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जनप्रतिनिधि और स्थानीय अधिकारी मिलकर लोगों की समस्याएं दूर करें

Jammu and Kashmir Bureau जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
Updated Thu, 08 Apr 2021 12:34 AM IST
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हीरानगर। नगर में आयोजित ब्लॉक दिवस कार्यक्रम के दौरान उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने लोगों की समस्याओं को हर हाल में हल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों की समस्याओं को हल करवाने के लिए सभी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को मिलकर कार्य करना होगा। इससे प्रदेश के विकास सभी की भागीदारी सुनिश्चित होगी। इस दौरान एलजी ने कई परियोजनाओं का ई उद्घाटन किया।
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बुधवार को हुए कार्यक्रम में जिला विकास परिषद के अध्यक्ष महान सिंह, उपाध्यक्ष रघुनंदन सिंह बबलू ने जनसमस्याओं के बारे में उपराज्यपाल को अवगत कराया। अन्य जनप्रतिनिधियों और पंचायत प्रतिनिधियों को बोलने का मौका न मिलने पर उनमें निराशा भी देखने को मिली। उपराज्यपाल के कार्यक्रम में पंचायत प्रतिनिधियों, बीडीसी अध्यक्षों, डीडीसी के सदस्यों और नगरपालिका समिति के सदस्यों को जनसमस्याओं को रखने का मौका नहीं मिला तो उन्होंने इस पर अपनी नाराजगी भी जाहिर की। आरोप लगाया कि कार्यक्रम में डीडीसी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को ही बोलने का मौका दिया गया। डीडीसी अध्यक्ष मानसिंह को मंच पर बोलने का मौका मिला तो उन्होंने लंबे भाषण के दौरान सिर्फ पहाड़ी इलाकों की समस्याओं को ही उठाया जबकि कंडी और सीमावर्ती इलाके के लोगों की समस्याओं को वह सही ढंग से नहीं रख पाए। इसी वजह से उनके चलते भाषण के दौरान ही कोट पुन्नू के सरपंच विनय शर्मा, कुंथल के सरपंच तिलक राज, नगर पालिका के सदस्य राजीव गुप्ता ने उन्हें टोकना शुरू कर दिया। जिसके बाद डीडीसी अध्यक्ष ने भाषण समाप्त कर दिया। इसके बाद हीरानगर से डीडीसी सदस्य अभिनंदन शर्मा को मंच पर बोलने का मौका दिया गया। उन्होंने कंडी और सीमावर्ती लोगों की समस्याओं को उप राज्यपाल के समक्ष रखा। कार्यक्रम के बाद नगरपालिका समिति के अध्यक्ष और सदस्यों में नाराजगी दिखी। पत्रकारों से बात करते हुए अध्यक्ष विजय शर्मा ने कहा कि कस्बे में कार्यक्रम होने के बाद भी उन्हें अपनी बात तक रखने का मौका नहीं दिया गया। उन्होंने कहा हमें पहले जिला प्रशासन की ओर से कहा गया था कि आपको 2 से 3 मिनट अपनी बात रखने का मौका दिया जाएगा।

इन परियोजनाओं का हुआ ई-उद्घाटन
1. सीमावर्ती गांव गदयाल में जलापूर्ति योजना, अनुमानित लागत 115 लाख
2. कंडी क्षेत्र के कोड कस्बा में जलापूर्ति योजना, अनुमानित लागत 216.54 लाख
3. डिंगा अंब ब्लॉक के खेरी मालथा में जलापूर्ति योजना, अनुमानित लागत 188.12 लाख
4. कंडी क्षेत्र के गांव स्तूरा में जलापूर्ति योजना, अनुमानित लागत 233.17 करोड़
5. सीमावर्ती पंचायत कोट पुन्नू में सीएससी इमारत, अनुमानित लागत 50 लाख।
6 . 40 लाख की लागत से मढीन हायर सेकेंडरी का अपग्रेडेशन।

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