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अब आरपार की लड़ाई का आ गया है वक्त
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अविश्वास प्रस्ताव उन्हीं लोगों के खिलाफ आता है, जो अपने सहयोगियों को साथ लेकर नहीं चल पाते हैं। कठुआ नगर परिषद के प्रधान नरेश शर्मा के खिलाफ आया अविश्वास प्रस्ताव अलग नहीं है। यह बात वार्ड 2 से पार्षद व नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष रजिंदर सिंह बब्बी ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि अब अगर अविश्वास प्रस्ताव आ ही गया है, तो अब आरपार की लड़ाई का वक्त आ गया है। क्योंकि वर्तमान नगर परिषद में पार्षदों के न तो काम हो रहे हैं और न ही किसी भी काम में उन्हें विश्वास में लिया जा रहा है। जिसकेे कारण ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है।
पिछले दो बार के अविश्वास प्रस्ताव के गिर जाने पर उन्होंने कहा कि पहले वह भी पार्षद नहीं थे और अविश्वास जताने वाले पार्षदों की संख्या भी कम थी, लेकिन इस बार अविश्वास प्रस्ताव पर 12 पार्षदों ने अपने हस्ताक्षर किए हैं, जबकि वार्ड 5 के पार्षद भी अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले पार्षदों के साथ ही हैं।
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पार्षदों द्वारा लगाए अविश्वास प्रस्ताव को उनके द्वारा प्रेरित बताए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि पहले तो नगर परिषद के समक्ष किसी भी तरह का संकट खड़ा करने में उनका कोई हाथ नहीं है।
अगर किसी को लगता है कि वह वर्तमान हालात के लिए जिम्मेदार हैं, तो इसके पीछे उनका डर है और मेरे लिए यह अच्छी बात है। अब केवल आने वाले दिनों का इंतजार है, जब यह तय होगा कि नगर परिषद का प्रधान कौन बनेगा। क्योंकि यहां ज्यादातर पार्षद नगर परिषद के प्रधान की कार्यप्रणाली से खुश नहीं है।
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उन्होंने कहा कि अब अगर अविश्वास प्रस्ताव आ ही गया है, तो अब आरपार की लड़ाई का वक्त आ गया है। क्योंकि वर्तमान नगर परिषद में पार्षदों के न तो काम हो रहे हैं और न ही किसी भी काम में उन्हें विश्वास में लिया जा रहा है। जिसकेे कारण ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है।
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पिछले दो बार के अविश्वास प्रस्ताव के गिर जाने पर उन्होंने कहा कि पहले वह भी पार्षद नहीं थे और अविश्वास जताने वाले पार्षदों की संख्या भी कम थी, लेकिन इस बार अविश्वास प्रस्ताव पर 12 पार्षदों ने अपने हस्ताक्षर किए हैं, जबकि वार्ड 5 के पार्षद भी अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले पार्षदों के साथ ही हैं।
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पार्षदों द्वारा लगाए अविश्वास प्रस्ताव को उनके द्वारा प्रेरित बताए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि पहले तो नगर परिषद के समक्ष किसी भी तरह का संकट खड़ा करने में उनका कोई हाथ नहीं है।
अगर किसी को लगता है कि वह वर्तमान हालात के लिए जिम्मेदार हैं, तो इसके पीछे उनका डर है और मेरे लिए यह अच्छी बात है। अब केवल आने वाले दिनों का इंतजार है, जब यह तय होगा कि नगर परिषद का प्रधान कौन बनेगा। क्योंकि यहां ज्यादातर पार्षद नगर परिषद के प्रधान की कार्यप्रणाली से खुश नहीं है।