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भाजपा को चुनौती बन सकते हैं विधायक
ब्यूरो/अमर उजाला, कठुआ
Updated Wed, 05 Nov 2014 02:03 AM IST
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मोदी लहर के बीच भाजपा के मजबूत गढ़ के रूप में उभर रहे कठुआ जिले में पार्टी के विधायकों की बगावत मिशन 44 प्लस को प्रभावित कर सकती है।
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टिकट कटने से गुस्साए विधायकों ने चुनाव लड़ने के संकेत दे दिए हैं। बसोहली विधायक जहां अगले कदम में कांग्रेस की टिकट से चुनाव लड़ सकते हैं वहीं बनी विधायक मास्टर लाल चंद और हीरानगर विधायक दुर्गादास ने सियासी भविष्य की गेंद कार्यकर्ताओं के पाले में डाल दी है।
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दोनों विधायकों का कहना है कि कार्यकर्ता उन्हें चुनाव लड़ने को मजबूर कर रहे हैं लेकिन कोई भी फैसला लेने से पूर्व आम राय बनाई जाएगी।
बसोहली विधानसभा क्षेत्र से विधायक जगदीश राज सपोलिया सोमवार को लखनपुर, महानपुर, बसोहली सहित अन्य कस्बों में कार्यकर्ताओं के साथ सभा कर चुके हैं। विधायक ने अमर उजाला को बताया कि बसोहली ने गैर स्थानीय नुमाइंदे का एक दशक से अधिक समय तक खामियाजा भुगता है।
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पिछड़ेपन और गैर स्थानीय नुमाइंदे के मुद्दे पर जनता ने उन्हें विधायक बनाया था। आज भाजपा ने संसदीय चुनावों में रिकॉर्ड समर्थन लेने के बाद बसोहली की जनता की आवाज को दरकिनार कर दिया है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने उनसे संपर्क किया है। समर्थकों ने सुझाव दिया है कि चुनाव को पार्टी टिकट से लड़ा जाए। लिहाजा कांग्रेस का विकल्प खुला है।
उधर बनी विधायक मास्टर लाल चंद ने कहा कि पार्टी का फैसला समझ से परे है। कार्यकर्ता उन पर चुनाव लड़ने के लिए दबाव बना रहे हैं। वह कोई भी फैसला लेने से पूर्व आम राय बनाएंगे। इसके लिए 9 नवंबर को बैठक प्रस्तावित है।
हीरानगर के विधायक दुर्गादास ने कहा कि छह साल तक उन्होंने गांव और मोहड़े स्तर तक विकास पहुंचाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया।
टिकट नहीं मिलने पर वह हैरान हैं तो कार्यकर्ता निराश हैं। उन्हें चुनाव लड़ने के सुझाव मिल रहे हैं लेकिन औपचारिक बैठक करने के बाद ही वह नतीजे पर पहुंचेंगे। आम मतदाता पार्टी से ऊपर होते हैं।
जनता यदि उन्हें पार्टी के फैसले के साथ चलने को कहेगी तो वह निश्चित रूप से सहयोग करेंगे अन्यथा अन्य सभी विकल्पों पर विचार होगा।