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फुटपाथ पर कारोबारियों का कब्जा
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कठुआ। प्रशासन और नगर परिषद की सख्ती के बाद भी शहर के फुटपाथों पर अतिक्रमण लगातार जारी है। काली बड़ी से लेकर हटली मोड़ तक लगभग सात किलोमीटर मार्ग पर बने फुटपाथ में जगह-जगह अतिक्रमण कर दुकानें लगाई जा रही है।
जिन जगहों पर बाजार नहीं है वहां पर लोगों ने अपने घरों के सामने फुटपाथ को सुविधा के अनुसार बदल डाला है। जिस कारण करोड़ों खर्च कर बनाया गया फुटपाथ अतिक्रमणकारियों की संपत्ति बन गया है। इस पर नगर परिषद, लोक निर्माण विभाग और प्रशासन के किसी भी अधिकारी का ध्यान नहीं है। कुछ दिन पहले पुलिस ने इसे मुक्त कराने का बीड़ा उठाया था। इससे उम्मीद जगी कि अब यातायात व्यवस्था ठीक होने के साथ अतिक्रमण से मुक्ति मिलेगी। एक दिन की कार्रवाई के बाद यह अभियान भी बंद हो गया।
वार्ड 21 निवासी विनोद शर्मा ने बताया कि मुख्य मार्ग का विस्तारीकरण हो जाने के बाद इस पर वाहनों की गति में इजाफा हुआ है। ऐसे में पैदल चलने वाले लोगों की सुरक्षा को देखते हुए इसकी सख्त जरूरत भी है। फुटपाथों की हालत देखकर ऐसा लगता है कि वह पैदल यात्री के लिए न होकर लोगों को रोजगार देने के लिए ही बनाए गए हैं। शहीदी चौक से लेकर मुखर्जी चौक तक जाने वाला फुटपाथ इसकी मिशाल है। उन्होंने इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की है। एसएसपी डॉ शैलेंद्र मिश्रा ने बताया कि कठुआ नगर परिषद के प्रधान नरेश शर्मा और व्यापार मंडल के सदस्य से वार्ता हुई। उन्होंने शहर में जो भी अतिक्रमण है उसे हटाने की जिम्मेदारी ली है। इसलिए पुलिस ने कार्रवाई रोकी है।
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जिन जगहों पर बाजार नहीं है वहां पर लोगों ने अपने घरों के सामने फुटपाथ को सुविधा के अनुसार बदल डाला है। जिस कारण करोड़ों खर्च कर बनाया गया फुटपाथ अतिक्रमणकारियों की संपत्ति बन गया है। इस पर नगर परिषद, लोक निर्माण विभाग और प्रशासन के किसी भी अधिकारी का ध्यान नहीं है। कुछ दिन पहले पुलिस ने इसे मुक्त कराने का बीड़ा उठाया था। इससे उम्मीद जगी कि अब यातायात व्यवस्था ठीक होने के साथ अतिक्रमण से मुक्ति मिलेगी। एक दिन की कार्रवाई के बाद यह अभियान भी बंद हो गया।
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वार्ड 21 निवासी विनोद शर्मा ने बताया कि मुख्य मार्ग का विस्तारीकरण हो जाने के बाद इस पर वाहनों की गति में इजाफा हुआ है। ऐसे में पैदल चलने वाले लोगों की सुरक्षा को देखते हुए इसकी सख्त जरूरत भी है। फुटपाथों की हालत देखकर ऐसा लगता है कि वह पैदल यात्री के लिए न होकर लोगों को रोजगार देने के लिए ही बनाए गए हैं। शहीदी चौक से लेकर मुखर्जी चौक तक जाने वाला फुटपाथ इसकी मिशाल है। उन्होंने इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की है। एसएसपी डॉ शैलेंद्र मिश्रा ने बताया कि कठुआ नगर परिषद के प्रधान नरेश शर्मा और व्यापार मंडल के सदस्य से वार्ता हुई। उन्होंने शहर में जो भी अतिक्रमण है उसे हटाने की जिम्मेदारी ली है। इसलिए पुलिस ने कार्रवाई रोकी है।
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