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ईद पर बरसीं रहमत की बूंदे, मांगी अमन-चैन की दुआ

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कठुआ/बनी। ईद-उल फितर के मौके पर जिला मुख्यालय समेत आसपास और दूरदराज इलाकों में सामूहिक नमाज अदा की गई। झमाझम बारिश के बावजूद अकीदतमंदों का उत्साह बरकरार रहा। एक-दूसरे के गले मिलकर मुबारकबाद देने का सिलसिला दिन भर जारी रहा। फितराना और जकात के तौर पर जरूरतमंदों को मदद भी दी गई। कठुआ शहर में नमाज अदा करने के लिए ईदगाह को स्थान मुकर्रर किया गया था, लेकिन मौसम खराब होने के चलते जामिया मस्जिद में तीन शिफ्टों में नमाज पढ़ी गई। ईद की मुबारक देने के लिए मस्जिद में डीसी राहुल यादव, एसएसपी रमेश चंद्र कोतवाल, डीडीसी उपाध्यक्ष रघुनंदन सिंह बबलू भी पहुंचे।
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नमाजी मोहम्मद सदीक ने बताया कि ईदगाह में नमाज के लिए अच्छे इंतजाम थे, लेकिन मौसम बदलने के बाद नमाज जामा मस्जिद में अदा की गई है। मंगलवार को हुई बारिश इस बात का प्रमाण है कि खुदा खुश हैं, शिद्दत की गर्मी में बारिश की रहमत बरसाई। आज ही के दिन ईद और परशुराम जयंती भी मनाई गई। खुदा की बारगाह में दुआ की गई कि देश व शहर में अमन-चैन और भाईचारा बना रहे। दो साल बाद हर मजहब के लोग मुस्लिम भाईयों की खुशी में शामिल होने पहुंचे।
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उधर, ईद की नमाज तीन शिफ्ट में हुई जिसमें पहली शिफ्ट में जहां जामिया मस्जिद के इमाम मोहम्मद जकरिया ने नमाज अदा करवाई। दूसरी शिफ्ट में मौलाना रफीक ने नमाज अदा करवाई। तीसरी नमाज हाफिज ने करवाई। सुबह नौ बजे से नमाज अदा करने की कवायद शुरू हो गई। कठुआ शहर समेत आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में नमाजी पहुंचे। इंसानियत की खैरियत, जरूरतमंदों की भलाई और पूरे समाज में भाईचारे की दुआएं मांगी गईं। मुस्लिम वेलफेयर कमेटी के पदाधिकारियों समेत कई दीगर हस्तियों ने ईद के मौके को खास बताते हुए इंसानियत की खिदमत पर जोर दिया। सिविल और पुलिस प्रशासन के आला अफसरों ने भी ईद की खुशी साझा की। ईद की नमाज में इश्फाक चौहान, शकील अहमद टोनी हाजी अब्दुल रशीद, शौकत, हाजी अब्दुल रज्जाक, अब्दुल खालिक, हाजी इकबाल, हाजी फरमान अली, मोहम्मद सादिक आदि लोगों ने शिरकत की। बताया कि संपन्न परिवार अपनी बचत का ढाई फीसदी हिस्सा जकात के तौर पर जरूरतमंदों में बांटते हैं। माहे रमजान के बाद यह इनाम का दिन भी होता है, जिसमें सेवइयां खाकर इंसानियत के रिश्तों में मिठास घोली जाती है। उधर, बनी ईदगाह में बनी समेत लोआंग, बरमोता, कोटी चंडियार के लोगों ने उत्साह के साथ नमाज अदा की।
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