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Kathua News: रागी जत्थों ने गुरबाणी कीर्तन से किया गुरु की महिमा का बखान
Tue, 17 Jun 2025 01:42 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Tue, 17 Jun 2025 01:42 AM IST
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कठुआ शहर के मुखर्जी चौक स्थित गुरुद्वारा सिंह सभा में माथा टेकती संगत।
कठुआ। गुरु अर्जन देव का शहीदी पर्व सोमवार को शहर के मुखर्जी चौक स्थित गुरुद्वारा सिंह सभा में मनाया गया। सिख संगत समेत सभी धर्मों को मानने वालों ने भी इस कार्यक्रम में शामिल होकर गुरु के प्रति अपनी आस्था प्रदर्शित की। युवा सिख संगत ने छबील लगाकर राहगीरों को ठंडा पानी पिलाया।
सुखमनी सोसायटी के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ शनिवार को हुआ। उस दिन गुरु ग्रंथ साहिब के अखंड पाठ के भोग के साथ दीवान सजाया गया। इस दौरान रागी जत्थों में शामिल पंजाब के रागी भाई हरजीत सिंह जसवाल और कठुआ सिंह सभा के भाई बलजीत सिंह ने मधुर कंठ से गुरु की महिमा का बखान कर संगत को निहाल किया।
रोपड़, पंजाब से आए प्रचारक मनिंदर पाल सिंह ने धर्म का इतिहास बताया। प्रचारक ने कहा कि गुरु अर्जन देव की शहादत दुनिया के लिए शिरोमणि के रूप में जानी जाती है।
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उन्होंने बताया कि गुरु अर्जन देव ने मुगलों के अत्याचार के खिलाफ अपनी शहादत से धर्म की रक्षा कर इसे और मजबूती प्रदान की। उनकी शहादत हमेशा से प्रेरणा का स्रोत रही है। वह आगामी पीढ़ी का भी मार्गदर्शन करती रहेगी। गुरु अर्जन देव ने अमृतसर साहिब में हरिमंदर साहिब की स्थापना करके सिखों को केंद्रीय आध्यात्मिक स्थान दिया। अंत में गुरु के लंगर का आयोजन किया गया। इसमें संगत ने प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर जिला गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान चरणजीत सिंह भोला, उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह, महासचिव सरदार परवीन सिंह, कोषाध्यक्ष दलजीत सिंह काला, हरभजन सिंह, कश्मीर सिंह आदि मौजूद रहे।
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सुखमनी सोसायटी के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ शनिवार को हुआ। उस दिन गुरु ग्रंथ साहिब के अखंड पाठ के भोग के साथ दीवान सजाया गया। इस दौरान रागी जत्थों में शामिल पंजाब के रागी भाई हरजीत सिंह जसवाल और कठुआ सिंह सभा के भाई बलजीत सिंह ने मधुर कंठ से गुरु की महिमा का बखान कर संगत को निहाल किया।
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रोपड़, पंजाब से आए प्रचारक मनिंदर पाल सिंह ने धर्म का इतिहास बताया। प्रचारक ने कहा कि गुरु अर्जन देव की शहादत दुनिया के लिए शिरोमणि के रूप में जानी जाती है।
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उन्होंने बताया कि गुरु अर्जन देव ने मुगलों के अत्याचार के खिलाफ अपनी शहादत से धर्म की रक्षा कर इसे और मजबूती प्रदान की। उनकी शहादत हमेशा से प्रेरणा का स्रोत रही है। वह आगामी पीढ़ी का भी मार्गदर्शन करती रहेगी। गुरु अर्जन देव ने अमृतसर साहिब में हरिमंदर साहिब की स्थापना करके सिखों को केंद्रीय आध्यात्मिक स्थान दिया। अंत में गुरु के लंगर का आयोजन किया गया। इसमें संगत ने प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर जिला गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान चरणजीत सिंह भोला, उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह, महासचिव सरदार परवीन सिंह, कोषाध्यक्ष दलजीत सिंह काला, हरभजन सिंह, कश्मीर सिंह आदि मौजूद रहे।

कठुआ शहर के मुखर्जी चौक स्थित गुरुद्वारा सिंह सभा में माथा टेकती संगत।

कठुआ शहर के मुखर्जी चौक स्थित गुरुद्वारा सिंह सभा में माथा टेकती संगत।