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Kathua News: 32 लाख से होगा प्राचीन धरोहर रैंक की बावली का जीर्णोद्धार
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रैंकी की बावली के जीर्णेाद्धार की जानकारी देते हुए
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलावर। नगर कमेटी के वार्ड एक में स्थित प्राचीन धरोहर रैंक की बावली के जीर्णोद्धार के लिए सरकार ने राशि जारी कर दी है लगभग दो दशकों तक प्रशासनिक अनदेखी का शिकार रही बावली खंडहर बनती जा रही थी लेकिन अब इसकी मरम्मत के लिए पर 32 लाख रुपये की राशि खर्च की जाएगी।
लोक निर्माण विभाग की ओर से बावली को नया रूप दिया जाएगा जिससे कस्बे के वासियों में खुशी की लहर है। लोगों ने बताया कि इस धरोहर को बचाना बहुत जरूरी था। कुछ वर्ष पूर्व भूकंप और सरकारी उदासीनता के कारण बावली खंडहर बनती जा रही थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि जिस समय बिलावर में जल शक्ति विभाग की ओर से पेयजल आपूर्ति उपलब्ध नहीं थी उस समय इसी बावली पर पूरे कस्बे के लोग पेयजल के लिए निर्भर थे।
लोक निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता मोहम्मद रजाक ने बताया कि जम्मू-कश्मीर पुरातत्व विभाग की टीम ने बिलावर का दौरा कर बावली का निरीक्षण किया था। इसके बाद सरकार की ओर से इसके जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण के लिए राशि जारी कर दी गई। बावली के पास लोगों के बैठने के लिए भी व्यवस्था की जाएगी और बावली को जोड़ने वाले रास्ते को पक्का करके फुटपाथ बनाया जाएगा।
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बिलावर। नगर कमेटी के वार्ड एक में स्थित प्राचीन धरोहर रैंक की बावली के जीर्णोद्धार के लिए सरकार ने राशि जारी कर दी है लगभग दो दशकों तक प्रशासनिक अनदेखी का शिकार रही बावली खंडहर बनती जा रही थी लेकिन अब इसकी मरम्मत के लिए पर 32 लाख रुपये की राशि खर्च की जाएगी।
लोक निर्माण विभाग की ओर से बावली को नया रूप दिया जाएगा जिससे कस्बे के वासियों में खुशी की लहर है। लोगों ने बताया कि इस धरोहर को बचाना बहुत जरूरी था। कुछ वर्ष पूर्व भूकंप और सरकारी उदासीनता के कारण बावली खंडहर बनती जा रही थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि जिस समय बिलावर में जल शक्ति विभाग की ओर से पेयजल आपूर्ति उपलब्ध नहीं थी उस समय इसी बावली पर पूरे कस्बे के लोग पेयजल के लिए निर्भर थे।
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लोक निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता मोहम्मद रजाक ने बताया कि जम्मू-कश्मीर पुरातत्व विभाग की टीम ने बिलावर का दौरा कर बावली का निरीक्षण किया था। इसके बाद सरकार की ओर से इसके जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण के लिए राशि जारी कर दी गई। बावली के पास लोगों के बैठने के लिए भी व्यवस्था की जाएगी और बावली को जोड़ने वाले रास्ते को पक्का करके फुटपाथ बनाया जाएगा।
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