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Kathua News: शहर में बारिश और ओलावृष्टि से बिजली गुल, उफान पर नदी-नाले
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कठुआ। बीते दो दिन से शहर में भारी बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त है। इससे जहां एक ओर जलभराव की समस्या पेश आ रही है वहीं दूसरी तरफ अघोषित बिजली कटौती से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। इसके अलावा, जिले के नदी, नाले उफान पर हैं। मौसम विभाग ने 27 फरवरी तक मौसम खराब रहने की संभावना जताई है। बता दें कि सोमवार की शाम पांच बजे के बाद शुरू हुई बारिश पूरी रात जारी रही। इस दौरान शहर में मूसलाधार बारिश हुई वहीं कुछ इलाकों में ओलावृष्टि भी हुई। सोमवार दोपहर तक 12 एमएम, जबकि, मंगलवार सुबह तक 19 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। इससे शहर में कई स्थानों पर बिजली की तारों को नुकसान पहुंचा। जंपर और कंडक्टरों में खराबी आ गई। इसके अलावा, लाइटनिंग रेस्ट भी प्रभावित हुए। इससे पटेल नगर, शिवाजीनगर सहित शहर के 60 फीसदी इलाके में पूरी रात बिजली आपूर्ति बाधित रही। हालांकि, दिन चढ़ने के साथ ही कर्मचारी क्षतिपूर्ति में जुटे और नौ बजे तक शहर की बिजली आपूर्ति बहाल की गई।
मंगलवार हो चंद मिनटों के लिए निकली धूप
सोमवार शाम से जारी बारिश के बाद कालीबड़ी सहित शहर के कई स्थानों पर जलभराव हो गया। इसके चलते लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि, मंगलवार सुबह चंद मिनटों के लिए धूप खिली लेकिन उसके बाद अचानक से आसमान पर बादलों ने डेरा जमा लिया। इस दौरान चली ठंडी हवाओं ने मौसम को एक बार फिर सर्द कर दिया। मौसम विभाग के मुताबिक 27 फरवरी तक पश्चिमी विक्षोभ का असर दिखेगा। इस दौरान बुधवार को मौसम खुलने के बाद वीरवार से एक बार फिर मैदानी इलाकों में बारिश और ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना है। कृषि मौसम विभाग प्रमुख एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विशाल महाजन का कहना है कि बुधवार को मौसम खुलने और उसके बाद फिर 27 तक बारिश का अनुमान है।
फसलों के लिए अच्छी है बारिश : कृषि वैज्ञानिक
कृषि मौसम विभाग प्रमुख डॉ. विशाल महाजन का कहना है कि इस समय की बारिश हर सब्जी और फसल के लिए फायदेमंद है। उन्होंने बताया कि गेहूं के लिए यह बारिश अधिक लाभकारी होगी। देर से हुई बारिश और बर्फबारी की क्षतिपूर्ति हो रही है। अब मौसम खुलने के बाद धूप में ज्यादा देर तक बर्फ नहीं टिकेगी। अगर थोड़े दिन पहले बर्फबारी होती तो जमीन में नमी की मात्रा बढ़ सकती थी।
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बारिश, ओलावृष्टि से पहुंचा ढांचे को नुकसान, अब सामान्य
पावर डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के सहायक कार्यकारी अभियंता सुनील शर्मा का कहना है कि रात को हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि से बिजली के तार, जंपर, कंडक्टर और लाइटनिंग रेस्ट को नुकसान पहुंचा था। इसके चलते कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। रात में बरसात और अंधेरे के कारण उनकी मरम्मत नहीं की गई लेकिन सुबह छह बजे ही कर्मचारी काम में जुट गए और नौ बजे तक पूरे शहर की बिजली बहाल कर दी गई थी।
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मंगलवार हो चंद मिनटों के लिए निकली धूप
सोमवार शाम से जारी बारिश के बाद कालीबड़ी सहित शहर के कई स्थानों पर जलभराव हो गया। इसके चलते लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि, मंगलवार सुबह चंद मिनटों के लिए धूप खिली लेकिन उसके बाद अचानक से आसमान पर बादलों ने डेरा जमा लिया। इस दौरान चली ठंडी हवाओं ने मौसम को एक बार फिर सर्द कर दिया। मौसम विभाग के मुताबिक 27 फरवरी तक पश्चिमी विक्षोभ का असर दिखेगा। इस दौरान बुधवार को मौसम खुलने के बाद वीरवार से एक बार फिर मैदानी इलाकों में बारिश और ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना है। कृषि मौसम विभाग प्रमुख एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विशाल महाजन का कहना है कि बुधवार को मौसम खुलने और उसके बाद फिर 27 तक बारिश का अनुमान है।
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फसलों के लिए अच्छी है बारिश : कृषि वैज्ञानिक
कृषि मौसम विभाग प्रमुख डॉ. विशाल महाजन का कहना है कि इस समय की बारिश हर सब्जी और फसल के लिए फायदेमंद है। उन्होंने बताया कि गेहूं के लिए यह बारिश अधिक लाभकारी होगी। देर से हुई बारिश और बर्फबारी की क्षतिपूर्ति हो रही है। अब मौसम खुलने के बाद धूप में ज्यादा देर तक बर्फ नहीं टिकेगी। अगर थोड़े दिन पहले बर्फबारी होती तो जमीन में नमी की मात्रा बढ़ सकती थी।
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बारिश, ओलावृष्टि से पहुंचा ढांचे को नुकसान, अब सामान्य
पावर डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के सहायक कार्यकारी अभियंता सुनील शर्मा का कहना है कि रात को हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि से बिजली के तार, जंपर, कंडक्टर और लाइटनिंग रेस्ट को नुकसान पहुंचा था। इसके चलते कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। रात में बरसात और अंधेरे के कारण उनकी मरम्मत नहीं की गई लेकिन सुबह छह बजे ही कर्मचारी काम में जुट गए और नौ बजे तक पूरे शहर की बिजली बहाल कर दी गई थी।