{"_id":"6224f512bc8262375a6e2c86","slug":"sant-s-company-is-benevolent-and-auspicious-kathua-news-jmu2551953102","type":"story","status":"publish","title_hn":"कल्याणकारी और शुभकारी है संत का संगत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कल्याणकारी और शुभकारी है संत का संगत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कठुआ। ऐरवां स्थित आपशंभू मंदिर में श्री शिव महापुराण कथा का आयोजन जारी है। रविवार को तीसरे दिन की कथा के दौरान उमड़ी संगत को कथावाचक सुभाष शास्त्री ने कहा कि आप सबने सुना है कि जैसा संग, वैसा रंग, जैसा अन्न, वैसा मन, जैसा पानी वैसी वाणी। इसी प्रकार जैसा बीज होगा वैसा ही उसका फल होगा अर्थात संगति का मनुष्य के जीवन पर गहरा असर पड़ता है। संत का संग हमारे लिए कल्याणकारी और सुखदायक होता है।
शास्त्री ने आगे कहा कि संत की संगति मनुष्य के शुभ गुणों का निरंतर विकास करती है। जब हम अच्छे लोगों या विचारों के संपर्क में रहते हैं तो हमारे व्यक्तित्व में सद्गुणों का समावेश अपने आप होने लगता है। संत के संग से आप भी संत बन जाता है। संत की संगति वह पारस मणि है जो लोहे को सोना बना देती है। जबकि कुसंगति वह खारा पानी है जो लोहे जैसी सशक्त धातु को भी गला देती है। अंत में उन्होंने उपस्थित संगत का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि सत्य का संग भी तभी होगा जब आप अहिंसक और ईमानदार हो जाओगे। लिहाजा न आप रिश्वत लो और न ही रिश्वत दो। तभी भ्रष्टाचार मुक्त समाज की स्थापना कर आप सच्चे मन वाले सत्संगी बन जाओगे।
विज्ञापन
शास्त्री ने आगे कहा कि संत की संगति मनुष्य के शुभ गुणों का निरंतर विकास करती है। जब हम अच्छे लोगों या विचारों के संपर्क में रहते हैं तो हमारे व्यक्तित्व में सद्गुणों का समावेश अपने आप होने लगता है। संत के संग से आप भी संत बन जाता है। संत की संगति वह पारस मणि है जो लोहे को सोना बना देती है। जबकि कुसंगति वह खारा पानी है जो लोहे जैसी सशक्त धातु को भी गला देती है। अंत में उन्होंने उपस्थित संगत का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि सत्य का संग भी तभी होगा जब आप अहिंसक और ईमानदार हो जाओगे। लिहाजा न आप रिश्वत लो और न ही रिश्वत दो। तभी भ्रष्टाचार मुक्त समाज की स्थापना कर आप सच्चे मन वाले सत्संगी बन जाओगे।
विज्ञापन