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Kathua News: जिला में डेंगू का प्रकोप जारी, एक महीना कठिन, एहतियात बरतें लोग
Sat, 07 Oct 2023 04:30 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Sat, 07 Oct 2023 04:30 AM IST
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-शुक्रवार को 8 मामले आए सामने, टूटा पिछले साल का रिकॉर्ड
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिले में डेंगू का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा। दिन-ब-दिन हालात बिगड़ते जा रहे हैं। वीरवार को जिला में 17 मामले सामने आए। जबकि, शुक्रवार को आई रिपोर्ट में जिले के 8 लोग डेंगू पीड़ित पाए गए। इससे जिला में इस सीजन के दौरान डेंगू से ग्रस्त होने वाले लोगों की संख्या 220 पहुंच गई। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मानते हैं कि अक्तूबर के अगले तीन सप्ताह और नवंबर का पहला हफ्ता लोगों के लिए कठिन रहने वाला है। इस दौरान डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी की प्रबल संभावना है।
हालांकि, इस दौरान अगर बरसात हुई और मौसम में ठंडक आई तो डेंगू का असर तेजी से कम हो सकता है। लेकिन, तब तक लोगों को सबसे अधिक सावधान रहने की आवश्यकता है। बता दें कि जिला में सबसे अधिक प्रभावित वार्ड 14 में 18 मामले सामने आ चुके हैं। जबकि, सीटीएम में भी 11 मामले पाए गए। इसके अलावा वार्ड 12 और वार्ड 17 में 9-9 मामले सामने आए। जबकि वार्ड वार्ड 4 में 8 और चड़वाल में 6 मामले सामने आए। वहीं, हीरानगर और नगरी परोल ब्लॉक में भी डेंगू के मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है।
सावन चक में पानी की कमी बनी डेंगू प्रसार का कारण
स्वास्थ्य विभाग के जुटाए आंकड़ों के मुताबिक अब तक कुल पॉजिटिव मिले 220 मामलों में 70 फीसदी मामले शहरी इलाके से सामने आए हैं। इनमें भी वार्ड 14 का सावन चक एक ऐसा मोहल्ला है। जहां इस सीजन के दौरान अब तक 18 मामले सामने आ चुके हैं। एक ही मोहल्ले से इतने मामले सामने आने पर स्वास्थ्य विभाग भी चिंतित है। स्वास्थ्य विभाग ने सावन चक का जो सर्वे करवाया। उसमें यह बात सामने आई है कि उक्त क्षेत्र में पानी की भारी कमी है। लोगों को एक ही समय पानी मिल पाता है। ऐसे में पानी को स्टोर करना लोगों की मजबूरी है। इसके चलते स्टोर पानी में डेंगू का लारवा पनपता है और लोग उसके शिकार बनते हैं। इसके अलावा वार्ड का काफी हिस्सा अविकसित है। खाली पड़े प्लाटों में जमा पानी डेंगू को पनपने में मदद कर रहा है।
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फरवरी से चलाया जा रहा जागरूकता अभियान: डीएचओ
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. उत्तम चंद का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग फरवरी से ही जागरूकता अभियान चला रहा है। ताकि, जिला में सीजन से पहले ही लोग डेंगू और मलेरिया के प्रति जागरूक हों। बार-बार लोगों को जागरूक करने के बावजूद लोग लापरवाही दिखा रहे हैं। बताया कि वार्ड 14 में सर्वे के दौरान पाया गया कि एक घर की छत पर टायरों का ढेर लगा था। जब चैक किया तो उसमें डेंगू का लारवा पाया और उस घर के आसपास मरीज भी सामने आए। इसके बाद लारवा नष्ट कर टायरों को अन्यत्र जगह पर रखवाया। ताकि, उसमें बरसात का पानी जमा न हो पाए। लोग जागरूक होंगे तो ही डेंगू का प्रसार रोका जा सकता है।
पानी की कमी से सावन चक हुआ प्रभावित: डीएमओ
जिला मलेरिया अफसर डॉ. सोहन लाल का कहना है कि सावन चक में लगातार उनकी टीमें लोगों को जागरूक कर रही हैं। नियमित स्प्रे कराया जा रहा है। लेकिन, पानी के कमी के कारण पानी स्टोर करना लोगों की मजबूरी है। हालांकि, लगातार चलाए जा रहे अभियान में लोगों को समझाया जा रहा है कि सप्ताह में कम से कम दो बार पानी स्टोर करने वाले बर्तनों या अन्य संसाधनों को खाली किया जाए। उन्हें सुखा कर उसमें ताजा पानी भरा जाए तो डेंगू का खतरा काफी हद तक कम हो सकता है।
220 में 176 हुए रिकवर: सीएमओ
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश मगोत्रा ने बताया कि जिला में शुक्रवार को 8 नए मरीज सामने आए हैं। अब तक कुल 220 मरीजों की पहचान हुई है। इनमें से 176 रिकवर हो चुके हैं। जबकि 44 का इलाज चल रहा है। जिनमें से 41 मरीज होम आइसोलेट हैं और 3 का इलाज जीएमसी कठुआ में चल रहा है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसके अलावा एंटी लारवा टीमें स्प्रे कर डेंगू के लारवा की पहचान कर उसे नष्ट कर रही हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिले में डेंगू का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा। दिन-ब-दिन हालात बिगड़ते जा रहे हैं। वीरवार को जिला में 17 मामले सामने आए। जबकि, शुक्रवार को आई रिपोर्ट में जिले के 8 लोग डेंगू पीड़ित पाए गए। इससे जिला में इस सीजन के दौरान डेंगू से ग्रस्त होने वाले लोगों की संख्या 220 पहुंच गई। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मानते हैं कि अक्तूबर के अगले तीन सप्ताह और नवंबर का पहला हफ्ता लोगों के लिए कठिन रहने वाला है। इस दौरान डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी की प्रबल संभावना है।
हालांकि, इस दौरान अगर बरसात हुई और मौसम में ठंडक आई तो डेंगू का असर तेजी से कम हो सकता है। लेकिन, तब तक लोगों को सबसे अधिक सावधान रहने की आवश्यकता है। बता दें कि जिला में सबसे अधिक प्रभावित वार्ड 14 में 18 मामले सामने आ चुके हैं। जबकि, सीटीएम में भी 11 मामले पाए गए। इसके अलावा वार्ड 12 और वार्ड 17 में 9-9 मामले सामने आए। जबकि वार्ड वार्ड 4 में 8 और चड़वाल में 6 मामले सामने आए। वहीं, हीरानगर और नगरी परोल ब्लॉक में भी डेंगू के मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है।
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सावन चक में पानी की कमी बनी डेंगू प्रसार का कारण
स्वास्थ्य विभाग के जुटाए आंकड़ों के मुताबिक अब तक कुल पॉजिटिव मिले 220 मामलों में 70 फीसदी मामले शहरी इलाके से सामने आए हैं। इनमें भी वार्ड 14 का सावन चक एक ऐसा मोहल्ला है। जहां इस सीजन के दौरान अब तक 18 मामले सामने आ चुके हैं। एक ही मोहल्ले से इतने मामले सामने आने पर स्वास्थ्य विभाग भी चिंतित है। स्वास्थ्य विभाग ने सावन चक का जो सर्वे करवाया। उसमें यह बात सामने आई है कि उक्त क्षेत्र में पानी की भारी कमी है। लोगों को एक ही समय पानी मिल पाता है। ऐसे में पानी को स्टोर करना लोगों की मजबूरी है। इसके चलते स्टोर पानी में डेंगू का लारवा पनपता है और लोग उसके शिकार बनते हैं। इसके अलावा वार्ड का काफी हिस्सा अविकसित है। खाली पड़े प्लाटों में जमा पानी डेंगू को पनपने में मदद कर रहा है।
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फरवरी से चलाया जा रहा जागरूकता अभियान: डीएचओ
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. उत्तम चंद का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग फरवरी से ही जागरूकता अभियान चला रहा है। ताकि, जिला में सीजन से पहले ही लोग डेंगू और मलेरिया के प्रति जागरूक हों। बार-बार लोगों को जागरूक करने के बावजूद लोग लापरवाही दिखा रहे हैं। बताया कि वार्ड 14 में सर्वे के दौरान पाया गया कि एक घर की छत पर टायरों का ढेर लगा था। जब चैक किया तो उसमें डेंगू का लारवा पाया और उस घर के आसपास मरीज भी सामने आए। इसके बाद लारवा नष्ट कर टायरों को अन्यत्र जगह पर रखवाया। ताकि, उसमें बरसात का पानी जमा न हो पाए। लोग जागरूक होंगे तो ही डेंगू का प्रसार रोका जा सकता है।
पानी की कमी से सावन चक हुआ प्रभावित: डीएमओ
जिला मलेरिया अफसर डॉ. सोहन लाल का कहना है कि सावन चक में लगातार उनकी टीमें लोगों को जागरूक कर रही हैं। नियमित स्प्रे कराया जा रहा है। लेकिन, पानी के कमी के कारण पानी स्टोर करना लोगों की मजबूरी है। हालांकि, लगातार चलाए जा रहे अभियान में लोगों को समझाया जा रहा है कि सप्ताह में कम से कम दो बार पानी स्टोर करने वाले बर्तनों या अन्य संसाधनों को खाली किया जाए। उन्हें सुखा कर उसमें ताजा पानी भरा जाए तो डेंगू का खतरा काफी हद तक कम हो सकता है।
220 में 176 हुए रिकवर: सीएमओ
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश मगोत्रा ने बताया कि जिला में शुक्रवार को 8 नए मरीज सामने आए हैं। अब तक कुल 220 मरीजों की पहचान हुई है। इनमें से 176 रिकवर हो चुके हैं। जबकि 44 का इलाज चल रहा है। जिनमें से 41 मरीज होम आइसोलेट हैं और 3 का इलाज जीएमसी कठुआ में चल रहा है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसके अलावा एंटी लारवा टीमें स्प्रे कर डेंगू के लारवा की पहचान कर उसे नष्ट कर रही हैं।