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Kathua News: अब स्मार्ट बनना शुरू हुआ शहर, जिले में लगेंगे 1.40 लाख मीटर
Sun, 06 Oct 2024 05:16 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Sun, 06 Oct 2024 05:16 AM IST
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बिजली विभाग ने विधिवत पूजा कर शुरू की प्रक्रिया
इंजीनियर बोले-कठुआ के लोगों को नवरात्र का उपहार
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। चुनावी प्रक्रिया के बीच कठुआ शहर में स्मार्ट बिजली मीटर लगाने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। इससे बिजली चोरी पर पूरी तरह से लगाम लग जाएगी। यह प्रक्रिया सितंबर महीने में शुरू होनी थी, लेकिन चुनाव प्रचार के बीच बिजली विभाग ने भी प्रक्रिया को फिलहाल टाल दिया था।
आखिरकार शनिवार से जीनस कंपनी ने शहर के पटेलनगर में एक व्यवसायिक संस्थान पर विधिवत पूजन कर मीटर चालू कर दिया। कंपनी के अनुसार बकायदा मुहूर्त निकाला गया था और शुरुआत कर दी है। जिले में 1.40 लाख उपभोक्ताओं को यह स्मार्ट बिजली मीटर लगाए जाएंगे। अगले एक साल के भीतर यह प्रक्रिया पूरी करने की योजना है। इसके बाद जिले में 65 फीसदी तक हो रही बिजली की चोरी पर लगाम लग जाएगी।
शनिवार को बिजली विभाग की टीम के साथ शहर के पटेल नगर क्षेत्र में पहुंची जीनस कंपनी के इंजीनियर ने स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू की। धूप बत्ती के साथ ही मोली पहनाई गई, विघ्न न पड़े इसके लिए हार पहनाकर पूजा की गई। इसके बाद लड्डू भी बांटे गए। जीनस कंपनी के अधिकारी ने बताया कि कठुआ की जनता को यह नवरात्र पर बहुत बड़ा उपहार है, जिसे जनता ग्रहण करेगी। उन्होंने बताया कि इससे कठुआ की जनता को फायदा मिलेगा। सबसे पहले सभी देवी-देवताओं का आह्वान किया गया है, ताकि विघ्न के बिना मीटर लग जाएं। फिलहाल उपभोक्ताओं से कोई चार्जेज नहीं लिए जा रहे हैं।
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कठुआ शहर में शुरू हुई प्रक्रिया में 23 हजार मीटर नगर परिषद की हद में लगेंगे। वहीं, कठुआ सब डिवीजन में 52 हजार उपभोक्ताओं को यह स्मार्ट बिजली मीटर हासिल होंगे। इसके अलावा हीरानगर में 34 हजार, बसोहली और बनी में 19 हजार, बिलावर में 16.5 हजार और रामकोट में 15 हजार उपभोक्ताओं को यह स्मार्ट मीटर लगाकर दिए जाएंगे। जीनस कंपनी के मुताबिक यह स्मार्ट मीटर फिलहाल पोस्टपेड मोड पर चलाया जा रहा है। सरकार जैसा चाहेगी वैसे ही प्रीपेड या पोस्ट पेड मोड पर चलाया जा सकेगा।
कम लोड बताकर अधिक इस्तेमाल करने वालों को लगेगा झटका
लोगों को बिजली बिल की जानकारी लेने के लिए अब विभाग के कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। न ही विभाग को अब मीटर रीडिंग के लिए उपभोक्ताअेां के घर जाना होगा। जीनस कंपनी सुनिश्चित करेगी कि मीटर अपनी स्मार्टनेस से बिजली विभाग तक उपभोक्ता की बिजली खपत का ब्यौरा पहुंचाए। यही नहीं इसी अनुरूप बिजली बिल भी तैयार होगा। खास बात यह है कि बिजली का कम लोड विभाग को बताकर किसी भी तरीके से बिजली चोरी करने वालों को बड़ा झटका लगेगा। स्मार्ट मीटर लगने के साथ ही पूर्व में इंस्टाल किए गए मीटर की रीडिंग से ही बिजली खपत का बिल जारी होगा। ऐसे में कम रीडिंग दिखाने वालों को पहला बिजली का बिल बड़ा झटका दे सकता है। उधर, ऑपरेशन और मेंटिनेंस की जिम्मेदारी आठ साल तक जीनस कंपनी को दी गई है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बिजली की खपत की सही जानकारी विभाग तक पहुंचे। मीटर में खराबी आने या अन्य किसी दिक्कत में भी जीनस कंपनी की ओर से काम किया जाएगा।
पांच किलोवाट से अधिक वालों को अब लेना होगा थ्री फेज कनेक्शन
बिजली विभाग के अधिकारियों की मानें तो जिले में सैकड़ों ऐसे उपभोक्ता हैं, जो बिजली विभाग से कम लोड मंजूर करवाते हैं, जबकि इस्तेमाल इससे कहीं अधिक करते हैं। अब उपभोक्ताओं की ओर से इस्तेमाल हो रही बिजली का खाका दैनिक स्तर पर भी मोबाइल एप पर उपलब्ध रहेगा। यदि बिजली खपत मंजूर लोड से अधिक रहती है तो उपभोक्ता के कनेक्शन को भी इस्तेमाल किए जा रहे लोड के मुताबिक अपग्रेड किया जाएगा। यही नहीं पांच किलोवाट से अधिक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को थ्री फेज कनेक्शन हासिल करना होगा।
65 फीसदी तक हो रही बिजली की चोरी
जिले में 65 फीसदी तक घरेलू उपभोक्ता बिजली की चोरी कर रहे हैं। सरकार की ओर से दी जाने वाली बिजली में से राजस्व का एक बड़ा जरिया उद्योग हैं। बिजली विभाग के अनुसार 60 से 70 प्रतिशत तक ट्रांसमिशन और डिस्टि्रब्यूशन लॉसेज हैं। यह सीधे तौर पर ढांचों के माध्यम से उपभोक्ताओं तक पहुंचने वाली बिजली में होने वाला विभाग को नुकसान है। इस साल उपभोक्ताओं के बिजली बिल भी बढ़ाए गए हैं।
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इंजीनियर बोले-कठुआ के लोगों को नवरात्र का उपहार
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। चुनावी प्रक्रिया के बीच कठुआ शहर में स्मार्ट बिजली मीटर लगाने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। इससे बिजली चोरी पर पूरी तरह से लगाम लग जाएगी। यह प्रक्रिया सितंबर महीने में शुरू होनी थी, लेकिन चुनाव प्रचार के बीच बिजली विभाग ने भी प्रक्रिया को फिलहाल टाल दिया था।
आखिरकार शनिवार से जीनस कंपनी ने शहर के पटेलनगर में एक व्यवसायिक संस्थान पर विधिवत पूजन कर मीटर चालू कर दिया। कंपनी के अनुसार बकायदा मुहूर्त निकाला गया था और शुरुआत कर दी है। जिले में 1.40 लाख उपभोक्ताओं को यह स्मार्ट बिजली मीटर लगाए जाएंगे। अगले एक साल के भीतर यह प्रक्रिया पूरी करने की योजना है। इसके बाद जिले में 65 फीसदी तक हो रही बिजली की चोरी पर लगाम लग जाएगी।
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शनिवार को बिजली विभाग की टीम के साथ शहर के पटेल नगर क्षेत्र में पहुंची जीनस कंपनी के इंजीनियर ने स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू की। धूप बत्ती के साथ ही मोली पहनाई गई, विघ्न न पड़े इसके लिए हार पहनाकर पूजा की गई। इसके बाद लड्डू भी बांटे गए। जीनस कंपनी के अधिकारी ने बताया कि कठुआ की जनता को यह नवरात्र पर बहुत बड़ा उपहार है, जिसे जनता ग्रहण करेगी। उन्होंने बताया कि इससे कठुआ की जनता को फायदा मिलेगा। सबसे पहले सभी देवी-देवताओं का आह्वान किया गया है, ताकि विघ्न के बिना मीटर लग जाएं। फिलहाल उपभोक्ताओं से कोई चार्जेज नहीं लिए जा रहे हैं।
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कठुआ शहर में शुरू हुई प्रक्रिया में 23 हजार मीटर नगर परिषद की हद में लगेंगे। वहीं, कठुआ सब डिवीजन में 52 हजार उपभोक्ताओं को यह स्मार्ट बिजली मीटर हासिल होंगे। इसके अलावा हीरानगर में 34 हजार, बसोहली और बनी में 19 हजार, बिलावर में 16.5 हजार और रामकोट में 15 हजार उपभोक्ताओं को यह स्मार्ट मीटर लगाकर दिए जाएंगे। जीनस कंपनी के मुताबिक यह स्मार्ट मीटर फिलहाल पोस्टपेड मोड पर चलाया जा रहा है। सरकार जैसा चाहेगी वैसे ही प्रीपेड या पोस्ट पेड मोड पर चलाया जा सकेगा।
कम लोड बताकर अधिक इस्तेमाल करने वालों को लगेगा झटका
लोगों को बिजली बिल की जानकारी लेने के लिए अब विभाग के कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। न ही विभाग को अब मीटर रीडिंग के लिए उपभोक्ताअेां के घर जाना होगा। जीनस कंपनी सुनिश्चित करेगी कि मीटर अपनी स्मार्टनेस से बिजली विभाग तक उपभोक्ता की बिजली खपत का ब्यौरा पहुंचाए। यही नहीं इसी अनुरूप बिजली बिल भी तैयार होगा। खास बात यह है कि बिजली का कम लोड विभाग को बताकर किसी भी तरीके से बिजली चोरी करने वालों को बड़ा झटका लगेगा। स्मार्ट मीटर लगने के साथ ही पूर्व में इंस्टाल किए गए मीटर की रीडिंग से ही बिजली खपत का बिल जारी होगा। ऐसे में कम रीडिंग दिखाने वालों को पहला बिजली का बिल बड़ा झटका दे सकता है। उधर, ऑपरेशन और मेंटिनेंस की जिम्मेदारी आठ साल तक जीनस कंपनी को दी गई है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बिजली की खपत की सही जानकारी विभाग तक पहुंचे। मीटर में खराबी आने या अन्य किसी दिक्कत में भी जीनस कंपनी की ओर से काम किया जाएगा।
पांच किलोवाट से अधिक वालों को अब लेना होगा थ्री फेज कनेक्शन
बिजली विभाग के अधिकारियों की मानें तो जिले में सैकड़ों ऐसे उपभोक्ता हैं, जो बिजली विभाग से कम लोड मंजूर करवाते हैं, जबकि इस्तेमाल इससे कहीं अधिक करते हैं। अब उपभोक्ताओं की ओर से इस्तेमाल हो रही बिजली का खाका दैनिक स्तर पर भी मोबाइल एप पर उपलब्ध रहेगा। यदि बिजली खपत मंजूर लोड से अधिक रहती है तो उपभोक्ता के कनेक्शन को भी इस्तेमाल किए जा रहे लोड के मुताबिक अपग्रेड किया जाएगा। यही नहीं पांच किलोवाट से अधिक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को थ्री फेज कनेक्शन हासिल करना होगा।
65 फीसदी तक हो रही बिजली की चोरी
जिले में 65 फीसदी तक घरेलू उपभोक्ता बिजली की चोरी कर रहे हैं। सरकार की ओर से दी जाने वाली बिजली में से राजस्व का एक बड़ा जरिया उद्योग हैं। बिजली विभाग के अनुसार 60 से 70 प्रतिशत तक ट्रांसमिशन और डिस्टि्रब्यूशन लॉसेज हैं। यह सीधे तौर पर ढांचों के माध्यम से उपभोक्ताओं तक पहुंचने वाली बिजली में होने वाला विभाग को नुकसान है। इस साल उपभोक्ताओं के बिजली बिल भी बढ़ाए गए हैं।