जानी चाहिए।
वहीं, दुकानदार नरेश शर्मा ने कहा कि त्योहारों के सीजन में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण पूरा बाजार कचरे का ढेर बन चुका है। बाजार में आने वाले लोग और दुकानदार परेशान हैं। वहीं, गली-मोहल्लों की स्थिति भी ठीक नहीं है। हड़ताल जल्द खत्म नहीं हुई तो आम लोग प्रभावित होंगे।

शहर निवासी पंकज वर्मा ने कहा कि पहले ही शहर में डेंगू, चिकनगुनिया और टाइफाइड बढ़ रहा है। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से बीमारियां बढ़ सकती हैं। दशकों से हर साल होने वाली इस समस्या का समाधान नहीं किया गया है। इसके लिए सीधे तौर पर सरकारी तंत्र ही जिम्मेदार है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed