कठुआ। बनी सब डिवीजन के दूर दराज इलाकों में संपर्क का माध्यम ढग्गर नाले का पुल क्षतिग्रस्त हो चुका है। रोजाना दो से तीन सौ लोग जान जोखिम में डालकर इस पुल को पार कर रहे हैं। बरसात के मौसम में इस पुल से गुजरना उस समय और भी खतरनाक हो जाता है जब ढग्गर नाला उफान पर होता है। डुग्गन इलाके की एक बड़ी आबादी के लिए बिलावर और उधमपुर जाने के लिए पैदल रूट इसी पुल से होकर गुजरता है। ढग्गर गांव का यह पुल औंड, सरोला, बदनोता और बसंतगढ़ सहित दर्जनों अन्य इलाकों के साथ सीधा संपर्क बनाता है।
क्षेत्र के निवासी योगेश्वर शर्मा, सुनील जपोत्रा, सुरजीत कुमार, गुलशन कुमार, अंकुश शर्मा और प्रीतम चंद शर्मा ने बताया कि यह इलाका प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण होकर पर्यटकों को हर साल आकर्षित करता है। पर्यटक ट्रैकिंग के लिए औंड और सरोला के साथ-साथ बदनोता और बसंतगढ़ जाने की तैयारी करते हैं और उन्हें इस खस्ताहाल पुल से होकर गुजरना पड़ता है। बताया कि इस पुल की मरम्मत वर्ष 2015 में करवाई गई थी। इसके बाद दुबारा किसी ने भी इस पुल की सुधि नहीं ली। रोजाना दो से तीन सौ लोग इस रास्ते से आवाजाही करते हैं। ऐसेे में किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। पुल टूटने के बाद लोगों के लिए उफनते नाले को पार करने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचेगा। ऐसे में बर्फबारी से पहले इस पुल की मरम्मत किए जाने की मांग क्षेत्र के लोगों ने की है।