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Kathua News: बनी के दुर्गम क्षेत्रों में नेटवर्क संकट, पढ़ाई और आपात सेवाएं प्रभावित
Wed, 14 May 2025 01:20 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Wed, 14 May 2025 01:20 AM IST
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सित्ती, बांजल, खद्दर, कलौड़ और डंडी गुट्टू में ग्रामीणों को करना पड़ रहा परेशानियों का सामना
बनी से 20 किलोमीटर दूर सित्ती गांव की स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक
संवाद न्यूज एजेंसी
बनी। सब-डिवीजन के कुछ क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क की समस्या लोगों के लिए गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। विशेष रूप से सित्ती, बांजल, खद्दर, कलौड़ और डंडी गुट्टू में नेटवर्क की अनुपलब्धता से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बनी से 20 किलोमीटर दूर सित्ती गांव की स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक है। यहां 1500 से अधिक की आबादी नेटवर्क सुविधा से वंचित है। संचार व्यवस्था ठप होने से न तो लोग समय पर आपात सेवाएं प्राप्त कर पाते हैं और न ही छात्र शिक्षा के साथ जुड़ पा रहे हैं। लोगों ने बताया कि तीन साल पहले बनी क्षेत्र में बीएसएनएल ने चार टावर लगाने की घोषणा की थी। मगर इनमें से केवल एक टावर का काम सर्किल क्षेत्र में पूरा हो पाया है, जबकि बाकी तीन टावर बांजल, कोटी, रौल्का का कार्य अब तक शुरू ही नहीं हुआ है। इससे ग्रामीणों में निराशा व्याप्त है। ग्रामीणों ने सरकार सित्ती सहित अन्य दूरदराज के क्षेत्रों में बीएसएनएल टावर स्थापित कर लोगों को राहत पहुंचाने की मांग की है।
हमने कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला। यहां के बच्चों को पढ़ाई में बहुत दिक्कत होती है और जरूरत पड़ने पर किसी से संपर्क तक नहीं हो पाता।
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जीवन सिंह, स्थानीय निवासी
कुछ साल पहले यहां बीएसएनएल टावर लगाने की घोषणा हुई थी, लेकिन अब वह न जाने कहां ठंडे बस्ते में पड़ा है। गांव में ज्यादातर लोगों को फोन कॉल्स करने के लिए गांव से एक किलोमीटर दूर पहाड़ी की ओर जाना पड़ता है। बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है।
अंकुश ठाकुर, स्थानीय निवासी
आज के डिजिटल युग में भी हम नेटवर्क जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित हैं। यहां बीएसएनएल या किसी भी निजी सेवा प्रदाता की कोई पहुंच नहीं है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
रोशन लाल, स्थानीय निवासी
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बनी से 20 किलोमीटर दूर सित्ती गांव की स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक
संवाद न्यूज एजेंसी
बनी। सब-डिवीजन के कुछ क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क की समस्या लोगों के लिए गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। विशेष रूप से सित्ती, बांजल, खद्दर, कलौड़ और डंडी गुट्टू में नेटवर्क की अनुपलब्धता से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बनी से 20 किलोमीटर दूर सित्ती गांव की स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक है। यहां 1500 से अधिक की आबादी नेटवर्क सुविधा से वंचित है। संचार व्यवस्था ठप होने से न तो लोग समय पर आपात सेवाएं प्राप्त कर पाते हैं और न ही छात्र शिक्षा के साथ जुड़ पा रहे हैं। लोगों ने बताया कि तीन साल पहले बनी क्षेत्र में बीएसएनएल ने चार टावर लगाने की घोषणा की थी। मगर इनमें से केवल एक टावर का काम सर्किल क्षेत्र में पूरा हो पाया है, जबकि बाकी तीन टावर बांजल, कोटी, रौल्का का कार्य अब तक शुरू ही नहीं हुआ है। इससे ग्रामीणों में निराशा व्याप्त है। ग्रामीणों ने सरकार सित्ती सहित अन्य दूरदराज के क्षेत्रों में बीएसएनएल टावर स्थापित कर लोगों को राहत पहुंचाने की मांग की है।
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हमने कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला। यहां के बच्चों को पढ़ाई में बहुत दिक्कत होती है और जरूरत पड़ने पर किसी से संपर्क तक नहीं हो पाता।
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जीवन सिंह, स्थानीय निवासी
कुछ साल पहले यहां बीएसएनएल टावर लगाने की घोषणा हुई थी, लेकिन अब वह न जाने कहां ठंडे बस्ते में पड़ा है। गांव में ज्यादातर लोगों को फोन कॉल्स करने के लिए गांव से एक किलोमीटर दूर पहाड़ी की ओर जाना पड़ता है। बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है।
अंकुश ठाकुर, स्थानीय निवासी
आज के डिजिटल युग में भी हम नेटवर्क जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित हैं। यहां बीएसएनएल या किसी भी निजी सेवा प्रदाता की कोई पहुंच नहीं है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
रोशन लाल, स्थानीय निवासी