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नौ दिनों से धरना दे रहे किसानों ने दी सड़कों पर उतरने की चेतावनी
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हीरानगर। मढ़ीन में नौ दिनों से धरने पर बैठे किसानों की अब तक किसी ने सुध नहीं ली है। रविवार को भी उनका धरना जारी रहा। धरने पर बैठे किसानों ने कहा कि उनकी अनदेखी की जा रही है। ऐसा न हो कि उन्हें मांगें मनवाने के लिए सड़कों पर उतरना पड़े।
किसान नेता शिवदेव सिंह ने कहा कि तहसील कार्यालय के बाहर नौ दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से यह धरना चल रहा है। किसानों के बिजली बिल माफ करने और खराब फसलों का मुआवजा देने की मांग की जा रही है। लेकिन, अब तक किसी भी मांग पर प्रशासनिक अधिकारियों ने कोई बात नहीं की है।
उन्होंने कहा कि 2013 में फसल के नुकसान का जो मुआवजा बनाया गया था, उसके दस्तावेज उनके मौजूद हैं। लेकिन, किसानों को मुआवजा अब तक नहीं मिला है। विद्युत विभाग की ओर से कई किसानों को एक लाख से ज्यादा रुपये के बिजली बिल भेजे गए हैं। पहले ही कर्ज में डूबे किसान इसे चुकाने में पूरी तरह से असमर्थ हैं। इसलिए, किसानों के लिए बिल पूरी तरह से माफ किया जाएं।
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उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब में भी नए मुख्यमंत्री ने किसानों के बिजली बिल माफ किए हैं। दिल्ली में केजरीवाल सरकार कई वर्षों से लोगों को मुफ्त बिजली दे रही है। ऐसे में यहां के किसानों के बिजली बिल माफ करने में सरकार को क्या आपत्ति है? जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। अगर सरकार का यही रवैया रहा तो मजबूरन किसानों को सड़कों पर उतरना पड़ेगा।
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किसान नेता शिवदेव सिंह ने कहा कि तहसील कार्यालय के बाहर नौ दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से यह धरना चल रहा है। किसानों के बिजली बिल माफ करने और खराब फसलों का मुआवजा देने की मांग की जा रही है। लेकिन, अब तक किसी भी मांग पर प्रशासनिक अधिकारियों ने कोई बात नहीं की है।
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उन्होंने कहा कि 2013 में फसल के नुकसान का जो मुआवजा बनाया गया था, उसके दस्तावेज उनके मौजूद हैं। लेकिन, किसानों को मुआवजा अब तक नहीं मिला है। विद्युत विभाग की ओर से कई किसानों को एक लाख से ज्यादा रुपये के बिजली बिल भेजे गए हैं। पहले ही कर्ज में डूबे किसान इसे चुकाने में पूरी तरह से असमर्थ हैं। इसलिए, किसानों के लिए बिल पूरी तरह से माफ किया जाएं।
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उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब में भी नए मुख्यमंत्री ने किसानों के बिजली बिल माफ किए हैं। दिल्ली में केजरीवाल सरकार कई वर्षों से लोगों को मुफ्त बिजली दे रही है। ऐसे में यहां के किसानों के बिजली बिल माफ करने में सरकार को क्या आपत्ति है? जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। अगर सरकार का यही रवैया रहा तो मजबूरन किसानों को सड़कों पर उतरना पड़ेगा।