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Kathua News: मिडिल स्कूल डंडियोट संदरूण हुआ बदहाल, अध्यापकों की भी कमी
Thu, 01 May 2025 01:44 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Thu, 01 May 2025 01:44 AM IST
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डंडियोट संदरूण स्कूल की खस्ताहाल इमारत। संवाद
- फोटो : kathua
बनी। 1959 में स्थापित मिडिल स्कूल डंडियोट, संदरूण आज बदहाली की तस्वीर बन चुका है। यह विद्यालय क्षेत्र के चार प्राथमिक स्कूलों — न्यू प्राइमरी स्कूल कोटड़ी, न्यू प्राइमरी स्कूल डंडी, न्यू प्राइमरी स्कूल हाथन और दौहला का पे-आउट सेंटर है, लेकिन इसकी स्थिति अत्यंत चिंताजनक है।
वर्तमान समय में यहां 100 से अधिक छात्र पंजीकृत हैं, मगर स्कूल में मात्र दो शिक्षक कार्यरत हैं। इतने छात्रों की पढ़ाई सिर्फ दो शिक्षकों के भरोसे चल रही है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता पर गंभीर असर पड़ रहा है। हालात इतने खराब हैं कि स्कूल के कुछ हिस्सों में आज भी दीवारों पर मिट्टी का पुराना जमाने का लेप लगा हुआ है, जो न केवल खतरनाक है बल्कि साफ तौर पर दिखाता है कि इस इमारत की मरम्मत दशकों से नहीं हुई। स्थानीय ग्रामीण पारस राम ने बताया कि स्कूल की हालत दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है। बच्चों के लिए न तो पर्याप्त स्टाफ है, न ही सुरक्षित भवन। हमने कई बार अधिकारियों को सूचित किया है, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उत्तम चंद ने कहा कि हम अपने बच्चों को शिक्षा दिलाने के लिए इस स्कूल पर निर्भर हैं। सरकार को चाहिए कि तुरंत शिक्षकों की नियुक्ति करे, और स्कूल भवन की मरम्मत कराए ताकि बच्चों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। ग्रामीणों ने मांग की है कि स्कूल की स्थिति पर शीघ्र संज्ञान लिया जाए। संवाद
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वर्तमान समय में यहां 100 से अधिक छात्र पंजीकृत हैं, मगर स्कूल में मात्र दो शिक्षक कार्यरत हैं। इतने छात्रों की पढ़ाई सिर्फ दो शिक्षकों के भरोसे चल रही है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता पर गंभीर असर पड़ रहा है। हालात इतने खराब हैं कि स्कूल के कुछ हिस्सों में आज भी दीवारों पर मिट्टी का पुराना जमाने का लेप लगा हुआ है, जो न केवल खतरनाक है बल्कि साफ तौर पर दिखाता है कि इस इमारत की मरम्मत दशकों से नहीं हुई। स्थानीय ग्रामीण पारस राम ने बताया कि स्कूल की हालत दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है। बच्चों के लिए न तो पर्याप्त स्टाफ है, न ही सुरक्षित भवन। हमने कई बार अधिकारियों को सूचित किया है, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उत्तम चंद ने कहा कि हम अपने बच्चों को शिक्षा दिलाने के लिए इस स्कूल पर निर्भर हैं। सरकार को चाहिए कि तुरंत शिक्षकों की नियुक्ति करे, और स्कूल भवन की मरम्मत कराए ताकि बच्चों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। ग्रामीणों ने मांग की है कि स्कूल की स्थिति पर शीघ्र संज्ञान लिया जाए। संवाद
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