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Kathua News: अवैध तरीके चल रहे स्टोन क्रशर के विरोध में उतरे छह पंचायतों के लोग
Tue, 22 Apr 2025 02:05 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Tue, 22 Apr 2025 02:05 AM IST
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स्टोन क्रशर खोले जाने का विरोध करते ग्रामीण। संवाद
- फोटो : kathua
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन पर लगाया विरोध करने वाले लोगों पर झूठे मामले दर्ज कर डराने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। कठेरा पंचायत के पला मोड़ स्थित अवैध तरीके से चल रहे स्टोन क्रशर का विरोध लगातार जारी है। सोमवार को आसपास के आधा दर्जनों के स्थानीय लोग और पूर्व पंचायत सदस्य भी विरोध में शामिल हो गए।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि जिला प्रशासन अवैध तरीके से चल रहे स्टोन क्रशर पर कार्रवाई करने के बजाय विरोध करने वालों पर ही झूठे मामले दर्ज कर उन्हें डराने का काम कर रही है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर जिला प्रशासन ने जल्द अवैध तरीके से चल रहे क्रशर पर कार्रवाई नहीं की तो भविष्य में वह प्रदर्शन और तेज करेंगे।
प्रदर्शनकारियों में शामिल पूर्व सरपंच सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में महिलाओं ने अवैध खनन क्षेत्र के पास पहुंच कर रोष व्यक्त किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्टोन क्रशर रात में इलाके में अवैध तरीके से खनन कर रहे हैं। इसको लेकर वे पहले ही जिला खनन अधिकारी सहित जिला प्रशासन को अवगत करवा चुके हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिसके परिणामस्वरूप पंचायत बौड़ा, कठेड़ा, सहार, लोगेट, बरवाल सहित गोविंदसर के पूर्व सरपंचों और पंचों सहित स्थानीय लोगों ने खनन स्थल पर पहुंच कर इसका विरोध किया है।
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सहार के पूर्व सरपंच भोली सिंह जसरोटिया ने कहा कि पुलिस अवैध तरीके से खनन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई न करके प्रदर्शनकारियों के खिलाफ ही मामले दर्ज कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब इलाके में खनन विभाग की ओर से कोई खनन ब्लॉक ही घोषित नहीं है, तो स्टोन क्रशर वाले सहार खड्ड में कैसे खनन कर रहे हैं। वहीं, बरवाल पंचायत के पूर्व सरपंच पुरुषोत्तम सिंह ने कहा कि इलाके में लगातार हो रहे खनन के चलते किसानों की आजीविका का सवाल खड़ा हो गया है। अवैध तरीके से हो रहे खनन से इलाके का भूजल स्तर लगातार गिरता जा रहा है। इससे पर्यावरण को भी खतरा पैदा हो गया है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि जिला प्रशासन अवैध तरीके से चल रहे क्रशर को जल्द बंद नहीं करवाती है तो आने वाले दिनों बड़ा आंदोलन करेंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। कठेरा पंचायत के पला मोड़ स्थित अवैध तरीके से चल रहे स्टोन क्रशर का विरोध लगातार जारी है। सोमवार को आसपास के आधा दर्जनों के स्थानीय लोग और पूर्व पंचायत सदस्य भी विरोध में शामिल हो गए।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि जिला प्रशासन अवैध तरीके से चल रहे स्टोन क्रशर पर कार्रवाई करने के बजाय विरोध करने वालों पर ही झूठे मामले दर्ज कर उन्हें डराने का काम कर रही है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर जिला प्रशासन ने जल्द अवैध तरीके से चल रहे क्रशर पर कार्रवाई नहीं की तो भविष्य में वह प्रदर्शन और तेज करेंगे।
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प्रदर्शनकारियों में शामिल पूर्व सरपंच सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में महिलाओं ने अवैध खनन क्षेत्र के पास पहुंच कर रोष व्यक्त किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्टोन क्रशर रात में इलाके में अवैध तरीके से खनन कर रहे हैं। इसको लेकर वे पहले ही जिला खनन अधिकारी सहित जिला प्रशासन को अवगत करवा चुके हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिसके परिणामस्वरूप पंचायत बौड़ा, कठेड़ा, सहार, लोगेट, बरवाल सहित गोविंदसर के पूर्व सरपंचों और पंचों सहित स्थानीय लोगों ने खनन स्थल पर पहुंच कर इसका विरोध किया है।
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सहार के पूर्व सरपंच भोली सिंह जसरोटिया ने कहा कि पुलिस अवैध तरीके से खनन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई न करके प्रदर्शनकारियों के खिलाफ ही मामले दर्ज कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब इलाके में खनन विभाग की ओर से कोई खनन ब्लॉक ही घोषित नहीं है, तो स्टोन क्रशर वाले सहार खड्ड में कैसे खनन कर रहे हैं। वहीं, बरवाल पंचायत के पूर्व सरपंच पुरुषोत्तम सिंह ने कहा कि इलाके में लगातार हो रहे खनन के चलते किसानों की आजीविका का सवाल खड़ा हो गया है। अवैध तरीके से हो रहे खनन से इलाके का भूजल स्तर लगातार गिरता जा रहा है। इससे पर्यावरण को भी खतरा पैदा हो गया है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि जिला प्रशासन अवैध तरीके से चल रहे क्रशर को जल्द बंद नहीं करवाती है तो आने वाले दिनों बड़ा आंदोलन करेंगे।