J&K: पंजाब ने जम्मू-कश्मीर से मांगे कश्मीर नहर की मरम्मत के चार करोड़, 26 अगस्त की बाढ़ में हुआ था क्षतिग्रस्त
कठुआ के लखनपुर में 26 अगस्त की बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुई कश्मीर नहर की मरम्मत के लिए पंजाब ने जम्मू-कश्मीर से चार करोड़ की भरपाई मांगी है। यह नहर का पांच किलोमीटर हिस्सा जम्मू-कश्मीर में है।
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लखनपुर में बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुई कश्मीर नहर की मरम्मत पर हुए खर्च की भरपाई के लिए पंजाब ने जम्मू-कश्मीर से चार करोड़ रुपये मांगे हैं। पड़ोसी राज्य के सिंचाई विभाग ने इसका लेखा-जोखा जम्मू-कश्मीर के सिंचाई विभाग को भेजा है। इसमें आठ करोड़ खर्चा बताकर आधी रकम की भरपाई करने के लिए कहा गया है। यह भुगतान लखनपुर में बाढ़ में इमारतों को नुकसान से बचाने व नहर की मरम्मत में हुए खर्च के एवज में मांगा गया है।
कश्मीर कनाल लखनपुर के पास रावी दरिया से निकलती है। इसका पांच किलोमीटर हिस्सा जम्मू-कश्मीर में है। इसके बाद नहर का पानी पंजाब चला जाता है। समझौते के तहत इसके रखरखाव की जिम्मेदारी पंजाब के अपरबाड़ी दोआबा कनाल (यूबीडीसी) की है, हालांकि इसका पानी कठुआ को भी सिंचाई के लिए मिलता है।
इसी साल 26 अगस्त की भारी बारिश से रावी में बाढ़ आ गई थी। तब पंजाब के माधोपुर बैराज के गेट समय पर नहीं खोले जा सके और ये पानी के तेज दबाव में टूट गए। इससे दरिया का पानी करडोह नाले से नया रास्ता बनाते हुए लखनपुर की ओर मुड़ गया। इसी बाढ़ में नहर का एक हिस्सा टूट गया। हाईवे का एक पुल क्षतिग्रस्त हो गया। पानी का हाईवे के दूसरे पुल पर दवाब बढ़ गया।
तब जम्मू-कश्मीर व पंजाब सरकार ने राहत व बचाव कार्य शुरू किया। नहर की मरम्मत पंजाब को करनी थी पर इसमें सेना व जम्मू-कश्मीर के विभागों की मशीनरी ने भी साथ दिया। नहर को अस्थायी रूप से बहाल कर बहाव मुख्यधारा के स्थान पर लाया गया। अब पंजाब के विभाग ने जम्मू-कश्मीर के विभाग से मरम्मत पर हुए खर्चे के चार करोड़ मांगे है। अधिकारियों की मानें तो इसमें नहर की स्थायी मरम्मत का काम भी शामिल है।
जम्मू-कश्मीर ने पूछा-किस आधार पर मांगे चार करोड़
जम्मू-कश्मीर सिंचाई विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पंजाब ने लिखित पत्र मुख्य अभियंता को साझा किया है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि पंजाब के सिंचाई विभाग से पूछा गया है कि उसने किस आधार पर 4 करोड़ रुपये तय किए हैं। खर्च का पूरा विवरण मांगा गया है।
जम्मू-कश्मीर व पंजाब के हिस्से में नुकसान की मरम्मत में 8 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। इसी आधार पर जम्मू-कश्मीर सिंचाई विभाग को पत्र लिखकर 50 फीसदी भुगतान के लिए कहा गया है। नहर के क्लोजर समय की भी जानकारी मांगी गई है ताकि नहर की स्थायी मरम्मत का काम पूरा करवाया जा सके। जम्मू-कश्मीर के हिस्से में नहर पर कंक्रीट का काम ही शेष है। इसके अलावा करडोह नाले की मरम्मत और जम्मू-कश्मीर की बाढ़ से प्रभावित सरकारी इमारतों को सुरक्षित करने के लिए भी काम करवाया गया है। -गुरपिंदर सिंह संधू, अधीक्षण अभियंता, अपरबाड़ी दोआबा कनाल पंजाब