{"_id":"67ec43d71363e935fa0a69be","slug":"security-forces-fired-throughout-the-night-in-panchtirthi-kathua-news-c-10-1-jmu1038-580008-2025-04-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kathua News: पंजतीर्थी में सुरक्षाबलों ने रातभर गोलीबारी की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kathua News: पंजतीर्थी में सुरक्षाबलों ने रातभर गोलीबारी की
Wed, 02 Apr 2025 01:21 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Wed, 02 Apr 2025 01:21 AM IST
विज्ञापन
उज्ज दरिया में मिले आतंकियों के पैरों के निशान। स्रोत : सूत्र
- फोटो : kathua
ऑपरेशन सुफैन-2: ‘ढूंढो और समाप्त करो’ पैरा कमांडो के तहत सेना, सीआरपीएफ व एसओजी ने संभावित मार्ग घेरे
कठुआ। पाकिस्तान से घुसपैठ कर आए आतंकियों के खात्मे के लिए चल रहे व्यापक सुरक्षा अभियान ‘’ऑपरेशन सुफैन’’ ने मंगलवार को अपना दसवां दिन पूरा किया। सोमवार देर रात उज्ज दरिया के पंजतीर्थी क्षेत्र में मुठभेड़ की जानकारी मिली है।
सुरक्षाबलों ने रात 4 बजे तक निरंतर गोलाबारी कर आतंकियों को घेरे में ले रखा था। भोर होते ही घेरा और सघन कर दिया गया। सोमवार सुबह से उज्ज दरिया के किनारे स्थित जंगली इलाके में आतंकियों की तलाश जारी है। यह क्षेत्र एक ओर वन भूमि तो दूसरी ओर आबादी वाले इलाकों से सटा हुआ है। आतंकियों के पहाड़ी रास्तों से भागने की आशंका को देखते हुए सुरक्षाबलों ने सभी संभावित मार्गों को अवरुद्ध कर दिया है। पैरा कमांडो, भारतीय सेना, सीआरपीएफ और एसओजी की संयुक्त टीमों ने पूरे क्षेत्र में नाकाबंदी कर रखी है। पैरा कमांडो ने उज्ज दरिया से सटे जंगलों का बारीकी से निरीक्षण शुरू किया। सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, रात्रि मुठभेड़ में घायल आतंकियों के अधिक दूर भागने की संभावना नहीं है। ऑपरेशन का मनोबल बढ़ाने पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात स्वयं मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति की समीक्षा कर नए निर्देश जारी किए।
विशेष जानकारी: पंजतीर्थी का यह वही क्षेत्र है जहां से उधमपुर के डुडू, बसंतगढ़ और लोहाई मल्हार की पहाड़ियों तक पहुंचने के लिए नाले विभिन्न दिशाओं में बंट जाते हैं। आतंकी उज्ज, नाज, तलैन, सूत्र, भिनी और अन्य छोटे नालों का उपयोग पहाड़ी मार्गों तक पहुंचने के लिए करते हैं। मुठभेड़ स्थल से बरामद एम-4 कार्बाइन के खाली कारतूसों से पता चला है कि आतंकियों के दल में कम से कम एक और स्नाइपर मौजूद है।
विज्ञापन
गोलाबारी की आवाज सुनकर घरों में दुबके लोग : बिलावर। पंजतीर्थी इलाके में आतंकवादियों के साथ सुरक्षाबलों की मुठभेड़ के दौरान गोलियों की आवाज गूंजने से पंजतीर्थी से सटे इलाकों में जब सुनाई दी तो लोग सहम गए।
रामप्रसाद, रत्नचंद, जुल्फीराम और ओंकार सिंह ने बताया कि वह पिछले एक सप्ताह से लगातार इलाके में गोलियों की आवाजें सुनते आ रहे हैं और मौजूदा समय में घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। जब तक जंगल में छिपे आतंकवादियों का सफाया नहीं हो जाता तब तक उनके दिलों में हमेशा डर बना रहेगा। संवाद
विज्ञापन
कठुआ। पाकिस्तान से घुसपैठ कर आए आतंकियों के खात्मे के लिए चल रहे व्यापक सुरक्षा अभियान ‘’ऑपरेशन सुफैन’’ ने मंगलवार को अपना दसवां दिन पूरा किया। सोमवार देर रात उज्ज दरिया के पंजतीर्थी क्षेत्र में मुठभेड़ की जानकारी मिली है।
सुरक्षाबलों ने रात 4 बजे तक निरंतर गोलाबारी कर आतंकियों को घेरे में ले रखा था। भोर होते ही घेरा और सघन कर दिया गया। सोमवार सुबह से उज्ज दरिया के किनारे स्थित जंगली इलाके में आतंकियों की तलाश जारी है। यह क्षेत्र एक ओर वन भूमि तो दूसरी ओर आबादी वाले इलाकों से सटा हुआ है। आतंकियों के पहाड़ी रास्तों से भागने की आशंका को देखते हुए सुरक्षाबलों ने सभी संभावित मार्गों को अवरुद्ध कर दिया है। पैरा कमांडो, भारतीय सेना, सीआरपीएफ और एसओजी की संयुक्त टीमों ने पूरे क्षेत्र में नाकाबंदी कर रखी है। पैरा कमांडो ने उज्ज दरिया से सटे जंगलों का बारीकी से निरीक्षण शुरू किया। सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, रात्रि मुठभेड़ में घायल आतंकियों के अधिक दूर भागने की संभावना नहीं है। ऑपरेशन का मनोबल बढ़ाने पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात स्वयं मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति की समीक्षा कर नए निर्देश जारी किए।
विज्ञापन
विशेष जानकारी: पंजतीर्थी का यह वही क्षेत्र है जहां से उधमपुर के डुडू, बसंतगढ़ और लोहाई मल्हार की पहाड़ियों तक पहुंचने के लिए नाले विभिन्न दिशाओं में बंट जाते हैं। आतंकी उज्ज, नाज, तलैन, सूत्र, भिनी और अन्य छोटे नालों का उपयोग पहाड़ी मार्गों तक पहुंचने के लिए करते हैं। मुठभेड़ स्थल से बरामद एम-4 कार्बाइन के खाली कारतूसों से पता चला है कि आतंकियों के दल में कम से कम एक और स्नाइपर मौजूद है।
विज्ञापन
गोलाबारी की आवाज सुनकर घरों में दुबके लोग : बिलावर। पंजतीर्थी इलाके में आतंकवादियों के साथ सुरक्षाबलों की मुठभेड़ के दौरान गोलियों की आवाज गूंजने से पंजतीर्थी से सटे इलाकों में जब सुनाई दी तो लोग सहम गए।
रामप्रसाद, रत्नचंद, जुल्फीराम और ओंकार सिंह ने बताया कि वह पिछले एक सप्ताह से लगातार इलाके में गोलियों की आवाजें सुनते आ रहे हैं और मौजूदा समय में घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। जब तक जंगल में छिपे आतंकवादियों का सफाया नहीं हो जाता तब तक उनके दिलों में हमेशा डर बना रहेगा। संवाद