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पेयजल कर्मचारियों का फूटा गुस्सा
ब्यूरो,अमर उजाला/कठुआ
Updated Fri, 08 Apr 2016 12:57 AM IST
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विभिन्न मांगें सरकार द्वारा पूरे ना किए जाने के विरोध में वीरवार को पेयजल कर्मचारियों का गुस्सा केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ फूट पड़ा। कर्मचारियों ने आल जेएंडके पीएचई आईटीआई ट्रेंड व सीपी वर्कर एसोसिएशन के बैनर तले राज्य के प्रवेश द्वार से शहर के मुखर्जी चौक तक विशाल जुलूस निकाला। कर्मचारियों ने इस दौरान अर्द्ध नंग होकर सरकार की नीतियों का विरोध किया।
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लखनपुर में सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए एसोसिएशन के जम्मू प्रांत के प्रधान तनवीर हुसैन ने कहा कि राज्य में एक बार फिर गठबंधन सरकार बनी है और केंद्र में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार है, लेकिन किसी ने भी राज्य के जम्मू प्रांत के पेयजल कर्मचारियों के हित के बारे में नहीं सोचा। उन्होंने कहा कि पेयजल विभाग के कर्मचारियों को पिछले तीस महीनों से वेतन नहीं मिला है।
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इसके साथ ही जिन लोगों ने अपनी जमीनें विभाग को दी, उन्हें आज तक ना तो मुआवजा दिया गया और न ही रोजगार दिया गया। इसके अलावा जिन लोगों को रोजगार दिया गया, उन्हें आज तक पक्का नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार ने सात साल के बाद पक्का करने का वादा किया लेकिन सात तो क्या बीस सालों से कई ऐसे कर्मचारी हैं जो अब सेवानिवृत होने के करीब हैं, लेकिन अभी तक उन्हें नियमित नहीं किया गया।
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जुलूस में शामिल पेयजल कर्मचारियों ने कहा कि सरकार की नीतियां केवल कश्मीर के कर्मचारियों के लिए हैं। वहां पर पेयजल कर्मचारियों को नियमित भी किया गया और उन्हें समय पर पूरा वेतन भी दिया गया, लेकिन राज्य के जम्मू सूबे में ऐसा नहीं हुआ। साफ है कि जम्मू सूबे में राज्य की गठबंधन सरकार का नेतृत्व कमजोर है और वह कश्मीरी नेताओं के आगे नतमस्तक हो चुकी है।
कर्मचारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि फिर से सरकार का गठन हुआ है और उम्मीद जगी है, लेकिन केंद्र और राज्य सरकार इस बात को समझ लें कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुई, तो पंचायत और निकाय चुनावों में जम्मू से सत्ताधारी पार्टियों का सूपड़ा साफ होगा।