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65वें महापरिनिर्वाण दिवस पर डा. भीम राव अा को किया याद
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नगरी हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बाबा साहेब को श्रद्धांजलि अर्पित करते जि
- फोटो : KATHUA
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कठुआ। भारत रत्न बाबा साहब भीमराव आंबेडकर की के 65वें महापरिनिर्वाण दिवस पर हायर सेकेंडरी स्कूल नगरी में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें नगरी ब्लॉक से जिला विकास परिषद के सदस्य संदीप मजोत्रा विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस मौके पर उन्होंने बाबा साहब के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
कार्यक्रम के दौरान स्कूल के विद्यार्थियों ने बाबा साहब के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पूरे विश्व के सबसे महान संविधान के निर्माता बाबा साहेब हमेशा से समाज के पिछड़े और गरीब तबके के उद्धारक के रूप में याद किए जाते हैं। क्योंकि उनके द्वारा रचित संविधान के माध्यम से देश के हर नागरिक को लोकतंत्र में अपनी समान रूप से भागीदारी देने का अवसर प्राप्त हो सका है। समाज में समता और समानता के पक्षधर बाबासाहेब सभी के लिए हमेशा से आदरणीय रहे हैं।
इस मौके पर जिला विकास परिषद की नगरी ब्लाक से सदस्य संदीप मजोत्रा ने अपने संबोधन में कहा कि गरीब परिवार में जन्म लेने वाले बाबा साहेब बचपन से ही काफी मेधावी थे। अपने जीवन काल में उन्होंने शिक्षा को विशेष महत्व दिया और अलग-अलग 33 डिग्री हासिल की। 11 भाषाओं के ज्ञाता बाबासाहेब आजीवन शिक्षा को अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते थे। भारत के संविधान की रचना के लिए उन्होंने विश्व के 11 अलग-अलग देशों के संविधान का ध्यान पूर्वक अध्ययन करने के उपरांत हमें संघीय भारत के महान संविधान को सौंपा है। जिसमें उनके ज्ञान की छवि साफ दिखाई देती है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी विद्यार्थियों को बाबा साहब के जीवन से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में शिक्षा के महत्व को सबसे ऊपर रखने के लिए कहा। मजोत्रा ने कहा कि शिक्षा ही एक वह माध्यम है जो हमें उत्थान की ओर ले जा सकता है। लिहाजा हमें अपने जीवन काल में शिक्षा को विशेष महत्व देना होगा। इस मौके पर स्कूल के प्रधानाचार्य जीतेंद्र सेठी, बीडीसी अध्यक्ष खजान चंद्र, तहसीलदार सुदेश कुमार, बीडीओ नगरी संदीप कुमार के अलावा स्कूल स्टाफ के सदस्य भी उपस्थित रहे।
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वहीं, महानपुर कस्बे के डिग्री कॉलेज में डॉक्टर बीआर आंबेडकर की पुण्यतिथि महापरिनिर्वाण के रूप में मनाई गई। इस मौके पर उनकी तस्वीर पर पुष्प चढ़ाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। कॉलेज के प्रधानाचार्य ने डॉ बीआर आंबेडकर के जीवन शैली पर रोशनी डाली।
पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान कॉलेज के विद्यार्थियों और स्टाफ की ओर से डॉ बीआर आंबेडकर की तस्वीर पर फूल माला चढ़ाकर उन्हें श्रद्धांजलि देकर याद किया गया। इस मौके पर कालेज के प्रधानाचार्य डॉक्टर आरके कौल ने कहा की डॉक्टर बीआर आंबेडकर ने संविधान लिख कर गरीब और दलितों की स्थिति को सुधारने के लिए बड़ी भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि डा. बीआर आंबेडकर ने अपने कार्यों की वजह से निर्वाण प्राप्त कर चुके हैं, यही कारण है कि उनकी पुण्यतिथि को महापरिनिर्वाण दर्जा दिया गया है। इस मौके पर डिग्री कॉलेज के स्टाफ और नॉन टीचिंग स्टाफ भी उपस्थित रहा।
वहीं, कठुआ में बाबा साहब डॉ भीम राव अम्बेडकर की 65वीं पुण्यतिथि पर राजकीय डिग्री कॉलेज कठुआ की एनएसएस इकाई की ओर से संगोष्ठी का आयोजन किया। एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी प्रो रितु कुमार शर्मा की देखरेख में आयोजित कार्यक्रम की कार्यवाही का संचालन प्रो. नेहा बंद्राल ने किया।
संगोष्ठी में 27 स्वयंसेवकों ने भाग लेकर अपने विचार व्यक्त किए। अभिषेक सिंह, अलीशिया और अमीषा देवी ने प्रतियोगिता में क्रमश: पहला, दूसरा और तीसरा स्थान प्रदान किया। जबकि अन्य प्रतिभागियों को सांत्वना पुरुस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया। इस अवसर पर एनएसएस प्रोग्राम अधिकारी प्रो. मनमोहन सिंह ने बाबा साहब डॉ. भीम राव आंबेडकर की जीवन उपलब्धियों पर भी प्रकाश डालते हुए बताया कि आज का दिन को बाबा साहेब के महापरिनिर्वाण दिवस के रूप में मनाया गया।
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कार्यक्रम के दौरान स्कूल के विद्यार्थियों ने बाबा साहब के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पूरे विश्व के सबसे महान संविधान के निर्माता बाबा साहेब हमेशा से समाज के पिछड़े और गरीब तबके के उद्धारक के रूप में याद किए जाते हैं। क्योंकि उनके द्वारा रचित संविधान के माध्यम से देश के हर नागरिक को लोकतंत्र में अपनी समान रूप से भागीदारी देने का अवसर प्राप्त हो सका है। समाज में समता और समानता के पक्षधर बाबासाहेब सभी के लिए हमेशा से आदरणीय रहे हैं।
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इस मौके पर जिला विकास परिषद की नगरी ब्लाक से सदस्य संदीप मजोत्रा ने अपने संबोधन में कहा कि गरीब परिवार में जन्म लेने वाले बाबा साहेब बचपन से ही काफी मेधावी थे। अपने जीवन काल में उन्होंने शिक्षा को विशेष महत्व दिया और अलग-अलग 33 डिग्री हासिल की। 11 भाषाओं के ज्ञाता बाबासाहेब आजीवन शिक्षा को अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते थे। भारत के संविधान की रचना के लिए उन्होंने विश्व के 11 अलग-अलग देशों के संविधान का ध्यान पूर्वक अध्ययन करने के उपरांत हमें संघीय भारत के महान संविधान को सौंपा है। जिसमें उनके ज्ञान की छवि साफ दिखाई देती है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी विद्यार्थियों को बाबा साहब के जीवन से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में शिक्षा के महत्व को सबसे ऊपर रखने के लिए कहा। मजोत्रा ने कहा कि शिक्षा ही एक वह माध्यम है जो हमें उत्थान की ओर ले जा सकता है। लिहाजा हमें अपने जीवन काल में शिक्षा को विशेष महत्व देना होगा। इस मौके पर स्कूल के प्रधानाचार्य जीतेंद्र सेठी, बीडीसी अध्यक्ष खजान चंद्र, तहसीलदार सुदेश कुमार, बीडीओ नगरी संदीप कुमार के अलावा स्कूल स्टाफ के सदस्य भी उपस्थित रहे।
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वहीं, महानपुर कस्बे के डिग्री कॉलेज में डॉक्टर बीआर आंबेडकर की पुण्यतिथि महापरिनिर्वाण के रूप में मनाई गई। इस मौके पर उनकी तस्वीर पर पुष्प चढ़ाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। कॉलेज के प्रधानाचार्य ने डॉ बीआर आंबेडकर के जीवन शैली पर रोशनी डाली।
पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान कॉलेज के विद्यार्थियों और स्टाफ की ओर से डॉ बीआर आंबेडकर की तस्वीर पर फूल माला चढ़ाकर उन्हें श्रद्धांजलि देकर याद किया गया। इस मौके पर कालेज के प्रधानाचार्य डॉक्टर आरके कौल ने कहा की डॉक्टर बीआर आंबेडकर ने संविधान लिख कर गरीब और दलितों की स्थिति को सुधारने के लिए बड़ी भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि डा. बीआर आंबेडकर ने अपने कार्यों की वजह से निर्वाण प्राप्त कर चुके हैं, यही कारण है कि उनकी पुण्यतिथि को महापरिनिर्वाण दर्जा दिया गया है। इस मौके पर डिग्री कॉलेज के स्टाफ और नॉन टीचिंग स्टाफ भी उपस्थित रहा।
वहीं, कठुआ में बाबा साहब डॉ भीम राव अम्बेडकर की 65वीं पुण्यतिथि पर राजकीय डिग्री कॉलेज कठुआ की एनएसएस इकाई की ओर से संगोष्ठी का आयोजन किया। एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी प्रो रितु कुमार शर्मा की देखरेख में आयोजित कार्यक्रम की कार्यवाही का संचालन प्रो. नेहा बंद्राल ने किया।
संगोष्ठी में 27 स्वयंसेवकों ने भाग लेकर अपने विचार व्यक्त किए। अभिषेक सिंह, अलीशिया और अमीषा देवी ने प्रतियोगिता में क्रमश: पहला, दूसरा और तीसरा स्थान प्रदान किया। जबकि अन्य प्रतिभागियों को सांत्वना पुरुस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया। इस अवसर पर एनएसएस प्रोग्राम अधिकारी प्रो. मनमोहन सिंह ने बाबा साहब डॉ. भीम राव आंबेडकर की जीवन उपलब्धियों पर भी प्रकाश डालते हुए बताया कि आज का दिन को बाबा साहेब के महापरिनिर्वाण दिवस के रूप में मनाया गया।