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समाज के लिए आइना हैं प्रेम चंद की रचनाएं
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कठुआ। मुंशी प्रेम चंद जयंती के उपलक्ष्य पर राजकीय महिला डिग्री कॉलेज में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आजादी के अमृत महोत्सव के तत्वाधान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुंशी प्रेम चंद के कथा साहित्य यात्रा पर चर्चा की गई। इस दौरान मुख्य वक्ता ने प्रेम चंद जी की जीवनी पर विस्तार पूर्वक चर्चा करते हुए उनके साहित्य को पढ़ने के लिए छात्राओं प्रेरित किया। साथ उन्होंने कहा कि मुंशी प्रेम चंद की रचनाएं समाज के लिए आइना हैं।
कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ संगीता नागरी की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि के तौर पर कृषक महिला नीलम देवी उपस्थित रही। जिन्हें कृषि को रोजगार के रूप में अपनाकर आत्मनिर्भर महिला बनने के लिए सम्मानित किया गया। वहीं इस मौके पर शिवनंदन मुख्य वक्ता के तौर पर उपस्थित रहे। कॉलेज के हिन्दी विभागाध्यक्ष मुकेश कुमारी ने प्रेम चंद के कथा साहित्य से जुड़े हुए कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में कुल 17 प्रतिभागियों ने भाग लिया। जिन्होंने प्रेम चंद जी पर अपने विचार प्रस्तुत किए। अंत में डॉ. संगीता नागरी ने अपने संबोधन में मुख्य वक्ता तथा मुख्य अतिथि का आभार जताते हुए कार्यक्रम की सराहना की तथा भविष्य में इस प्रकार के कार्यक्रम कराते रहने के लिए प्रेरित किया। नागरी ने कहा कि प्रेम चंद जमीन से जुड़े हुए कथाकार थे। छात्राओं को प्रेम चंद के कथा साहित्य से प्रेरणा ग्रहण कर उन्हीं को आदर्श बनाते हुए अपने साहित्यिक सफर को जारी रखने के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर डा रोहित कुमार, प्रो रितुराज, प्रो पंकज नंदन तथा वैष्णो देवी भी उपस्थित रहे।
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कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ संगीता नागरी की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि के तौर पर कृषक महिला नीलम देवी उपस्थित रही। जिन्हें कृषि को रोजगार के रूप में अपनाकर आत्मनिर्भर महिला बनने के लिए सम्मानित किया गया। वहीं इस मौके पर शिवनंदन मुख्य वक्ता के तौर पर उपस्थित रहे। कॉलेज के हिन्दी विभागाध्यक्ष मुकेश कुमारी ने प्रेम चंद के कथा साहित्य से जुड़े हुए कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में कुल 17 प्रतिभागियों ने भाग लिया। जिन्होंने प्रेम चंद जी पर अपने विचार प्रस्तुत किए। अंत में डॉ. संगीता नागरी ने अपने संबोधन में मुख्य वक्ता तथा मुख्य अतिथि का आभार जताते हुए कार्यक्रम की सराहना की तथा भविष्य में इस प्रकार के कार्यक्रम कराते रहने के लिए प्रेरित किया। नागरी ने कहा कि प्रेम चंद जमीन से जुड़े हुए कथाकार थे। छात्राओं को प्रेम चंद के कथा साहित्य से प्रेरणा ग्रहण कर उन्हीं को आदर्श बनाते हुए अपने साहित्यिक सफर को जारी रखने के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर डा रोहित कुमार, प्रो रितुराज, प्रो पंकज नंदन तथा वैष्णो देवी भी उपस्थित रहे।
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