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Kathua News: नाले के ओवर फ्लो होने से तालाब बना कोर्ट रोड
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कठुआ। शहर के गुज्जर हाॅस्टल से सटे नाले के आए दिन ओवरफ्लो होने का क्रम आम हो गया है। सोमवार की सुबह एक फिर ओवर फ्लो हुए कूहल के पानी ने गुज्जर हाॅस्टल चौक से लेकर जेल रोड तक के क्षेत्र को तालाब में तब्दील कर दिया। हालांकि नाले के ओवरफ्लो होने के बाद नगर परिषद ने जेसीबी लगाकर सफाई करवाई लेकिन 10 बजे तक यहां वहां जमा गंदा पानी आने जाने वाले लोगों खासकर राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बना रहा।
बिना बारिश के सड़क पर इस तरह से हुए जलभराव को नगरी के रास्ते शहर में प्रवेश करने पर स्थानीय लोगों का कहना है कि इस रोज की समस्या का पक्का समाधान करने के लिए आज तक कोई पहल नहीं हुई है। जब भी पानी ओवर फ्लो होता है तो नगर परिषद के कर्मचारी आकर पानी को निकाल देते हैं लेकिन रोज-रोज की इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। इससे लोगों को परेशान होना नियति बन गया है।
समस्या के बाबत स्थानीय निवासी रमेश कुमार ने बताया कि करीब एक दशक पूर्व 12 करोड़ की लागत से शहीद भगत सिंह पार्क के चक गांव तक लोक निर्माण विभाग की ओर से सड़क का विस्तारीकरण और साथ बहने वाले सिंचाई विभाग की कूहल को पक्का करने के नाम पर नाला बना दिया गया। इसमें अब लोग भी अपने घरों का गंदा पानी डालते है। उक्त नाले में अब आए दिन ओवरफ्लो तो समस्या बनी ही हुई थी जिसका आज तक कोई समाधान नही हो सका था। आज सड़क के दूसरे छोर पर भी बना नाला ओवरफ्लो हो गया हैं। इससे बरसों से साफ नहीं किए गए नाले की गंदगी सड़क पर फैल गई है और लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। वहीं भारत भूषण ने सरकारी निर्माण में इस्तेमाल होने वाली इंजीनियरिंग पर सवाल उठाते हुए कहा कि शहर की इस व्यस्त सड़क पर बार-बार होने वाले जलभराव की समस्या को देखते हुए गत वर्ष भी लाखों का बजट खर्च कर सड़क के एक छोर पर डीप कवर्ड ड्रेन का निर्माण किया गया था लेकिन अब दूसरे छोर पर स्थित नाला ओवरफ्लो हो रहा है। इस स्थिति के कारण वहां से गुजरने वाले लोगों के साथ सबसे ज्यादा विद्यार्थियों को परेशान होना पड़ रहा है। इस दौरान अपने घर से महिला डिग्री कॉलेज जाने वाली छात्राएं या तो अपने जूते उतार कर पानी से निकलती रहीं या फिर कुछ को वहां से गुजरने वाले वाहनों का सहारा लेकर कॉलेज का सफर पूरा करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि समस्या का समाधान निर्माण से ज्यादा यहां सफाई व्यवस्था को प्रभावी बनाकर किया जा सकता है। लेकिन न तो सिंचाई विभाग इस कूहल का रखरखाव करता है और न ही नगर परिषद इसकी नियमित सफाई के लिए कोई व्यवस्था करता है।
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बिना बारिश के सड़क पर इस तरह से हुए जलभराव को नगरी के रास्ते शहर में प्रवेश करने पर स्थानीय लोगों का कहना है कि इस रोज की समस्या का पक्का समाधान करने के लिए आज तक कोई पहल नहीं हुई है। जब भी पानी ओवर फ्लो होता है तो नगर परिषद के कर्मचारी आकर पानी को निकाल देते हैं लेकिन रोज-रोज की इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। इससे लोगों को परेशान होना नियति बन गया है।
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समस्या के बाबत स्थानीय निवासी रमेश कुमार ने बताया कि करीब एक दशक पूर्व 12 करोड़ की लागत से शहीद भगत सिंह पार्क के चक गांव तक लोक निर्माण विभाग की ओर से सड़क का विस्तारीकरण और साथ बहने वाले सिंचाई विभाग की कूहल को पक्का करने के नाम पर नाला बना दिया गया। इसमें अब लोग भी अपने घरों का गंदा पानी डालते है। उक्त नाले में अब आए दिन ओवरफ्लो तो समस्या बनी ही हुई थी जिसका आज तक कोई समाधान नही हो सका था। आज सड़क के दूसरे छोर पर भी बना नाला ओवरफ्लो हो गया हैं। इससे बरसों से साफ नहीं किए गए नाले की गंदगी सड़क पर फैल गई है और लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। वहीं भारत भूषण ने सरकारी निर्माण में इस्तेमाल होने वाली इंजीनियरिंग पर सवाल उठाते हुए कहा कि शहर की इस व्यस्त सड़क पर बार-बार होने वाले जलभराव की समस्या को देखते हुए गत वर्ष भी लाखों का बजट खर्च कर सड़क के एक छोर पर डीप कवर्ड ड्रेन का निर्माण किया गया था लेकिन अब दूसरे छोर पर स्थित नाला ओवरफ्लो हो रहा है। इस स्थिति के कारण वहां से गुजरने वाले लोगों के साथ सबसे ज्यादा विद्यार्थियों को परेशान होना पड़ रहा है। इस दौरान अपने घर से महिला डिग्री कॉलेज जाने वाली छात्राएं या तो अपने जूते उतार कर पानी से निकलती रहीं या फिर कुछ को वहां से गुजरने वाले वाहनों का सहारा लेकर कॉलेज का सफर पूरा करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि समस्या का समाधान निर्माण से ज्यादा यहां सफाई व्यवस्था को प्रभावी बनाकर किया जा सकता है। लेकिन न तो सिंचाई विभाग इस कूहल का रखरखाव करता है और न ही नगर परिषद इसकी नियमित सफाई के लिए कोई व्यवस्था करता है।
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