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Kathua News: स्पेशलिस्ट डॉक्टरों का अभाव, रेफरल स्टेशन बना अस्पताल

Thu, 20 Mar 2025 01:58 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ Updated Thu, 20 Mar 2025 01:58 AM IST
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Lack of specialist doctors, hospital becomes referral station
नगरी उपजिला अस्पताल। संवाद - फोटो : kathua
चार डॉक्टरों के पद खाली, आनन-फानन जीएमसी कठुआ भेजे जा रहे मरीज
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कठुआ। चालीस हजार की आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने वाला उपजिला अस्पताल सिर्फ रेफरल स्टेशन बनकर रह गया है। तबादले के कारण खाली हुए स्पेशलिस्ट डाॅक्टरों के पद लंबे समय से खाली हैं। इसके चलते मरीजों को इलाज के लिए जीएमसी कठुआ भेजा जा रहा है। इसमें प्रसव और दुर्घटना में घायल होने वाले मरीज सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
जिला मुख्यालय से मात्र 12 किलोमीटर दूर स्थित नगरी उपजिला अस्पताल में चार स्पेशलिस्ट डाॅक्टरों सहित 11 चिकित्सा अधिकारी के पद स्वीकृत किए गए हैं। कहने को तो अस्पताल में एनेस्थीसिया, स्त्री रोग, बाल रोग और सर्जन डॉक्टर के पद हैं, लेकिन वर्तमान में एक भी उपलब्ध नहीं है। एक के बाद एक स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के तबादले से खाली पदों को स्वास्थ्य विभाग की ओर भरे नहीं गए हैं। इसके चलते सैकड़ों गांव स्थानीय लोगों को राजकीय मेडिकल कॉलेज का रुख करना पड़ता है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि दस साल पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से उपजिला अस्पताल बनने से आशा जगी थी, जो समय के साथ धराशायी होती दिखाई दे रही है। एक साथ चार स्पेशलिस्ट डॉक्टर मिलना तो दूर वर्तमान में एक भी उपलब्ध नहीं है।
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प्रसव और दुर्घटना के मरीज हो रहे सबसे ज्यादा प्रभावित




विशेषज्ञों की कमी के कारण अस्पताल में मरीजों का जीएमसी कठुआ में आना मजबूरी बना हुआ है। प्रतिदिन 100 की करीब मरीजों की ओपीडी वाले अस्पताल के मरीजों को जरूरत पड़ने पर 12 किलोमीटर दूर जीएमसी कठुआ या फिर 100 किलोमीटर दूर जीएमसी जम्मू ही जाना पड़ता है। सबसे ज्यादा परेशानी प्रसव और दुर्घटनाओं के मामले में मरीजों का उठानी पड़ रही है। हालात इतने दयनीय हैं कि गर्भवती महिलाओं को अस्पताल में स्त्री रोग डाॅक्टर न होने पर नियमित जांच के लिए भी लंबा सफर तय कर मेडिकल कॉलेज आना पड़ रहा है। कई बार विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण कई मरीजों को सही समय पर उपचार भी नहीं उपलब्ध हो पाता है।


चार स्पेशलिस्ट और तीन मेडिकल ऑफिसर के पद हैं खाली


चिकित्सा स्टाफ की कमी के चलते अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह प्रभावित हो रही हैं। अस्पताल में चार स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के अलावा तीन चिकित्सा अधिकारियों के रिक्त पड़े हैं। हालांकि उपजिला अस्पताल में 11 चिकित्सा अधिकारियों के पद स्वीकृत हैं। इसमें आठ भरे हुए हैं। वास्तव में इन्हीं आठ चिकित्सा अधिकारियों के सहारे 24 घंटे अस्पताल चलाया जा रहा है। संवाद

अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने की हर संभव कोशिश की जाती है। मगर विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी से कुछ समस्याएं आती हैं। इसके लिए जिला के मुख्य चिकित्सा अधिकारी के माध्यम से कई बार सरकार को अवगत करवा चुके हैं। जल्द स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के पद भरे जाएंगे।


-डॉ. विवेक मगोत्रा, ब्लॉक मेडिकल अधिकारी परोल
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