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Kathua: आठ महीने से नहीं मिला राशन, आक्रोशित लोगों ने किया प्रदर्शन
Tue, 30 Aug 2022 02:17 PM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, कठुआ
अमर उजाला नेटवर्क, कठुआ
Published by: जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
Updated Tue, 30 Aug 2022 02:17 PM IST
सार
बोरथेन साउथ पंचायत के लोगों ने सरकारी राशन की कालाबाजारी के गंभीर आरोप लगाए हैं। लोगों ने कहा कि 150 परिवारों के राशन को डीलर और टीएसओ गंभीरता से नहीं ले रहे हैं और ग्रामीण अपने हक से वंचित हैं।
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पिछले आठ महीनों ने राशन न मिलने पर रोष जताते बोरथेन साउथ पंचायत के लोग। संवाद
- फोटो : KATHUA
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विस्तार
जिला कठुआ में आठ महीने से सरकारी राशन की आपूर्ति न होने पर बोरथेन साउथ पंचायत के लोगों का गुस्सा रविवार को फूट पड़ा। सड़क पर उतरे ग्रामीणों ने खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं जन वितरण विभाग के सहायक निदेशक, टीएसओ और डीलर के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने कहा कि 150 परिवारों को आठ महीने से राशन नहीं मिल रहा है। इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। साथ ही दोषी पाए जाने पर अधिकारियों को तत्काल निलंबित किया जाना चाहिए।
बोरथेन साउथ पंचायत के लोगों ने सरकारी राशन की कालाबाजारी के गंभीर आरोप लगाए हैं। लोगों ने कहा कि 150 परिवारों के राशन को डीलर और टीएसओ गंभीरता से नहीं ले रहे हैं और ग्रामीण अपने हक से वंचित हैं। प्रदर्शनकारियों में शामिल मनसा राम ने बताया कि उन्हें आठ महीने से राशन नहीं मिला है। कहा कि वे जानना चाहते हैं कि सरकार क्या उनके लिए राशन भेज भी रही है या नहीं ? इस मामले में डीसी से भी मिले लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। एडी से भी मिले लेकिन बस बताया गया कि राशन जारी कर दिया गया है। सरकार की ओर से जारी हुआ मुफ्त राशन भी नहीं मिल पाया है।
विद्या देवी ने बताया कि उन्हें सड़क पर उतरने को मजबूर किया गया है। कई बार अधिकारियों से गुहार लगाई है लेकिन हाथ कुछ भी नहीं लगा है। राशन के बारे में डीलर की ओर से बताया जाता है कि आज आ रहा है या कल आएगा। इसी में महीनों बीत जाते हैं। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि अधिकतर परिवारों में एक कमाने वाला और छह खाने वाले हैं, जमीन भी नहीं है। ऐसे में राशन न मिलने पर परिवार का गुजर बसर मुश्किल हो जाता है।
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रंदीप सिंह ने कहा कि राशन नियमित नहीं मिलता। कभी एक महीने का मिल गया तो छह महीने तक दुबारा राशन नहीं मिल पाता है। इस समस्या को लेकर डीसी से भी मिले चुके हैं। डीसी ने आश्वासन दिया, लेकिन समाधान कोई नहीं हुआ है। राशन कहां गया किसने गायब किया इसकी जांच होनी चाहिए और लापरवाही बरतने वालों को निलंबित किया जाना चाहिए।
क्या कहते हैं अधिकारी-
विभाग का काम है डिपो पर राशन पहुंचाना। डिपो दन्नी गांव में है। ग्रामीण चाहते हैं कि उन्हें घर-घर राशन पहुंचाया जाए जो संभव नहीं है। आज भी उनके कोटे का राशन दन्नी डिपो पर पहुंचता है। जहां से वे अपने हिस्से का मासिक राशन ले सकते हैं, लेकिन एक महीने के बाद यह राशन सरेंडर हो जाता है। ऐसे में पिछला राशन जारी नहीं किया जा सकता है। ग्रामीण चाहें तो सोमवार को दन्नी राशन डिपो में जाकर अगस्त महीने का राशन हासिल कर सकते हैं। - हारून नायक, सहायक निदेशक, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं जन वितरण विभाग।
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बोरथेन साउथ पंचायत के लोगों ने सरकारी राशन की कालाबाजारी के गंभीर आरोप लगाए हैं। लोगों ने कहा कि 150 परिवारों के राशन को डीलर और टीएसओ गंभीरता से नहीं ले रहे हैं और ग्रामीण अपने हक से वंचित हैं। प्रदर्शनकारियों में शामिल मनसा राम ने बताया कि उन्हें आठ महीने से राशन नहीं मिला है। कहा कि वे जानना चाहते हैं कि सरकार क्या उनके लिए राशन भेज भी रही है या नहीं ? इस मामले में डीसी से भी मिले लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। एडी से भी मिले लेकिन बस बताया गया कि राशन जारी कर दिया गया है। सरकार की ओर से जारी हुआ मुफ्त राशन भी नहीं मिल पाया है।
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विद्या देवी ने बताया कि उन्हें सड़क पर उतरने को मजबूर किया गया है। कई बार अधिकारियों से गुहार लगाई है लेकिन हाथ कुछ भी नहीं लगा है। राशन के बारे में डीलर की ओर से बताया जाता है कि आज आ रहा है या कल आएगा। इसी में महीनों बीत जाते हैं। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि अधिकतर परिवारों में एक कमाने वाला और छह खाने वाले हैं, जमीन भी नहीं है। ऐसे में राशन न मिलने पर परिवार का गुजर बसर मुश्किल हो जाता है।
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रंदीप सिंह ने कहा कि राशन नियमित नहीं मिलता। कभी एक महीने का मिल गया तो छह महीने तक दुबारा राशन नहीं मिल पाता है। इस समस्या को लेकर डीसी से भी मिले चुके हैं। डीसी ने आश्वासन दिया, लेकिन समाधान कोई नहीं हुआ है। राशन कहां गया किसने गायब किया इसकी जांच होनी चाहिए और लापरवाही बरतने वालों को निलंबित किया जाना चाहिए।
क्या कहते हैं अधिकारी-
विभाग का काम है डिपो पर राशन पहुंचाना। डिपो दन्नी गांव में है। ग्रामीण चाहते हैं कि उन्हें घर-घर राशन पहुंचाया जाए जो संभव नहीं है। आज भी उनके कोटे का राशन दन्नी डिपो पर पहुंचता है। जहां से वे अपने हिस्से का मासिक राशन ले सकते हैं, लेकिन एक महीने के बाद यह राशन सरेंडर हो जाता है। ऐसे में पिछला राशन जारी नहीं किया जा सकता है। ग्रामीण चाहें तो सोमवार को दन्नी राशन डिपो में जाकर अगस्त महीने का राशन हासिल कर सकते हैं। - हारून नायक, सहायक निदेशक, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं जन वितरण विभाग।