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सैटेलाइट फल मंडी की राह में सड़क का रोड़ा
ब्यूरो/अमर उजाला,कठुआ
Updated Tue, 23 Sep 2014 01:37 AM IST
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करोड़ों की लागत से बनकर तैयार सैटेलाइट फल एवं सब्जी बाजार (मंडी) के खुलने की राह में सड़क का नहीं होना रोड़ा बन गया है। बड़े-बड़े शेड से लेकर स्टोर, कार्यालय, शौचालय से लेकर व्यापारियों के लिए दुकानों के इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। यहां तक कि व्यापारियों को दुकानें भी अलॉट कर दी गई हैं, लेकिन यहां तक के लिए सड़क सुविधा नहीं होने से सारा तामझाम अधर में लटक गया है।
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दरअसल, बागवानी के विपणन विंग ने जिले की सबसे बड़ी फल और सब्जी मंडी का निर्माण भरमोरा इलाके में किया है। मंडी को मूर्तरूप देने के लिए पहले चरण में भूमि का अधिग्रहण किया गया, लेकिन मंडी का ढांचागत विकास कार्य बरसों तक अधर में लटका रहा।
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दो साल पहले इसे सैटेलाइट मंडी के निर्माण पूरा कर लिया गया। उद्घाटन भी कर दिया गया। यही नहीं, करीब सत्तर दुकाने वितरित भी कर दी गईं, लेकिन इस मंडी को शुरू करने में सड़क संपर्क की कमी आड़े आ गई। दीगर है कि सैटेलाइट मंडी को सड़क संपर्क ड्रीमलैंड सावन चक मार्ग से दिया गया है। यह मार्ग शहर के बाहरी छोर पर पड़ता है। ऐसे में व्यापारियों के लिए मौजूदा मंडी को शिफ्ट करना चुनौती बन गया है।
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नतीजतन, व्यापारियों ने अपने कामकाज को नई मंड ले जाने में रुचि नहीं दिखाई। एग्रीकल्चरल प्रोड्यूस मार्केट कमेटी के एक अधिकारी ने बताया कि सैटेलाइट मंडी पूरी तरह से तैयार है, लेकिन शहर से सीधा सड़क संपर्क देने का काम जारी है। व्यापारियों ने शहीद कैप्टन सुनील चौधरी सड़क और अंबेडकर पुल से गुजरने वाली सड़क से संपर्क की मांग की है।
फल एवं सब्जियों के साथ ही सैटेलाइट मंडी में औषधीय पौधों के व्यापार को बढ़ावा देने का भी प्रावधान है। मंडी में मुख्य शेड से हटकर औषधीय गुणों के उत्पादों के लिए अलग से शेड बनाया गया है। कठुआ जिले के पर्वतीय और कंडी इलाकों में औषधीय वनस्पति की भरमार है। इसी को ध्यान में रखते हुए मेडिसिनल प्लांट के लिए अलग से शेड बनाया गया, लेकिन मंडी शुरू नहीं होने से यह भी अधर में है।