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Kathua News: वायु सेना प्रमुख ने एनसीसी कैडेट मोहित को सराहा
Thu, 12 Jun 2025 01:46 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Thu, 12 Jun 2025 01:46 AM IST
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एनसीसी कैडेट मोहित कनाथिया।
कठुआ। राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के एवरेस्ट अभियान दल के साथ संवाद के दौरान वायु सेना प्रमुख (सीएएस) ने स्थानीय कैडेट मोहित कनाथिया को कमेंडेशन कार्ड से सम्मानित किया।
कैडेट मोहित उन केवल पांच पुरुष कैडेटों में शामिल थे जिन्होंने हाल ही में संपन्न एनसीसी एवरेस्ट अभियान के दौरान दुनिया की सबसे ऊंची चोटी को फतह किया था। उनके इस साहसिक कारनामे, कठिन परिस्थितियों में दिखाए गए धैर्य और दृढ़ निश्चय के लिए उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया है।
निकटवर्ती गांव कीड़ियां गंडियाल निवासी 18 वर्षीय मोहित राजकीय डिग्री कॉलेज कठुआ के छात्र और एनसीसी की चार जम्मू कश्मीर बटालियन के कैडेट हैं। मोहित की पारिवारिक परिस्थितियां अनुकूल नहीं थी। इसलिए उनका घर से निकलना और एवरेस्ट पर चढ़ाई पूरी करने का सफर सपने जैसा था।
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इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। इसलिए मोहित 14 अगस्त को एनसीसी कैडेट्स के दल के साथ दिल्ली गए और वहीं उनका चयन इस अभियान के लिए किया गया।
इसके बाद कठिन दौर शुरू हो गया जब उन्हें अपना शरीर और परिस्थितियां एवरेस्ट की चढ़ाई के लिए ढालनी थी। गहन प्रारंभिक प्रशिक्षण के लिए मोहित ने माउंट अबीगामिन पर प्री-एवरेस्ट चढ़ाई की।
मोहित ने सेना पर्वतारोहण संस्थान की देखरेख में सियाचिन बेस कैंप में लगे शीतकालीन प्रशिक्षण शिविर में भी भाग लिया। मोहित ने बताया उनके पिता श्रमिक हैं। उनके परिश्रम ने ही मोहित को एवरेस्ट पर चढ़ने का हौसला दिया।
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कैडेट मोहित उन केवल पांच पुरुष कैडेटों में शामिल थे जिन्होंने हाल ही में संपन्न एनसीसी एवरेस्ट अभियान के दौरान दुनिया की सबसे ऊंची चोटी को फतह किया था। उनके इस साहसिक कारनामे, कठिन परिस्थितियों में दिखाए गए धैर्य और दृढ़ निश्चय के लिए उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया है।
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निकटवर्ती गांव कीड़ियां गंडियाल निवासी 18 वर्षीय मोहित राजकीय डिग्री कॉलेज कठुआ के छात्र और एनसीसी की चार जम्मू कश्मीर बटालियन के कैडेट हैं। मोहित की पारिवारिक परिस्थितियां अनुकूल नहीं थी। इसलिए उनका घर से निकलना और एवरेस्ट पर चढ़ाई पूरी करने का सफर सपने जैसा था।
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इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। इसलिए मोहित 14 अगस्त को एनसीसी कैडेट्स के दल के साथ दिल्ली गए और वहीं उनका चयन इस अभियान के लिए किया गया।
इसके बाद कठिन दौर शुरू हो गया जब उन्हें अपना शरीर और परिस्थितियां एवरेस्ट की चढ़ाई के लिए ढालनी थी। गहन प्रारंभिक प्रशिक्षण के लिए मोहित ने माउंट अबीगामिन पर प्री-एवरेस्ट चढ़ाई की।
मोहित ने सेना पर्वतारोहण संस्थान की देखरेख में सियाचिन बेस कैंप में लगे शीतकालीन प्रशिक्षण शिविर में भी भाग लिया। मोहित ने बताया उनके पिता श्रमिक हैं। उनके परिश्रम ने ही मोहित को एवरेस्ट पर चढ़ने का हौसला दिया।