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Kathua News: मौसम ने फिर ली करवट, बनी के रिहायशी इलाकों में भारी हिमपात
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बर्फबारी का लुत्फ लेते हुए बच्चे
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिले के पहाड़ी इलाकों में भारी हिमपात से पूरा क्षेत्र शीतलहर की चपेट में है। सोमवार को बनी सब डिवीजन के ढग्गर, नुकनाली, रौल्का, जोडेयां माता, दुलंगल, भकौगा, द्रौड, लोआंग, डंडी गुट्टी, राल्का सहित आसपास के इलाकों में भारी बर्फबारी दर्ज की गई।
बनी-भद्रवाह मार्ग पर भी बर्फ की मोटी चादर बिछ गई है। पर्यटन स्थल सरथल भी बर्फ में लिपटा हुआ नजर आया। सोमवार सुबह से ही जिले में घने बादल छाए रहने के बीच सुबह आठ बजे जहां मैदानों में बारिश का दौर शुरू हुआ वहीं, पहाड़ी इलाकों में बर्फ के फाहे गिरने लगे। ढग्गर के रिहायशी इलाकों में मार्च महीने की इस बर्फबारी ने बढ़ते तापमान से राहत दी है। इन इलाकों में इस साल कम बर्फबारी से फसलें भी प्रभावित होने का खतरा था। खास तौर से लहसुन के लिए यह बर्फबारी वरदान मानी जाती है। किसानों ने बताया कि यह खाद का काम करती है और लंबे समय तक जमीन में नमीं को सोखे रखती है जिससे अगली फसल के भी बेहतर होने की संभावना बन जाती है।
बनी-भद्रवाह मार्ग पर बर्फबारी के बाद सरथल तक संपर्क कट गया। लोआंग से सटे पहाड़ों पर बर्फबारी होने के बाद लोग इसका लुत्फ लेने के लिए खड़कल तक पहुंचे। जहां एक फुट तक बर्फबारी दर्ज की गई है। छत्रगलां टॉप में जहां तीन फुट से ज्यादा बर्फ गिरी वहीं, सरथल और इससे सटे पहाड़ों पर दो फुट तक बर्फबारी हुई है।
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कठुआ। जिले के पहाड़ी इलाकों में भारी हिमपात से पूरा क्षेत्र शीतलहर की चपेट में है। सोमवार को बनी सब डिवीजन के ढग्गर, नुकनाली, रौल्का, जोडेयां माता, दुलंगल, भकौगा, द्रौड, लोआंग, डंडी गुट्टी, राल्का सहित आसपास के इलाकों में भारी बर्फबारी दर्ज की गई।
बनी-भद्रवाह मार्ग पर भी बर्फ की मोटी चादर बिछ गई है। पर्यटन स्थल सरथल भी बर्फ में लिपटा हुआ नजर आया। सोमवार सुबह से ही जिले में घने बादल छाए रहने के बीच सुबह आठ बजे जहां मैदानों में बारिश का दौर शुरू हुआ वहीं, पहाड़ी इलाकों में बर्फ के फाहे गिरने लगे। ढग्गर के रिहायशी इलाकों में मार्च महीने की इस बर्फबारी ने बढ़ते तापमान से राहत दी है। इन इलाकों में इस साल कम बर्फबारी से फसलें भी प्रभावित होने का खतरा था। खास तौर से लहसुन के लिए यह बर्फबारी वरदान मानी जाती है। किसानों ने बताया कि यह खाद का काम करती है और लंबे समय तक जमीन में नमीं को सोखे रखती है जिससे अगली फसल के भी बेहतर होने की संभावना बन जाती है।
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बनी-भद्रवाह मार्ग पर बर्फबारी के बाद सरथल तक संपर्क कट गया। लोआंग से सटे पहाड़ों पर बर्फबारी होने के बाद लोग इसका लुत्फ लेने के लिए खड़कल तक पहुंचे। जहां एक फुट तक बर्फबारी दर्ज की गई है। छत्रगलां टॉप में जहां तीन फुट से ज्यादा बर्फ गिरी वहीं, सरथल और इससे सटे पहाड़ों पर दो फुट तक बर्फबारी हुई है।
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