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Kathua News: जहां देखा रेहड़ी, खोखा, जेसीबी को अतिक्रमण हटाने का मिला मौका
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कठुआ। शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिहाज से शुरू की गई कार्रवाई में तीसरे दिन भी नगर परिषद की टीम ने अभियान जारी रखा। बुधवार को टीम ने जीएमसी एसोसिएट अस्पताल से अभियान की शुरुआत कर कालीबड़ी तक सभी अवैध कब्जों में हटाया।
इस दौरान रास्ते में जितनी रेहड़ियां, फड़ियां और खोखे दिखे। सभी को जेसीबी से उठाकर सरकारी वाहनों में लाद लिया गया। इसके अलावा कई ढांचों को भी जेसीबी ने गिरा दिया। दो घंटे चले इस अभियान के दौरान करीब 15 खोखों और रेहड़ियों पर कार्रवाई की गई। परिषद अधिकारियों का कहना है कि शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने तक यह अभियान जारी रहेगा। मौजूदा समय में शहर की विभिन्न सड़कों से लेकर नेशनल हाईवे पर यह अभियान चलाया जा रहा है लेकिन आने वाले समय में तंग बाजारों और गलियों में लोगों द्वारा किए गए अतिक्रमण को हटाया जाएगा।
कार्रवाई के डर से खुद हटाए कब्जे
नगर परिषद ने बुधवार सुबह ही कर्मचारियों के जरिए जीएमसी अस्पताल से कालीबड़ी तक अतिक्रमण कर बैठे लोगों को चेतावनी भिजवा दी कि दोपहर एक बजे टीम वहां पहुंचेगी। अगर वे अपना सामान, रेहड़ियां और खोखे बचाना चाहते हैं तो एक बजे से पहले उन्हें वहां से हटा लें। इसके बाद पूरे रोड पर अफरातफरी का माहौल देखने को मिला। लोगों ने आनन फानन में सड़क किनारे लगाए स्थायी स्टाॅल और रेहड़ियों को हटाया गया लेकिन कई लोगों तक चेतावनी नहीं पहुंची। इसके चलते उनका सामान और रेहड़ियों को प्रशासन ने उठा लिया और ढांचों को तोड़ दिया, जबकि कई दुकानों का सामान भी जब्त किया गया।
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लोगों ने अलग जगह मुहैया करवाने की रखी मांग
जीएमसी के बाहर लोगों ने खाने-पीने के सामान के खोखे और स्टाॅल लगा रखे थे। खोखे और स्टाॅल टूटने के बाद बेरोजगार हुए लोगों ने कहा कि वे जीएमसी अस्पताल के बाहर पिछले 10-12 साल से स्टाॅल या खोखे लगाकर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं। अब उनका रोजगार छिन गया है। अब वे परिवार को कैसे पालेंगे। लोगों ने अपील करते हुए कहा कि नगर परिषद उन्हें किसी अन्य स्थान पर जगह उपलब्ध करवाए ताकि वे फिर से अपने परिवार का पालन पोषण कर सकें।
रोजगार का साधन उजड़ने का डर
नगर परिषद की ओर से अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई जारी है। ऐसे में सभी स्टाॅल और खोखे उखाड़े जा रहे हैं। वहीं कई लोग इस कार्रवाई से खौफजदा हैं। इनमें एक स्थानीय निवासी शकुंतला देवी भी हैं। वह जीएमसी के बाहर दाल-चावल का छोटा सा ढाबा चलाती हैं। बुधवार को जब टीम वहां पहुंची तो शकुंतला देवी ने कहा कि उनके घर में कोई कमाने वाला नहीं है। कुछ साल पहले उनके पति की मौत हो चुकी है। इसी ढाबे के दम पर वह बच्चों का पालन पोषण कर रही हैं। शकुंतला ने कहा कि वह वीरवार तक इस स्टाॅल को हटा लेंगी लेकिन इसे तोड़ा न जाए। इसके बाद परिषद कर्मचारियों ने उन्हें एक दिन का समय दे दिया।
अतिक्रमण के खिलाफ जारी रहेगी कार्रवाई
नगर परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जोधराज ने कहा कि लोगों को पिछले तीन महीने से अतिक्रमण हटाने को कहा गया है, लेकिन वे नहीं माने। इसके चलते शहर में लोगों को ट्रैफिक जाम से परेशान होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण मुक्त होने तक शहर के विभिन्न क्षेत्रों में यह अभियान जारी रहेगा।
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इस दौरान रास्ते में जितनी रेहड़ियां, फड़ियां और खोखे दिखे। सभी को जेसीबी से उठाकर सरकारी वाहनों में लाद लिया गया। इसके अलावा कई ढांचों को भी जेसीबी ने गिरा दिया। दो घंटे चले इस अभियान के दौरान करीब 15 खोखों और रेहड़ियों पर कार्रवाई की गई। परिषद अधिकारियों का कहना है कि शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने तक यह अभियान जारी रहेगा। मौजूदा समय में शहर की विभिन्न सड़कों से लेकर नेशनल हाईवे पर यह अभियान चलाया जा रहा है लेकिन आने वाले समय में तंग बाजारों और गलियों में लोगों द्वारा किए गए अतिक्रमण को हटाया जाएगा।
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कार्रवाई के डर से खुद हटाए कब्जे
नगर परिषद ने बुधवार सुबह ही कर्मचारियों के जरिए जीएमसी अस्पताल से कालीबड़ी तक अतिक्रमण कर बैठे लोगों को चेतावनी भिजवा दी कि दोपहर एक बजे टीम वहां पहुंचेगी। अगर वे अपना सामान, रेहड़ियां और खोखे बचाना चाहते हैं तो एक बजे से पहले उन्हें वहां से हटा लें। इसके बाद पूरे रोड पर अफरातफरी का माहौल देखने को मिला। लोगों ने आनन फानन में सड़क किनारे लगाए स्थायी स्टाॅल और रेहड़ियों को हटाया गया लेकिन कई लोगों तक चेतावनी नहीं पहुंची। इसके चलते उनका सामान और रेहड़ियों को प्रशासन ने उठा लिया और ढांचों को तोड़ दिया, जबकि कई दुकानों का सामान भी जब्त किया गया।
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लोगों ने अलग जगह मुहैया करवाने की रखी मांग
जीएमसी के बाहर लोगों ने खाने-पीने के सामान के खोखे और स्टाॅल लगा रखे थे। खोखे और स्टाॅल टूटने के बाद बेरोजगार हुए लोगों ने कहा कि वे जीएमसी अस्पताल के बाहर पिछले 10-12 साल से स्टाॅल या खोखे लगाकर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं। अब उनका रोजगार छिन गया है। अब वे परिवार को कैसे पालेंगे। लोगों ने अपील करते हुए कहा कि नगर परिषद उन्हें किसी अन्य स्थान पर जगह उपलब्ध करवाए ताकि वे फिर से अपने परिवार का पालन पोषण कर सकें।
रोजगार का साधन उजड़ने का डर
नगर परिषद की ओर से अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई जारी है। ऐसे में सभी स्टाॅल और खोखे उखाड़े जा रहे हैं। वहीं कई लोग इस कार्रवाई से खौफजदा हैं। इनमें एक स्थानीय निवासी शकुंतला देवी भी हैं। वह जीएमसी के बाहर दाल-चावल का छोटा सा ढाबा चलाती हैं। बुधवार को जब टीम वहां पहुंची तो शकुंतला देवी ने कहा कि उनके घर में कोई कमाने वाला नहीं है। कुछ साल पहले उनके पति की मौत हो चुकी है। इसी ढाबे के दम पर वह बच्चों का पालन पोषण कर रही हैं। शकुंतला ने कहा कि वह वीरवार तक इस स्टाॅल को हटा लेंगी लेकिन इसे तोड़ा न जाए। इसके बाद परिषद कर्मचारियों ने उन्हें एक दिन का समय दे दिया।
अतिक्रमण के खिलाफ जारी रहेगी कार्रवाई
नगर परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जोधराज ने कहा कि लोगों को पिछले तीन महीने से अतिक्रमण हटाने को कहा गया है, लेकिन वे नहीं माने। इसके चलते शहर में लोगों को ट्रैफिक जाम से परेशान होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण मुक्त होने तक शहर के विभिन्न क्षेत्रों में यह अभियान जारी रहेगा।