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Kathua News: प्रमाणपत्र जारी नहीं होने पर ओबीसी विकास मंच ने जताया रोष
Tue, 23 Dec 2025 02:37 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Tue, 23 Dec 2025 02:37 AM IST
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शहरी क्षेत्र में रहने वाली सभी ओबीसी समाज की सभी जातियों को ओबीस प्रमाणपत्र दिए जाने की मांग कर
पुरानी व्यवस्था के तहत हटाई गई जाति के लोगों को लाभ देने की मांग की
कठुआ। शहरी क्षेत्र में रहने वाले ओबीसी समाज के कुम्हार, नाई, तेली और धोबी जातियों के लोगों को ओबीसी प्रमाण पत्र जारी नहीं किए जाने पर ओबीसी विकास मंच की कठुआ इकाई ने कड़ा रोष जताया है। सोमवार को शहर के पारलीवंड स्थित संत गोरा जी महाराज के मंदिर में जमा हुए ओबीसी समाज की विभिन्न बिरादरी के सदस्यों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और तुरंत पुरानी व्यवस्था के तहत हटाई गई जाति के लोगों को लाभ देने की मांग की।
इससे पूर्व मंदिर में विशेष बैठक का आयोजन किया गया। प्रजापति सभा के प्रधान बिशनदास की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में ओबीसी समाज के इस मुद्दे पर चर्चा की गई। इसमें ओबीसी कैटेगरी से आने वाले विभिन्न बिरादरियों के सदस्यों ने संयुक्त रूप से इसके खिलाफ एक मंच पर आकर आवाज बुलंद करने पर सहमति बनाई।
इस मौके पर वक्ताओं में शामिल रमेश चंद्र ने कहा कि मंडल कमीशन की रिपोर्ट के लागू होने के बाद से देश में 40 से अधिक जाति के लोगों को ओबीसी कैटेगरी में रखा गया था। इन्हें समान रूप से इस कैटेगरी में आरक्षण का लाभ मिलता रहा है। मगर पिछले दिनों से प्रशासन ने शहरी क्षेत्र में रहने वाले कुम्हार, नाई, तेली और धोबी का काम करने वाली जातियों को ओबीसी प्रमाण पत्र देना बंद कर दिया है। उन्हें इसका पता हाल के दिनों में विभिन्न केंद्रीय बलों और सेना में होने वाली भर्ती के दौरान पता चला है, जबकि इस कैटेगरी में आने वाले युवा आरक्षण का लाभ लेने के लिए ओबीसी प्रमाण पत्र बनवाने के लिए डीसी के कार्यालय पहुंचे।
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अर्पण वर्मा ने कहा कि ओबीसी समाज के कुम्हार, नाई, तेली और धोबी जातियों के लोगों को ओबीसी प्रमाण पत्र जारी न किए जाने का फैसला चोर दरवाजे से किया गया है। नियमों में किए जाने वाले बदलाव की उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई। सीधे तौर यह सोची-समझ़ी साजिश है जिसे लागू कर उनके समाज को बांटने का प्रयास किया गया है। मंच के बैनर तले प्रदर्शन करने वाले लोगों ने मांग की सभी ओबीसी समाज के लोगों को ओबीसी प्रमाण पत्र जारी किए जाने की मांग की। इस मौके पर पूरन सिंह, प्रीतम चंद, बनारसी लाल, मोहम्मद इकबाल, कैप्टन देव राज वर्मा, जगदीश राज, विशंभर दास, ठाकुर दास, संजय कुमार मौजूद रहे।
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कठुआ। शहरी क्षेत्र में रहने वाले ओबीसी समाज के कुम्हार, नाई, तेली और धोबी जातियों के लोगों को ओबीसी प्रमाण पत्र जारी नहीं किए जाने पर ओबीसी विकास मंच की कठुआ इकाई ने कड़ा रोष जताया है। सोमवार को शहर के पारलीवंड स्थित संत गोरा जी महाराज के मंदिर में जमा हुए ओबीसी समाज की विभिन्न बिरादरी के सदस्यों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और तुरंत पुरानी व्यवस्था के तहत हटाई गई जाति के लोगों को लाभ देने की मांग की।
इससे पूर्व मंदिर में विशेष बैठक का आयोजन किया गया। प्रजापति सभा के प्रधान बिशनदास की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में ओबीसी समाज के इस मुद्दे पर चर्चा की गई। इसमें ओबीसी कैटेगरी से आने वाले विभिन्न बिरादरियों के सदस्यों ने संयुक्त रूप से इसके खिलाफ एक मंच पर आकर आवाज बुलंद करने पर सहमति बनाई।
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इस मौके पर वक्ताओं में शामिल रमेश चंद्र ने कहा कि मंडल कमीशन की रिपोर्ट के लागू होने के बाद से देश में 40 से अधिक जाति के लोगों को ओबीसी कैटेगरी में रखा गया था। इन्हें समान रूप से इस कैटेगरी में आरक्षण का लाभ मिलता रहा है। मगर पिछले दिनों से प्रशासन ने शहरी क्षेत्र में रहने वाले कुम्हार, नाई, तेली और धोबी का काम करने वाली जातियों को ओबीसी प्रमाण पत्र देना बंद कर दिया है। उन्हें इसका पता हाल के दिनों में विभिन्न केंद्रीय बलों और सेना में होने वाली भर्ती के दौरान पता चला है, जबकि इस कैटेगरी में आने वाले युवा आरक्षण का लाभ लेने के लिए ओबीसी प्रमाण पत्र बनवाने के लिए डीसी के कार्यालय पहुंचे।
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अर्पण वर्मा ने कहा कि ओबीसी समाज के कुम्हार, नाई, तेली और धोबी जातियों के लोगों को ओबीसी प्रमाण पत्र जारी न किए जाने का फैसला चोर दरवाजे से किया गया है। नियमों में किए जाने वाले बदलाव की उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई। सीधे तौर यह सोची-समझ़ी साजिश है जिसे लागू कर उनके समाज को बांटने का प्रयास किया गया है। मंच के बैनर तले प्रदर्शन करने वाले लोगों ने मांग की सभी ओबीसी समाज के लोगों को ओबीसी प्रमाण पत्र जारी किए जाने की मांग की। इस मौके पर पूरन सिंह, प्रीतम चंद, बनारसी लाल, मोहम्मद इकबाल, कैप्टन देव राज वर्मा, जगदीश राज, विशंभर दास, ठाकुर दास, संजय कुमार मौजूद रहे।