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Kathua News: अतिक्रमण के खिलाफ सड़क पर उतरे लोग, जताया रोष
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कठुआ। शहर में नगर परिषद की ओर से अतिक्रमण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को लेकर बवाल खड़ा हो गया है। बुधवार को मुखर्जी चौक के पास अतिक्रमण के दौरान परिषद कर्मचारियों ने एक रेहड़ी तोड़ दी। इसको लेकर वीरवार को शहरवासी सड़कों पर उतर आए। पहले लोगों ने डीसी कार्यालय के बाहर नारेबाजी की और फिर पुराना हायर सेकेंडरी गर्ल्स स्कूल चौक के पास ट्रैफिक जाम कर धरना लगा दिया। इसमें शहर के कई दुकानदार, रेहड़ी चालक, वकील और समाजसेवी संगठनों के लोग शामिल हुए।
लोगों ने कहा कि पीड़ित रेहड़ी चालक को मुआवजा दिया जाए और रेहड़ी तोड़ने वाले कर्मचारी बाजार में आकर रेहड़ी चालक से माफी मांगें। लोगों के उग्र प्रदर्शन को देखते हुए जिला उपायुक्त ने पीड़ित रेहड़ी चालक के पिता को 10 हजार रुपये मुआवजा दिया और नई रेहड़ी के साथ बर्बाद हुई सब्जियों और फल का मुआवजा देने का आश्वासन भी दिया। उसके बावजूद लोगों का रोष कम नहीं हुआ। इसके चलते नायब तहसीलदार और कठुआ थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। उनके आश्वासन पर प्रदर्शनकारी धरना उठाने के लिए राजी हुए। हालांकि, एक घंटे से अधिक समय तक चले इस धरने से क्षेत्र का ट्रैफिक बुरी तरह प्रभावित हुआ।
बुधवार को मुखर्जी चौक में रेहड़ी तोड़ने पर कटा था बवाल
बुधवार देर शाम नगर परिषद की ओर से मुखर्जी चौक के पास अतिक्रमण हटाया जा रहा था। बाजार में लगी रेहड़ियों को भी जब्त किया जा रहा था। इसी दौरान नजदीक ही गली से घर लौट रहे वार्ड 6 निवासी रेहड़ी चालक सनी को रोका गया और सड़क पर लाकर उसकी रेहड़ी को जेसीबी से तोड़ दिया। इसके बाद स्थानीय लोगों के विरोध पर नगर परिषद ने अभियान रोक दिया। देर शाम हुई इस घटना का असर वीरवार सुबह देखने को मिला। सनी के समर्थन में जुटे लोगों ने जिला उपायुक्त कार्यालय के समक्ष नाराजगी जताई और फिर पुराना हायर सेकेंडरी गर्ल्स स्कूल चौक के पास ट्रैफिक जाम कर धरना दे दिया।
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भय का माहौल बना रहे परिषद अधिकारी
प्रदर्शन करते हुए एडवोकेट सुशील गुप्ता ने बताया कि पिछले तीन महीने से परिषद के अधिकारियों ने रेहड़ी चालकों का जीना हराम कर रखा है। अतिक्रमण हटाने के नाम पर उनके सामान को बर्बाद किया जा रहा है। परिषद अधिकारियों ने मजबूर किया है कि लोग हाइकोर्ट जाकर इनसे जवाब मांगें। जोन वेंडिंग कमेटी ही यह काम कर सकती है। गुप्ता ने कहा कि डीसी या सीईओ के पास कार्रवाई का कोई अधिकार नहीं है। कठुआ के लोगों से अपील है कि जिला प्रशासन के खिलाफ बड़ा आंदोलन शुरू कर कठुआ बंद कर रोष व्यक्त किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन यह अभियान को बंद करे या फिर आंदोलन के लिए तैयार रहे।देवेंद्र सिंह अंदौत्रा ने कहा कि डीसी ने रेहड़ी चालक सनी के पिता को 10 हजार रुपए मुआवजे के तौर पर दिए हैं। इसके अलावा उसे नई रेहड़ी और नुकसान की भरपाई करने का आश्वासन भी दिया है। इसके अलावा, मोहिंदर सिंह, सुखदेव सिंह और अजय कश्यप ने भी नगर परिषद की कार्रवाई को गलत ठहराया।
राजनीतिक पार्टियों ने भी दिया समर्थन
नगर परिषद की ओर से चलाए जा रहे अभियान को लेकर राजनीतिक पार्टियों ने भी मोर्चा खोल दिया है। वीरवार को एक तरफ जहां कांग्रेस ने प्रेसवार्ता कर इस कार्रवाई को अलोकतांत्रिक बताया। उसने कहा कि गरीब लोगों पर की गई कार्रवाई को सही नहीं ठहराया जा सकता। वहीं, डीडीसी नगरी संदीप मजोत्रा ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है। एक गरीब रोता रहा लेकिन परिषद अधिकारियों या कर्मचारियों ने उसकी एक नहीं सुनी। उन्होंने जिला उपायुक्त द्वारा पीड़ित को मुआवजा देने के फैसले को सराहा। उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसे अभियान लोगों के लिए चलाए जाते हैं। प्रशासन को सहयोग किया जाए।
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लोगों ने कहा कि पीड़ित रेहड़ी चालक को मुआवजा दिया जाए और रेहड़ी तोड़ने वाले कर्मचारी बाजार में आकर रेहड़ी चालक से माफी मांगें। लोगों के उग्र प्रदर्शन को देखते हुए जिला उपायुक्त ने पीड़ित रेहड़ी चालक के पिता को 10 हजार रुपये मुआवजा दिया और नई रेहड़ी के साथ बर्बाद हुई सब्जियों और फल का मुआवजा देने का आश्वासन भी दिया। उसके बावजूद लोगों का रोष कम नहीं हुआ। इसके चलते नायब तहसीलदार और कठुआ थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। उनके आश्वासन पर प्रदर्शनकारी धरना उठाने के लिए राजी हुए। हालांकि, एक घंटे से अधिक समय तक चले इस धरने से क्षेत्र का ट्रैफिक बुरी तरह प्रभावित हुआ।
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बुधवार को मुखर्जी चौक में रेहड़ी तोड़ने पर कटा था बवाल
बुधवार देर शाम नगर परिषद की ओर से मुखर्जी चौक के पास अतिक्रमण हटाया जा रहा था। बाजार में लगी रेहड़ियों को भी जब्त किया जा रहा था। इसी दौरान नजदीक ही गली से घर लौट रहे वार्ड 6 निवासी रेहड़ी चालक सनी को रोका गया और सड़क पर लाकर उसकी रेहड़ी को जेसीबी से तोड़ दिया। इसके बाद स्थानीय लोगों के विरोध पर नगर परिषद ने अभियान रोक दिया। देर शाम हुई इस घटना का असर वीरवार सुबह देखने को मिला। सनी के समर्थन में जुटे लोगों ने जिला उपायुक्त कार्यालय के समक्ष नाराजगी जताई और फिर पुराना हायर सेकेंडरी गर्ल्स स्कूल चौक के पास ट्रैफिक जाम कर धरना दे दिया।
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भय का माहौल बना रहे परिषद अधिकारी
प्रदर्शन करते हुए एडवोकेट सुशील गुप्ता ने बताया कि पिछले तीन महीने से परिषद के अधिकारियों ने रेहड़ी चालकों का जीना हराम कर रखा है। अतिक्रमण हटाने के नाम पर उनके सामान को बर्बाद किया जा रहा है। परिषद अधिकारियों ने मजबूर किया है कि लोग हाइकोर्ट जाकर इनसे जवाब मांगें। जोन वेंडिंग कमेटी ही यह काम कर सकती है। गुप्ता ने कहा कि डीसी या सीईओ के पास कार्रवाई का कोई अधिकार नहीं है। कठुआ के लोगों से अपील है कि जिला प्रशासन के खिलाफ बड़ा आंदोलन शुरू कर कठुआ बंद कर रोष व्यक्त किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन यह अभियान को बंद करे या फिर आंदोलन के लिए तैयार रहे।देवेंद्र सिंह अंदौत्रा ने कहा कि डीसी ने रेहड़ी चालक सनी के पिता को 10 हजार रुपए मुआवजे के तौर पर दिए हैं। इसके अलावा उसे नई रेहड़ी और नुकसान की भरपाई करने का आश्वासन भी दिया है। इसके अलावा, मोहिंदर सिंह, सुखदेव सिंह और अजय कश्यप ने भी नगर परिषद की कार्रवाई को गलत ठहराया।
राजनीतिक पार्टियों ने भी दिया समर्थन
नगर परिषद की ओर से चलाए जा रहे अभियान को लेकर राजनीतिक पार्टियों ने भी मोर्चा खोल दिया है। वीरवार को एक तरफ जहां कांग्रेस ने प्रेसवार्ता कर इस कार्रवाई को अलोकतांत्रिक बताया। उसने कहा कि गरीब लोगों पर की गई कार्रवाई को सही नहीं ठहराया जा सकता। वहीं, डीडीसी नगरी संदीप मजोत्रा ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है। एक गरीब रोता रहा लेकिन परिषद अधिकारियों या कर्मचारियों ने उसकी एक नहीं सुनी। उन्होंने जिला उपायुक्त द्वारा पीड़ित को मुआवजा देने के फैसले को सराहा। उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसे अभियान लोगों के लिए चलाए जाते हैं। प्रशासन को सहयोग किया जाए।