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Kathua News: रेल कर्मचारियों के आवास का किराया बढ़ा, एक जुलाई से नई दरें लागू
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- टाइप-1 से टाइप-4 तक के क्वार्टरों के किराये में बढ़ोतरी, रेलवे बोर्ड ने जारी किया संशोधित चार्ट
- सबसे बड़े आवास का शुल्क 1180 से बढ़कर 1320 रुपये प्रतिमाह, सब-स्टैंडर्ड आवास संशोधन से बाहर
एच पी चौहान
जम्मू। रेलवे बोर्ड ने भारतीय रेलवे के सभी आवासीय क्वार्टरों के लिए लाइसेंस शुल्क (स्टैंडर्ड रेंट/ किराया) की नई दरें जारी की हैं। संशोधित दरें 1 जुलाई 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी। बोर्ड ने 23 सितंबर को जारी आदेश में स्पष्ट किया है कि नई दरें रेलवे के सभी आवासीय आवासों पर लागू होंगी, लेकिन सब-स्टैंडर्ड आवासों पर यह संशोधन लागू नहीं होगा।
रेलवे बोर्ड के निदेशक वित्त संजीत कुमार द्वारा जारी आदेश के मुताबिक संशोधित दरों के अनुसार टाइप-1 आवास में 25 वर्गमीटर तक के क्वार्टर का शुल्क 120 से बढ़ाकर 130 रुपये प्रतिमाह किया गया है। 25-30 वर्गमीटर के लिए 150 से 170, 30-35 वर्गमीटर के लिए 190 से 210 और 35 वर्गमीटर से अधिक के लिए 200 से बढ़ाकर 220 रुपये शुल्क तय किया गया है। टाइप-2 में 45 वर्गमीटर तक का शुल्क 250 से 280 रुपये, 45-50 वर्गमीटर का 280 से 310, 50-55 वर्गमीटर का 310 से 350 और 55 वर्गमीटर से अधिक का 340 से 380 रुपये किया गया है।
टाइप-3 के लिए 60 वर्गमीटर तक शुल्क 420 से 470 रुपये, 60-65 वर्गमीटर का 470 से 530, 65-70 वर्गमीटर का 510 से 570 और 70 वर्गमीटर से अधिक का 540 से 610 रुपये होगा। वहीं टाइप-4 में 80 वर्गमीटर तक शुल्क 640 से 720 रुपये और 80-90 वर्गमीटर का 710 से 800 रुपये किया गया है। 90-100 वर्गमीटर के लिए 870, 100-120 वर्गमीटर के लिए 1040 और 120 वर्गमीटर से अधिक के आवास के लिए 1320 रुपये प्रतिमाह शुल्क निर्धारित किया गया है।
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दूसरी तरफ सब-स्टैंडर्ड आवास यानी ऐसे रेलवे क्वार्टर जो निर्धारित मानक श्रेणी के अनुरूप नहीं हैं। इन आवासों पर लाइसेंस शुल्क की नई दरें लागू नहीं की गई हैं।
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- सबसे बड़े आवास का शुल्क 1180 से बढ़कर 1320 रुपये प्रतिमाह, सब-स्टैंडर्ड आवास संशोधन से बाहर
एच पी चौहान
जम्मू। रेलवे बोर्ड ने भारतीय रेलवे के सभी आवासीय क्वार्टरों के लिए लाइसेंस शुल्क (स्टैंडर्ड रेंट/ किराया) की नई दरें जारी की हैं। संशोधित दरें 1 जुलाई 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी। बोर्ड ने 23 सितंबर को जारी आदेश में स्पष्ट किया है कि नई दरें रेलवे के सभी आवासीय आवासों पर लागू होंगी, लेकिन सब-स्टैंडर्ड आवासों पर यह संशोधन लागू नहीं होगा।
रेलवे बोर्ड के निदेशक वित्त संजीत कुमार द्वारा जारी आदेश के मुताबिक संशोधित दरों के अनुसार टाइप-1 आवास में 25 वर्गमीटर तक के क्वार्टर का शुल्क 120 से बढ़ाकर 130 रुपये प्रतिमाह किया गया है। 25-30 वर्गमीटर के लिए 150 से 170, 30-35 वर्गमीटर के लिए 190 से 210 और 35 वर्गमीटर से अधिक के लिए 200 से बढ़ाकर 220 रुपये शुल्क तय किया गया है। टाइप-2 में 45 वर्गमीटर तक का शुल्क 250 से 280 रुपये, 45-50 वर्गमीटर का 280 से 310, 50-55 वर्गमीटर का 310 से 350 और 55 वर्गमीटर से अधिक का 340 से 380 रुपये किया गया है।
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टाइप-3 के लिए 60 वर्गमीटर तक शुल्क 420 से 470 रुपये, 60-65 वर्गमीटर का 470 से 530, 65-70 वर्गमीटर का 510 से 570 और 70 वर्गमीटर से अधिक का 540 से 610 रुपये होगा। वहीं टाइप-4 में 80 वर्गमीटर तक शुल्क 640 से 720 रुपये और 80-90 वर्गमीटर का 710 से 800 रुपये किया गया है। 90-100 वर्गमीटर के लिए 870, 100-120 वर्गमीटर के लिए 1040 और 120 वर्गमीटर से अधिक के आवास के लिए 1320 रुपये प्रतिमाह शुल्क निर्धारित किया गया है।
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दूसरी तरफ सब-स्टैंडर्ड आवास यानी ऐसे रेलवे क्वार्टर जो निर्धारित मानक श्रेणी के अनुरूप नहीं हैं। इन आवासों पर लाइसेंस शुल्क की नई दरें लागू नहीं की गई हैं।