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कश्मीर में हो रही निर्दोषों की हत्या पर कार्य स्थगित कर जताया रोष
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कठुआ। कश्मीर घाटी में हाल ही में लक्षित और चयनित निर्दोष नागरिकों की हत्याओं पर कठुआ बार एसोसिएशन ने कार्य स्थगित रख अपना विरोध दर्ज कराया। शुक्रवार को राजस्व सहित दीवानी और फौजदारी क्षेत्र के सभी न्यायालयों में कार्य बंद रहा।
एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष एडवोकेट अजात शत्रु शर्मा ने कहा कि घाटी में हो रही इस तरह की बर्बर हरकतों के खिलाफ अधिवक्ता समुदाय में जबरदस्त आक्रोश है। कोई भी धर्म, विश्वास या विचारधारा दूसरे धर्म या आस्था के निर्दोष लोगों की हत्या करने की इजाजत नहीं देती। खासकर जब वह निहत्था हो। उपरोक्त हत्याओं से यह माना जा सकता है कि अनुच्छेद 370 के निरस्त होने से आतंकवाद की रीढ़ टूट गई है, जिसे पाकिस्तान पचा नहीं पा रहा है।
उन्होंने कहा कि घाटी में रहने वाले अल्पसंख्यकों को मारने की नीति पाकिस्तानी बना रहा है, ताकि बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक समुदायों के बीच एक विभाजन रेखा बनाई जा सके। इससे उनका आतंकवाद का कारोबार फिर से पनप सकेगा। जिला बार एसोसिएशन ने सरकार से इन हत्याओं के साजिशकर्ताओं और उनके हमदर्दों सहित कश्मीर घाटी से आतंकवाद के माफिया का खात्मा किए जाने की मांग की है।
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एसोसिएशन ने कहा कि प्रशासन को कश्मीर घाटी में रहने वाले अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। कश्मीर के धार्मिक नेताओं और बहुसंख्यक समुदाय को इस तरह के बर्बर कृत्यों की निंदा करने के लिए आगे आना चाहिए। क्योंकि, किसी विशेष आस्था या विश्वास का पालन करने के लिए किसी निर्दोष व्यक्ति की हत्या नहीं की जाती है। इस दौरान एडवोकेट देविंदर सिंह, रमित जसरोटिया, कमलजीत सिंह, राहुल खजूरिया, अनिल कलोत्रा, मनदीप सिंह, आदि अधिवक्ता शामिल रहे।
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एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष एडवोकेट अजात शत्रु शर्मा ने कहा कि घाटी में हो रही इस तरह की बर्बर हरकतों के खिलाफ अधिवक्ता समुदाय में जबरदस्त आक्रोश है। कोई भी धर्म, विश्वास या विचारधारा दूसरे धर्म या आस्था के निर्दोष लोगों की हत्या करने की इजाजत नहीं देती। खासकर जब वह निहत्था हो। उपरोक्त हत्याओं से यह माना जा सकता है कि अनुच्छेद 370 के निरस्त होने से आतंकवाद की रीढ़ टूट गई है, जिसे पाकिस्तान पचा नहीं पा रहा है।
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उन्होंने कहा कि घाटी में रहने वाले अल्पसंख्यकों को मारने की नीति पाकिस्तानी बना रहा है, ताकि बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक समुदायों के बीच एक विभाजन रेखा बनाई जा सके। इससे उनका आतंकवाद का कारोबार फिर से पनप सकेगा। जिला बार एसोसिएशन ने सरकार से इन हत्याओं के साजिशकर्ताओं और उनके हमदर्दों सहित कश्मीर घाटी से आतंकवाद के माफिया का खात्मा किए जाने की मांग की है।
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एसोसिएशन ने कहा कि प्रशासन को कश्मीर घाटी में रहने वाले अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। कश्मीर के धार्मिक नेताओं और बहुसंख्यक समुदाय को इस तरह के बर्बर कृत्यों की निंदा करने के लिए आगे आना चाहिए। क्योंकि, किसी विशेष आस्था या विश्वास का पालन करने के लिए किसी निर्दोष व्यक्ति की हत्या नहीं की जाती है। इस दौरान एडवोकेट देविंदर सिंह, रमित जसरोटिया, कमलजीत सिंह, राहुल खजूरिया, अनिल कलोत्रा, मनदीप सिंह, आदि अधिवक्ता शामिल रहे।