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किसानों के समर्थन में कांग्रेस ने मांगी कृषि कानूनों से मुक्ति
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सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ नगरी में प्रदर्शन करते कांग्रेस कार्यकर्ता, संवाद
- फोटो : KATHUA
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कठुआ। नगरी में सड़क पर उतरे जिला कांग्रेस कमेटी के सदस्यों ने लखीमपुर में किसानों की हत्या मामले में न्याय की मांग की है। मौके का फायदा उठाते हुए उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, और तीन कानूनों को वापस लेने की भी बात रखी।
इसके साथ ही सरकार और प्रधानमंत्री को उन्होंने किसान विरोधी बताया। प्रदर्शनकारियों में शामिल पूर्व विधान परिषद सदस्य सुभाष गुप्ता ने कहा कि लखीमपुर में शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे किसानों पर बर्बरतापूर्ण व्यवहार एक सोची समझी साजिश की ओर इशारा करता है। जिस तरह से मंत्री ने पहले धमकाया, और उनके बेटे ने किसानों पर गाड़ी चढ़ाकर उन्हें रौंद दिया। इससे साफ है कि किसानों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार से तीन मांगे हैं, कि किसानों के हत्यारे को फौरन गिरफ्तार किया जाए। फिर चाहे वह मंत्री का बेटा ही क्यों न हो। दूसरी मांग है कि मंत्री भी इस्तीफा दें। और तीसरी मांग है कि तीन कृषि कानूनों को वापस लिया जाए। उन्होंने कहा कि जमींदार जब कानून लेने के हक में नहीं, तो सरकार जबरन उन्हें क्यों थोपना चाहती है?
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कांग्रेस के जिला सोशल मीडिया सेल प्रभारी अनिल शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में निर्मम हत्या कर किसानों को रौंद दिया गया। साफ है कि मंत्री ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग किया। बताया जाता है कि उत्तर प्रदेश में राम राज है। लेकिन, यह कैसा राम राज्य है जहां न्याय नाम की चीज ही नहीं?
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इसके साथ ही सरकार और प्रधानमंत्री को उन्होंने किसान विरोधी बताया। प्रदर्शनकारियों में शामिल पूर्व विधान परिषद सदस्य सुभाष गुप्ता ने कहा कि लखीमपुर में शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे किसानों पर बर्बरतापूर्ण व्यवहार एक सोची समझी साजिश की ओर इशारा करता है। जिस तरह से मंत्री ने पहले धमकाया, और उनके बेटे ने किसानों पर गाड़ी चढ़ाकर उन्हें रौंद दिया। इससे साफ है कि किसानों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
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गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार से तीन मांगे हैं, कि किसानों के हत्यारे को फौरन गिरफ्तार किया जाए। फिर चाहे वह मंत्री का बेटा ही क्यों न हो। दूसरी मांग है कि मंत्री भी इस्तीफा दें। और तीसरी मांग है कि तीन कृषि कानूनों को वापस लिया जाए। उन्होंने कहा कि जमींदार जब कानून लेने के हक में नहीं, तो सरकार जबरन उन्हें क्यों थोपना चाहती है?
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कांग्रेस के जिला सोशल मीडिया सेल प्रभारी अनिल शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में निर्मम हत्या कर किसानों को रौंद दिया गया। साफ है कि मंत्री ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग किया। बताया जाता है कि उत्तर प्रदेश में राम राज है। लेकिन, यह कैसा राम राज्य है जहां न्याय नाम की चीज ही नहीं?