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Kathua News: आपदा में कैसे बचें और बचाएं जान, विद्यार्थियों को किया जागरूक
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। केंद्रीय विद्यालय में शुक्रवार को आपदा प्रबंधन विषय पर अभ्यास का आयोजन किया गया। एनडीआरएफ की 13वीं वाहिनी ने विद्यार्थियों को आपदा से निपटने के तरीके बताए। छात्रों को बताया गया कि आपदाओं से निपटने के लिए सावधान रहना व जानकारी प्राप्त करना है जरूरी है।
कार्यशाला का नेतृत्व एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट एसडी वर्मा ने किया। एनडीआरएफ की टीम ने बच्चों को आपात स्थिति से निकलने के सुरक्षात्मक उपाय बताए। एनडीआरएफ की टीम ने मॉक ड्रिल कर अध्यापकों और छात्रों को प्रशिक्षित और सचेत किया। विद्यार्थियों और अध्यापकों को सीपीआर प्रक्रिया के बारे विस्तृत जानकारी दी। टीम ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को बताया कि हड्डी टूटने पर कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए, बाढ़ आने पर लोगों को पानी में डूबने से कैसे बचाया जाए और बाढ़ आने पर कौन-कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए। जिंदगी बचाने के लिए लाइफ जैकेट का जुगाड़ करना भी सिखाया गया।
टीम ने बच्चों को जागरूक किया कि बिजली गिरने पर छाता नहीं खोलना चाहिए और मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। भूकंप से बचने के लिए ड्रॉप, कवर और होल्ड तकनीक का प्रशिक्षण दिया गया। बताया कि भूकंप आने पर सबसे पहले अपने सिर को ढककर 65 सेकंड के लिए बैठ जाना चाहिए। यदि आग लग जाए तो भागना और दौड़ना नहीं चाहिए। बल्कि एसडीआर तरीके को अपनाकर रुकना, लेटना और लुढ़कते हुए सुरक्षित स्थान पर पहुंचना चाहिए। एनडीआरएफ के इंस्पेक्टर मिलाप चंद, सब इंस्पेक्टर पीआर झा, सब इंस्पेक्टर हरदीप सिंह, एएसआई बाल कृष्ण, एएसआई पवन कुमार के साथ 20 जवानों ने विद्यार्थियों को जागरूक किया।
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कठुआ। केंद्रीय विद्यालय में शुक्रवार को आपदा प्रबंधन विषय पर अभ्यास का आयोजन किया गया। एनडीआरएफ की 13वीं वाहिनी ने विद्यार्थियों को आपदा से निपटने के तरीके बताए। छात्रों को बताया गया कि आपदाओं से निपटने के लिए सावधान रहना व जानकारी प्राप्त करना है जरूरी है।
कार्यशाला का नेतृत्व एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट एसडी वर्मा ने किया। एनडीआरएफ की टीम ने बच्चों को आपात स्थिति से निकलने के सुरक्षात्मक उपाय बताए। एनडीआरएफ की टीम ने मॉक ड्रिल कर अध्यापकों और छात्रों को प्रशिक्षित और सचेत किया। विद्यार्थियों और अध्यापकों को सीपीआर प्रक्रिया के बारे विस्तृत जानकारी दी। टीम ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को बताया कि हड्डी टूटने पर कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए, बाढ़ आने पर लोगों को पानी में डूबने से कैसे बचाया जाए और बाढ़ आने पर कौन-कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए। जिंदगी बचाने के लिए लाइफ जैकेट का जुगाड़ करना भी सिखाया गया।
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टीम ने बच्चों को जागरूक किया कि बिजली गिरने पर छाता नहीं खोलना चाहिए और मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। भूकंप से बचने के लिए ड्रॉप, कवर और होल्ड तकनीक का प्रशिक्षण दिया गया। बताया कि भूकंप आने पर सबसे पहले अपने सिर को ढककर 65 सेकंड के लिए बैठ जाना चाहिए। यदि आग लग जाए तो भागना और दौड़ना नहीं चाहिए। बल्कि एसडीआर तरीके को अपनाकर रुकना, लेटना और लुढ़कते हुए सुरक्षित स्थान पर पहुंचना चाहिए। एनडीआरएफ के इंस्पेक्टर मिलाप चंद, सब इंस्पेक्टर पीआर झा, सब इंस्पेक्टर हरदीप सिंह, एएसआई बाल कृष्ण, एएसआई पवन कुमार के साथ 20 जवानों ने विद्यार्थियों को जागरूक किया।
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